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गैस्ट्रिक कैंसर के लक्षण: वजन घटना, भूख कम होना और अन्य संकेत
गैस्ट्रिक कैंसर, जिसे हम पेट का कैंसर भी कहते हैं, एक गंभीर बीमारी है जो धीरे‑धीरे विकसित होती है और समय रहते पहचान न होने पर जानलेवा साबित हो सकती है। यह कैंसर पेट की अंदरूनी परत की कोशिकाओं में शुरू होता है और धीरे-धीरे पूरे पेट या आस-पास के अंगों में फैल सकता है। शुरूआत में इसके लक्षण बहुत मामूली होते हैं और अक्सर लोग उन्हें आम पेट की समस्याओं जैसे गैस, अपच या भूख न लगने की तरह समझकर नजरअंदाज कर देते हैं। लेकिन जैसे-जैसे बीमारी बढ़ती है, इसके लक्षण गंभीर रूप लेने लगते हैं।
इस लेख में हम विस्तार से जानेंगे gastric cancer symptoms in Hindi, जैसे- अचानक वजन घटना, भूख कम लगना, पेट दर्द, उल्टी और अन्य संकेत जो इस बीमारी की ओर इशारा कर सकते हैं। अगर इन लक्षणों को समय रहते पहचाना जाए तो गैस्ट्रिक कैंसर का इलाज संभव है और मरीज की जान बचाई जा सकती है। इसलिए इस विषय पर जागरूकता बेहद जरूरी है। आइए जानते हैं कि गैस्ट्रिक कैंसर के लक्षण क्या होते हैं, और इन्हें कब गंभीरता से लेना चाहिए।
गैस्ट्रिक कैंसर क्या है?
गैस्ट्रिक कैंसर, जिसे हिंदी में पेट का कैंसर कहा जाता है, एक प्रकार का मैलिग्नेंट ट्यूमर होता है जो पेट की भीतरी परत (lining) की कोशिकाओं से शुरू होता है। यह कैंसर धीरे-धीरे बढ़ता है और समय के साथ पेट की दीवारों, आसपास के अंगों और लसीका ग्रंथियों (lymph nodes) में फैल सकता है। यह आमतौर पर पेट के ऊपरी हिस्से (gastric region) में शुरू होता है, इसलिए इसे गैस्ट्रिक कैंसर कहा जाता है।
गैस्ट्रिक कैंसर की शुरुआत में लक्षण बहुत हल्के होते हैं, जैसे भूख न लगना, हल्की अपच या पेट में भारीपन। लेकिन जैसे-जैसे कैंसर बढ़ता है, इसके लक्षण गंभीर हो सकते हैं जैसे वजन तेजी से गिरना, उल्टी आना, खून की कमी होना, और खाना निगलने में परेशानी।
इस बीमारी के होने की संभावना उन लोगों में ज़्यादा होती है जो गलत खानपान, धूम्रपान, या Helicobacter pylori संक्रमण से पीड़ित होते हैं। यह पुरुषों में महिलाओं की तुलना में अधिक पाया जाता है।
समय रहते गैस्ट्रिक कैंसर के लक्षणों को पहचानना और सही जांच करवाना इस बीमारी से बचने और सही इलाज पाने के लिए बहुत जरूरी है।
गैस्ट्रिक कैंसर के लक्षण (Gastric Cancer Symptoms in Hindi)
गैस्ट्रिक कैंसर यानी पेट का कैंसर धीरे-धीरे विकसित होने वाली गंभीर बीमारी है, जो शुरुआत में बहुत सामान्य लक्षणों के रूप में दिखाई देती है। इसलिए कई बार लोग इसे सामान्य पेट की समस्या समझकर नजरअंदाज कर देते हैं। लेकिन समय के साथ ये लक्षण गंभीर होते जाते हैं और जीवन के लिए खतरा बन सकते हैं। इसीलिए, गैस्ट्रिक कैंसर के लक्षणों की जानकारी होना जरूरी है ताकि समय पर जांच और इलाज किया जा सके।
नीचे गैस्ट्रिक कैंसर के सामान्य, शुरुआती और बढ़े हुए लक्षणों को विस्तार से समझाया गया है:
1. भूख में कमी (Loss of Appetite)
गैस्ट्रिक कैंसर का सबसे आम और शुरुआती लक्षण भूख का धीरे-धीरे कम हो जाना है। मरीज को खाना खाने का मन नहीं करता या उसे भोजन देखकर घिन आ सकती है। कई बार ऐसा भी होता है कि मनपसंद खाना भी अच्छा नहीं लगता।
2. अचानक वजन घटना (Unexplained Weight Loss)
जब कोई व्यक्ति बिना किसी डाइटिंग या एक्सरसाइज के लगातार वजन कम होते देखे, तो यह गैस्ट्रिक कैंसर का संकेत हो सकता है। शरीर का मेटाबोलिज़्म कैंसर के कारण प्रभावित होता है, जिससे वज़न घटने लगता है।
3. पेट दर्द या असहजता (Abdominal Pain or Discomfort)
गैस्ट्रिक कैंसर में पेट के ऊपरी हिस्से (खासकर बीच या बाएं हिस्से) में हल्का या लगातार दर्द बना रहता है। यह दर्द खाने के बाद ज्यादा महसूस हो सकता है। कभी-कभी यह दर्द गैस या एसिडिटी जैसा लगता है, जिससे लोग इसे हल्के में ले लेते हैं।
4. भारीपन या जल्दी पेट भर जाना (Early Satiety)
बहुत थोड़ी मात्रा में खाना खाने के बाद ही पेट पूरी तरह भरा हुआ महसूस होना, गैस्ट्रिक कैंसर का संकेत हो सकता है। यह इस वजह से होता है क्योंकि ट्यूमर पेट की क्षमता को कम कर देता है।
5. अपच और सीने में जलन (Indigestion & Heartburn)
