कीमोथेरेपी के दौरान मुंह में छाले, जलन और दर्द होना एक आम समस्या हो सकती है। इसे ओरल म्यूकोसाइटिस (Oral Mucositis) कहा जाता है। कीमोथेरेपी (Chemotherapy) मुंह की अंदरूनी परत की तेजी से बढ़ने वाली स्वस्थ कोशिकाओं को भी प्रभावित कर सकती है, जिससे लालिमा, छाले, सूजन और दर्द हो सकता है। इससे खाना, पानी पीना और बोलना मुश्किल हो सकता है। सही मुंह की सफाई, नरम भोजन, पर्याप्त तरल पदार्थ और डॉक्टर द्वारा बताई गई दवाओं से इन समस्याओं को नियंत्रित करने में मदद मिल सकती है।
इस लेख में हम समझेंगे कि कीमोथेरेपी के दौरान मुंह में छाले क्यों होते हैं, इनके सामान्य लक्षण क्या हैं और घर पर मुंह की देखभाल कैसे करें। साथ ही, जानेंगे कि कौन-से भोजन से राहत मिल सकती है, किन चीजों से बचना चाहिए और किन लक्षणों में तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना जरूरी है।
कीमोथेरेपी से मुंह में छाले क्यों होते हैं?
मुंह के अंदर की त्वचा बहुत तेजी से नई कोशिकाएं बनाती है। कीमोथेरेपी कैंसर कोशिकाओं को खत्म करने के साथ शरीर की कुछ तेजी से बढ़ने वाली स्वस्थ कोशिकाओं को भी प्रभावित कर सकती है। इसका असर मुंह की अंदरूनी परत पर पड़ने से जलन, लालिमा और छाले हो सकते हैं। कुछ मरीजों में मुंह सूखना, स्वाद बदलना या संक्रमण भी साथ में हो सकते हैं।
म्यूकोसाइटिस की गंभीरता हर मरीज में अलग हो सकती है। कुछ लोगों को हल्की जलन होती है, जबकि कुछ मरीजों को इतने दर्दनाक छाले हो सकते हैं कि उनके लिए खाना और पानी पीना मुश्किल हो जाता है।
कीमोथेरेपी और उसके दूसरे दुष्प्रभावों के बारे में अधिक जानने के लिए कीमोथेरेपी के साइड इफेक्ट्स भी पढ़ सकते हैं।
मुंह के छालों के सामान्य लक्षण क्या हैं?
म्यूकोसाइटिस में केवल छाले ही नहीं होते। मुंह के अंदर कई तरह के बदलाव दिखाई दे सकते हैं। शुरुआत में मुंह में जलन या संवेदनशीलता महसूस हो सकती है और बाद में लाल या सफेद घाव दिखाई दे सकते हैं।
आम लक्षण
- मुंह में लालिमा या जलन
- जीभ, गाल या होंठ के अंदर छाले
- मसूड़ों में दर्द या सूजन
- खाना चबाते समय दर्द
- निगलने में परेशानी
- मुंह का सूखना
- स्वाद में बदलाव
- छालों से खून आना
अगर दर्द के कारण खाना या पानी पीना मुश्किल हो रहा है, तो इसे सामान्य समस्या समझकर नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। इससे शरीर में पानी की कमी और पोषण की कमी हो सकती है।
घर पर मुंह की सफाई कैसे रखें?
