कीमोथेरेपी के दौरान उल्टी और मतली: रोकथाम और राहत के असरदार उपाय

oncare team
Updated on Oct 1, 2026 18:53 IST

By Dr. Gajendra Kumar Himanshu

कीमोथेरेपी के दौरान उल्टी और मतली

कीमोथेरेपी के दौरान मतली और उल्टी आम दुष्प्रभावों में शामिल हो सकती हैं। कुछ कीमोथेरेपी (chemotherapy) की दवाएं शरीर के उन हिस्सों को प्रभावित कर सकती हैं जो मतली और उल्टी को नियंत्रित करते हैं। इन्हें रोकने या कम करने के लिए डॉक्टर इलाज से पहले, इलाज के दौरान या बाद में मतली रोकने वाली दवाएं दे सकते हैं। इसके साथ थोड़ी-थोड़ी मात्रा में हल्का खाना, पर्याप्त तरल पदार्थ लेना, तेज गंध से बचना और खाना खाने के तुरंत बाद न लेटना कुछ मरीजों के लिए मददगार हो सकता है। अगर उल्टी बार-बार हो रही है, पानी भी शरीर में नहीं रुक रहा, पेशाब कम हो रहा है, चक्कर या बहुत कमजोरी महसूस हो रही है, तो तुरंत अपनी चिकित्सा टीम से संपर्क करना जरूरी है।

कीमोथेरेपी के कारण होने वाली मतली और उल्टी हर मरीज में एक जैसी नहीं होती। कुछ लोगों को इलाज के दौरान या उसके तुरंत बाद परेशानी शुरू हो सकती है, जबकि कुछ मरीजों में लक्षण कुछ घंटे या एक-दो दिन बाद दिखाई दे सकते हैं। इस ब्लॉग में हम आसान भाषा में समझेंगे कि कीमोथेरेपी के दौरान मतली और उल्टी क्यों होती है, इसके कौन-कौन से प्रकार हो सकते हैं, इसे रोकने के लिए कौन-सी दवाएं और आदतें मदद कर सकती हैं।

कीमोथेरेपी से मतली और उल्टी क्यों होती है?

कीमोथेरेपी की दवाएं कैंसर कोशिकाओं को खत्म करने के लिए काम करती हैं, लेकिन कुछ दवाएं शरीर के उन हिस्सों पर भी असर डाल सकती हैं जो मतली और उल्टी की प्रक्रिया को नियंत्रित करते हैं। कुछ कीमोथेरेपी दवाएं मस्तिष्क में उल्टी से जुड़े केंद्र को सक्रिय कर सकती हैं।

पाचन तंत्र पर असर, चिंता, पहले से मौजूद मतली या पिछले कीमोथेरेपी अनुभव के कारण भी यह समस्या बढ़ सकती है।

हर कीमोथेरेपी दवा से मतली और उल्टी का खतरा समान नहीं होता। दवा का प्रकार, उसकी मात्रा और दवाओं का संयोजन, साथ ही मरीज की स्वास्थ्य स्थिति और पहले के इलाज का अनुभव भी इस समस्या को प्रभावित कर सकता है।

अगर आप कीमोथेरेपी के दूसरे सामान्य दुष्प्रभावों को समझना चाहते हैं, तो कीमोथेरेपी के सामान्य साइड इफेक्ट्स के बारे में पढ़ सकते हैं।

कीमोथेरेपी के दौरान मतली और उल्टी कितने प्रकार की हो सकती है?

मतली और उल्टी केवल कीमोथेरेपी के समय ही नहीं होतीं। यह इलाज से पहले या इलाज के बाद अलग-अलग समय पर दिखाई दे सकती है।

तुरंत होने वाली मतली और उल्टी (Acute Nausea and Vomiting)

यह कीमोथेरेपी शुरू होने के कुछ घंटों के अंदर हो सकती है। इसका खतरा इस्तेमाल की जाने वाली दवा और उसकी मात्रा पर निर्भर करता है।

देर से होने वाली मतली और उल्टी (Delayed Nausea and Vomiting)

कुछ मरीजों में मतली या उल्टी कीमोथेरेपी के 24 घंटे बाद या उसके बाद शुरू हो सकती है और कई दिनों तक रह सकती है।

पहले से होने वाली मतली (Anticipatory Nausea)

अगर पिछले कीमोथेरेपी सत्रों में मरीज को बहुत ज्यादा मतली या उल्टी हुई हो, तो अगली कीमोथेरेपी शुरू होने से पहले ही मतली महसूस हो सकती है। इसे पहले से होने वाली मतली (Anticipatory Nausea) कहा जाता है।

ऐसी स्थिति में चिंता कम करने, आराम करने और डॉक्टर द्वारा दी गई मतली रोकने वाली दवाओं के साथ कुछ आराम देने वाली तकनीकें मदद कर सकती हैं।

कीमोथेरेपी से पहले मतली रोकने वाली दवा क्यों दी जाती है?