शुरुआती स्टेज में कई मरीजों को लगातार अपच, गैस, और सीने में जलन की शिकायत होती है। ये लक्षण आमतौर पर एसिडिटी जैसे लगते हैं, लेकिन अगर लंबे समय तक बने रहें, तो इन्हें नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।
6. जी मिचलाना और उल्टी (Nausea and Vomiting)
गैस्ट्रिक कैंसर से प्रभावित मरीज को अकसर उल्टी जैसा महसूस होता है या वह खाना खाते ही उल्टी कर देता है। उल्टी में खून आना (ब्लड वाली उल्टी) कैंसर के एडवांस स्टेज का संकेत हो सकता है।
7. मल का रंग बदलना या खून आना (Blood in Stool or Black Stool)
अगर मल में खून आ रहा हो या उसका रंग काला (टैरी) हो गया हो, तो यह गैस्ट्रिक कैंसर की गंभीर स्थिति का संकेत हो सकता है। यह पेट में अंदरुनी रक्तस्राव (internal bleeding) के कारण होता है।
8. थकान और कमजोरी (Fatigue and Weakness)
गैस्ट्रिक कैंसर से शरीर में पोषण की कमी हो जाती है, जिससे व्यक्ति में थकान, कमज़ोरी और चक्कर आ सकते हैं। यह खून की कमी (anemia) के कारण भी हो सकता है।
9. निगलने में कठिनाई (Difficulty in Swallowing)
अगर कैंसर पेट और ग्रासनली (esophagus) के जंक्शन पर विकसित हो रहा हो, तो मरीज को खाना निगलने में परेशानी होने लगती है। शुरुआत में यह ठोस चीज़ों के साथ होता है और बाद में तरल चीज़ों में भी तकलीफ हो सकती है।
अन्य संकेत जो वक्त के साथ आते हैं (Advanced or Later Symptoms)
जब गैस्ट्रिक कैंसर (पेट का कैंसर) धीरे-धीरे बढ़ता है और प्रारंभिक चरण से आगे निकल जाता है, तो इसके लक्षण भी अधिक गंभीर और स्पष्ट रूप लेने लगते हैं। नीचे कुछ ऐसे लक्षण दिए गए हैं जो कैंसर के उन्नत चरणों (advanced stage) में दिखाई दे सकते हैं:
1. उल्टी और मतली (Nausea & Vomiting)
जैसे-जैसे कैंसर पेट की संरचना को प्रभावित करता है, मरीज को बार-बार उल्टी आने लगती है। खाना खाने के तुरंत बाद उल्टी हो सकती है या लगातार उल्टी जैसा महसूस होता है। कुछ मामलों में उल्टी में खून भी नजर आ सकता है, जो गंभीर स्थिति का संकेत है।
2. मल में खून आना या मल का रंग काला होना (Blood in Stool / Black Tarry Stool)
गैस्ट्रिक कैंसर की वजह से पेट के अंदर रक्तस्राव हो सकता है। इससे मल का रंग काला, चिपचिपा और बदबूदार हो सकता है। यदि मल में खून दिखाई दे या उसका रंग बहुत गहरा हो, तो यह कैंसर के बढ़ने का संकेत हो सकता है।
3. कमजोरी और थकान (Weakness & Fatigue)
कैंसर से शरीर का पोषण और ऊर्जा स्तर प्रभावित होता है। मरीज को हर समय थकावट महसूस होती है, काम करने का मन नहीं करता और आराम करने के बाद भी शरीर थका हुआ रहता है।
4. एनीमिया (Anemia)
गैस्ट्रिक कैंसर के कारण आंतरिक रक्तस्राव होने लगता है, जिससे शरीर में खून की कमी हो जाती है। इसके कारण मरीज को चक्कर आना, त्वचा का पीला पड़ना, सांस फूलना और अत्यधिक कमजोरी जैसे लक्षण दिखाई देते हैं।
आज ही परामर्श लें
गैस्ट्रिक कैंसर के लक्षण अक्सर धीरे-धीरे विकसित होते हैं और शुरुआत में सामान्य पेट की समस्या जैसे लग सकते हैं। लेकिन समय पर पहचान और इलाज से इस बीमारी को नियंत्रित किया जा सकता है। अगर आप पेट दर्द, वजन घटना या भूख न लगने जैसे लक्षण महसूस कर रहे हैं, तो तुरंत डॉक्टर से जांच करवाएं। Oncare Cancer Hospital में गैस्ट्रिक कैंसर के लिए विशेषज्ञ डॉक्टर, आधुनिक जांच सुविधाएं और प्रभावी इलाज उपलब्ध हैं। सही समय पर कदम उठाना ही जीवन बचा सकता है।
Expert Insights by Dr. Vikram Singhal
FAQs (अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न)
गैस्ट्रिक कैंसर पेट की भीतरी परत की कोशिकाओं में असामान्य वृद्धि से शुरू होता है, जो धीरे-धीरे ट्यूमर का रूप ले लेती है।
Helicobacter pylori संक्रमण, खराब खानपान, धूम्रपान, शराब और आनुवांशिक कारण गैस्ट्रिक कैंसर के प्रमुख कारण हो सकते हैं।
हां, अगर समय पर निदान हो जाए तो सर्जरी, कीमोथेरेपी और अन्य आधुनिक विधियों से इसका इलाज संभव है।
स्वस्थ आहार, धूम्रपान/शराब से दूरी, और समय-समय पर स्वास्थ्य जांच से बचाव संभव है।
भूख में कमी, वजन घटना, पेट दर्द, अपच और भारीपन ये सभी शुरुआती संकेत हो सकते हैं।
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