म्यूकोसाइटिस के दौरान मुंह साफ रखना बहुत जरूरी है। मुंह में भोजन के कण और बैक्टीरिया जमा होने से संक्रमण का खतरा बढ़ सकता है। इसलिए दांतों और मसूड़ों की सफाई धीरे और सावधानी से करनी चाहिए।
बहुत नरम ब्रिसल वाले टूथब्रश का इस्तेमाल करें और दांतों को जोर से न रगड़ें। यदि टूथपेस्ट से जलन होती है, तो डॉक्टर से किसी हल्के टूथपेस्ट के बारे में पूछें। मुंह को हल्के पानी या डॉक्टर द्वारा सुझाए गए माउथ रिंस से साफ रखा जा सकता है।
शराब वाले माउथवॉश से बचना बेहतर है, क्योंकि इससे मुंह में जलन और सूखापन बढ़ सकते हैं।
नमक और बेकिंग सोडा के पानी से कुल्ला
कुछ मरीजों में हल्के नमक या नमक और बेकिंग सोडा वाले पानी से कुल्ला करने की सलाह दी जा सकती है। इससे मुंह को साफ रखने और जलन कम करने में मदद मिल सकती है। राष्ट्रीय कैंसर संस्थान भी कैंसर उपचार (Cancer Treatment) के दौरान कुछ परिस्थितियों में हल्के नमक या बेकिंग सोडा वाले कुल्ले का सुझाव देता है।
हालांकि, कुल्ले का सही मिश्रण और कितनी बार करना है, यह आपकी चिकित्सा टीम से पूछना बेहतर है, खासकर अगर मुंह में ज्यादा छाले, खून आना या संक्रमण हो।
मुंह के छालों में क्या खाना चाहिए?
छालों के कारण चबाने और निगलने में दर्द हो सकता है। ऐसे में नरम और आसानी से निगलने वाला भोजन लेना आसान रहता है। भोजन को बहुत गर्म न खाएं और जरूरत पड़ने पर उसे छोटे टुकड़ों में या मुलायम रूप में लें।
ऐसे भोजन मददगार हो सकते हैं
- नरम खिचड़ी
- दलिया
- नरम चावल
- दही, यदि इससे जलन न हो
- सूप को हल्का गुनगुना करके
- नरम उबली सब्जियां
- अच्छी तरह पका हुआ और नरम भोजन
- जरूरत के अनुसार पोषण विशेषज्ञ द्वारा बताए गए तरल आहार
ठंडा या कमरे के तापमान वाला भोजन कुछ लोगों को गर्म भोजन की तुलना में अधिक आराम दे सकता है। छोटे-छोटे निवाले और धीरे-धीरे खाना भी मदद कर सकता है।
कैंसर उपचार के दौरान सही पोषण के बारे में कैंसर के दौरान डाइट और पोषण भी पढ़ें।
किन चीजों से बचना चाहिए?
मुंह में छाले होने पर कुछ खाद्य पदार्थ दर्द और जलन बढ़ा सकते हैं। खासकर तीखा, खट्टा, बहुत नमकीन, बहुत गर्म और कुरकुरा भोजन छालों को परेशान कर सकता है।
संतरा, नींबू, टमाटर जैसी खट्टी चीजें, मिर्च-मसालेदार भोजन, चिप्स जैसे कठोर खाद्य पदार्थ और बहुत गर्म चाय या कॉफी से बचना बेहतर हो सकता है। तंबाकू और शराब का इस्तेमाल भी नहीं करना चाहिए।
मुंह के छालों में दर्द से राहत कैसे मिले?
अगर छाले बहुत दर्दनाक हैं, तो डॉक्टर जरूरत के अनुसार दर्द कम करने वाली दवा, मुंह को सुन्न करने वाला जेल या विशेष माउथ रिंस दे सकते हैं। कौन-सी दवा का उपयोग करना है, यह छालों की गंभीरता और मरीज की दूसरी दवाओं पर निर्भर करता है।
अपने आप दर्द की दवा या एंटीबायोटिक शुरू न करें। कुछ दर्द की दवाएं कीमोथेरेपी के दौरान रक्तस्राव के जोखिम को प्रभावित कर सकती हैं। इसलिए कोई भी दवा लेने से पहले कैंसर विशेषज्ञ से पूछना जरूरी है।
कब डॉक्टर से तुरंत संपर्क करें?