कीमोथेरेपी से होने वाली मतली और उल्टी को शुरू होने से रोकना कई बार बाद में इसे नियंत्रित करने से आसान हो सकता है। इसलिए कुछ कीमोथेरेपी उपचारों में डॉक्टर इलाज शुरू होने से पहले ही मतली रोकने वाली दवा (Antiemetic Medicine) दे सकते हैं।

इन दवाओं का चुनाव कीमोथेरेपी से उल्टी होने के खतरे और मरीज की स्वास्थ्य स्थिति के अनुसार किया जाता है। कुछ मरीजों को इलाज के बाद घर पर लेने के लिए भी दवाएं दी जा सकती हैं।

अगर डॉक्टर ने दवा किसी निश्चित समय पर लेने के लिए बताई है, तो उसे उसी निर्देश के अनुसार लेना महत्वपूर्ण है। दवा की मात्रा या समय अपने आप न बदलें।

मतली और उल्टी को कम करने के आसान उपाय

कीमोथेरेपी के दौरान मतली को हर बार पूरी तरह रोकना संभव नहीं होता, लेकिन कुछ उपाय लक्षणों को कम करने में मदद कर सकते हैं।

उपाय

कैसे मदद कर सकता है?

डॉक्टर की मतली रोकने वाली दवाएं

मतली और उल्टी को रोकने या कम करने में मदद

छोटे-छोटे भोजन

पेट पर ज्यादा दबाव नहीं पड़ता

पर्याप्त तरल पदार्थ

शरीर में पानी की कमी से बचाने में मदद

हल्का भोजन

पाचन तंत्र पर कम बोझ पड़ सकता है

तेज गंध से बचना

मतली बढ़ाने वाले कारण कम हो सकते हैं

आराम और तनाव कम करना

चिंता से जुड़ी मतली कम करने में मदद

खाने के बाद तुरंत न लेटना

पेट की जलन और असहजता कम करने में मदद

इन उपायों का असर हर व्यक्ति में अलग हो सकता है। अपनी स्थिति के अनुसार डॉक्टर की सलाह को प्राथमिकता दें।

कीमोथेरेपी के दौरान क्या खाना बेहतर हो सकता है?

जब मतली हो रही हो, तो बहुत अधिक तला हुआ, मसालेदार या भारी खाना परेशानी बढ़ा सकता है। इसके बजाय थोड़ी-थोड़ी मात्रा में हल्का भोजन लेना कुछ मरीजों के लिए आसान हो सकता है।

कुछ मरीजों को सुबह उठने के बाद सूखा भोजन जैसे टोस्ट या क्रैकर खाना उपयोगी लग सकता है। चावल, खिचड़ी, सादी रोटी, हल्का सूप या आसानी से पचने वाला दूसरा भोजन भी लिया जा सकता है, अगर वह आपको ठीक लगता हो।

एक बार में बहुत ज्यादा खाना खाने के बजाय दिन में कई बार थोड़ी मात्रा में भोजन करने की कोशिश करें।

अगर भूख कम हो रही है या वजन घट रहा है, तो कैंसर के इलाज के दौरान खान-पान और पोषण से जुड़ी सलाह के लिए अपनी चिकित्सा टीम से बात करें।

पानी और तरल पदार्थ कैसे लें?

उल्टी होने पर शरीर से पानी और जरूरी लवण कम हो सकते हैं। इसलिए शरीर में पानी की कमी (Dehydration) से बचना महत्वपूर्ण है।

एक बार में बहुत अधिक पानी पीने के बजाय थोड़ी-थोड़ी मात्रा में पानी पीना कुछ मरीजों के लिए आसान हो सकता है। पानी के अलावा डॉक्टर की सलाह के अनुसार साफ तरल पदार्थ या शरीर में पानी और लवण की कमी पूरी करने वाले घोल भी लिए जा सकते हैं।

अगर बार-बार उल्टी हो रही है और पानी भी शरीर में नहीं रुक रहा, तो केवल घर पर तरल पदार्थ लेने की कोशिश न करें। अपनी चिकित्सा टीम से संपर्क करें, क्योंकि कुछ मामलों में नस के जरिए तरल पदार्थ (IV Fluids) देने की जरूरत पड़ सकती है।

किन चीजों से मतली बढ़ सकती है?