हल्के छाले अक्सर इलाज के साथ धीरे-धीरे ठीक हो सकते हैं, लेकिन कुछ लक्षणों में डॉक्टर को तुरंत जानकारी देना जरूरी है। खासकर जब मुंह का दर्द खाने या पानी पीने में बाधा डालने लगे।
लक्षण | क्या करना चाहिए |
|---|---|
बहुत ज्यादा मुंह का दर्द | डॉक्टर को बताएं |
पानी पीना मुश्किल होना | जल्द चिकित्सा सलाह लें |
लगातार खून आना | तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें |
मुंह में सफेद परत या पैच | संक्रमण की जांच कराएं |
बुखार 38°C या उससे अधिक | तुरंत चिकित्सा टीम से संपर्क करें |
निगलने में ज्यादा परेशानी | जल्द जांच जरूरी है |
सांस लेने में परेशानी | तुरंत चिकित्सा सहायता लें |
कीमोथेरेपी के दौरान प्रतिरक्षा क्षमता कम हो सकती है, इसलिए मुंह में संक्रमण को जल्दी पहचानना महत्वपूर्ण है।
क्या मुंह के छाले इलाज के बाद ठीक हो जाते हैं?
कई मरीजों में कीमोथेरेपी से होने वाला म्यूकोसाइटिस उपचार खत्म होने के बाद धीरे-धीरे ठीक हो जाता है। National Library of Medicine के अनुसार, यदि संक्रमण जैसी समस्या न हो तो कीमोथेरेपी से हुआ म्यूकोसाइटिस आमतौर पर लगभग 2 से 4 सप्ताह में ठीक हो सकता है, हालांकि हर मरीज का अनुभव अलग हो सकता है।
इस दौरान मुंह की सफाई, पर्याप्त पोषण और पानी की मात्रा बनाए रखना महत्वपूर्ण है। अगर छाले लंबे समय तक बने रहें या लगातार बढ़ते जाएं, तो डॉक्टर से दोबारा जांच करवानी चाहिए।
आज ही परामर्श लें
कीमोथेरेपी के दौरान मुंह के छाले दर्दनाक हो सकते हैं और गंभीर होने पर खाना, पानी पीना और इलाज जारी रखना मुश्किल बना सकते हैं। Oncare Cancer Hospital में कैंसर उपचार के दौरान होने वाले ऐसे दुष्प्रभावों के लिए मरीज की स्थिति के अनुसार देखभाल और राहत की योजना बनाई जाती है। यदि छाले ज्यादा दर्दनाक हैं, खाने-पीने में परेशानी हो रही है या बुखार जैसे लक्षण हैं, तो Oncare Cancer Hospital के कैंसर विशेषज्ञों से परामर्श लें।
डिस्क्लेमर
यह ब्लॉग केवल सामान्य जानकारी के उद्देश्य से लिखा गया है। इसमें दी गई जानकारी डॉक्टर की सलाह का विकल्प नहीं है। किसी भी प्रकार के कैंसर, जांच रिपोर्ट या इलाज से संबंधित निर्णय लेने से पहले योग्य कैंसर विशेषज्ञ से सलाह अवश्य लें।
Frequently Asked Questions
क्या कीमोथेरेपी से मुंह में छाले होना सामान्य है?
हां, कुछ मरीजों में कीमोथेरेपी के कारण मुंह की अंदरूनी परत में सूजन और छाले हो सकते हैं।
मुंह के छालों में क्या खाना चाहिए?
नरम, गुनगुना या कमरे के तापमान वाला भोजन लें। तीखे, खट्टे, बहुत गर्म और कुरकुरे भोजन से बचें।
क्या नमक के पानी से कुल्ला कर सकते हैं?
कुछ मरीजों में हल्के नमक या नमक-बेकिंग सोडा वाले पानी से कुल्ला करने की सलाह दी जा सकती है। अपने डॉक्टर से सही मिश्रण और मात्रा पूछें।
मुंह के छाले कितने दिन में ठीक होते हैं?
कीमोथेरेपी से होने वाला म्यूकोसाइटिस कई मरीजों में उपचार के बाद धीरे-धीरे ठीक हो जाता है। कुछ मामलों में इसे ठीक होने में लगभग 2 से 4 सप्ताह लग सकते हैं।