हर मरीज में मतली बढ़ाने वाले कारण अलग हो सकते हैं। फिर भी कीमोथेरेपी के दौरान कुछ सामान्य कारणों से बचना उपयोगी हो सकता है।

तेज गंध

इत्र, खाना पकाने की गंध या किसी भोजन की तेज खुशबू कुछ लोगों में मतली बढ़ा सकती है। खाना बनाते समय हवा का अच्छा आवागमन रखना या जरूरत पड़ने पर किसी दूसरे व्यक्ति से खाना बनवाना मदद कर सकता है।

बहुत ज्यादा खाना

पेट को पूरी तरह भरने से मतली बढ़ सकती है। थोड़ी मात्रा में और धीरे-धीरे खाना कुछ मरीजों के लिए बेहतर हो सकता है।

खाना खाने के तुरंत बाद लेटना

खाने के बाद कुछ समय सीधे बैठने से पेट में जलन और खट्टी डकार जैसी परेशानी कम करने में मदद मिल सकती है।

अगर उल्टी हो जाए तो क्या करें?

उल्टी होने के तुरंत बाद बहुत ज्यादा पानी पीने के बजाय कुछ समय बाद थोड़ी-थोड़ी मात्रा में तरल पदार्थ लेना शुरू करें। मुंह को पानी से साफ कर लें और जब मतली कुछ कम हो जाए, तब हल्का भोजन लेने की कोशिश करें।

अगर डॉक्टर ने उल्टी रोकने की दवा दी है, तो उसे दिए गए निर्देश के अनुसार लें। अगर दवा लेने के बाद भी लगातार उल्टी हो रही है, तो अपनी चिकित्सा टीम को इसकी जानकारी दें। दवा की मात्रा अपने आप न बढ़ाएं और किसी दूसरे व्यक्ति की मतली या उल्टी की दवा न लें।

अगर आप कैंसर के इलाज और कीमोथेरेपी से जुड़ी अधिक जानकारी पढ़ना चाहते हैं, तो National Cancer Institute की वेबसाइट देख सकते हैं।

आज ही परामर्श लें

कीमोथेरेपी के दौरान मतली और उल्टी आम समस्या हो सकती है, लेकिन इसे बिना इलाज के सहते रहना जरूरी नहीं है। सही मतली रोकने वाली दवाओं (Antiemetic Medicines), खान-पान और सहायक देखभाल से कई मरीजों में इन लक्षणों को नियंत्रित करने में मदद मिल सकती है।

Oncare Cancer Hospital में कैंसर के इलाज के दौरान कीमोथेरेपी से जुड़े दुष्प्रभावों को संभालने के लिए विशेषज्ञ परामर्श उपलब्ध है। अगर कीमोथेरेपी के बाद बार-बार उल्टी हो रही है, दवा से राहत नहीं मिल रही है या पानी भी शरीर में नहीं रुक रहा, तो अपनी चिकित्सा टीम से जल्द संपर्क करें।

अपनी कीमोथेरेपी की दवाओं और पिछले उपचार के दौरान हुए दुष्प्रभावों की जानकारी डॉक्टर को दें। इससे आपकी स्थिति को समझने और मतली तथा उल्टी को नियंत्रित करने के लिए उचित योजना बनाने में मदद मिल सकती है।

डिस्क्लेमर

यह ब्लॉग केवल सामान्य जानकारी के उद्देश्य से लिखा गया है। इसमें दी गई जानकारी डॉक्टर की सलाह का विकल्प नहीं है। किसी भी प्रकार के कैंसर, जांच रिपोर्ट या उपचार से संबंधित निर्णय लेने से पहले योग्य कैंसर विशेषज्ञ से परामर्श अवश्य करें।

Frequently Asked Questions

Written and Verified by:

Dr. Gajendra Kumar Himanshu

Dr. Gajendra Kumar Himanshu Exp: 10 Yr

Medical Officer

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