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कीमोथेरेपी के दौरान वजन कैसे बनाए रखें: प्रैक्टिकल डाइट टिप्स
कीमोथेरेपी के दौरान वजन बनाए रखने के लिए शरीर को पर्याप्त कैलोरी, प्रोटीन और तरल पदार्थ देना जरूरी होता है। इसके लिए दिन में 3 बड़े भोजन करने के बजाय 5 से 6 बार थोड़ा-थोड़ा खाना, हर भोजन में प्रोटीन शामिल करना और भूख कम होने पर भी पौष्टिक स्नैक्स लेना मददगार हो सकता है। यदि वजन लगातार कम हो रहा है, तो डॉक्टर या डाइटीशियन से बात करना जरूरी है, क्योंकि हर मरीज की पोषण की जरूरत अलग होती है।
आज के इस ब्लॉग में हम आपको बताएंगे कि कीमोथेरेपी (Chemotherapy) के दौरान वजन क्यों कम हो सकता है, वजन बनाए रखना क्यों जरूरी है और रोज की डाइट में कौन-से आसान बदलाव किए जा सकते हैं। साथ ही हम ऐसी प्रैक्टिकल डाइट टिप्स भी जानेंगे जिन्हें घर पर आसानी से अपनाया जा सकता है।
कीमोथेरेपी के दौरान वजन क्यों कम हो सकता है?
कीमोथेरेपी शुरू होने के बाद कई मरीजों की खाने की आदत बदल जाती है। किसी को भूख कम लगती है, तो किसी को पसंदीदा खाना भी अच्छा नहीं लगता। मतली, उल्टी, मुंह के छाले, मुंह का सूखापन और स्वाद में बदलाव जैसी समस्याएं भी खाने की मात्रा कम कर सकती हैं।
कई बार मरीज कुछ निवाले खाने के बाद ही पेट भरा हुआ महसूस करने लगता है। लगातार ऐसा होने से शरीर को रोज जितनी कैलोरी और प्रोटीन चाहिए, उतनी नहीं मिल पाती और धीरे-धीरे वजन कम होने लगता है।
कीमोथेरेपी के दौरान वजन बनाए रखना क्यों जरूरी है?
इलाज के दौरान सही वजन बनाए रखने का मतलब केवल शरीर का वजन कम होने से रोकना नहीं है। शरीर को कैंसर के इलाज से रिकवर करने, रोजमर्रा के काम करने और मांसपेशियों को बनाए रखने के लिए पर्याप्त पोषण चाहिए।
जब मरीज बहुत कम खाना खाता है, तो शरीर ऊर्जा के लिए अपने जमा पोषण और मांसपेशियों का इस्तेमाल करने लगता है। इससे कमजोरी और थकान बढ़ सकती हैं। इसलिए इलाज के दौरान डाइट का उद्देश्य केवल पेट भरना नहीं, बल्कि हर भोजन से शरीर को पर्याप्त पोषण देना होना चाहिए।
कैंसर के इलाज के दौरान सही भोजन के बारे में अधिक जानने के लिए आप कैंसर मरीजों के लिए डाइट चार्ट ब्लॉग भी पढ़ सकते हैं, जिसमें प्रोटीन, कार्बोहाइड्रेट, फल, सब्जियों और हेल्दी फैट के आसान विकल्प बताए गए हैं।
वजन बनाए रखने के लिए दिनभर की डाइट कैसी रखें?
कीमोथेरेपी के दौरान बहुत बड़ी प्लेट देखकर ही कुछ मरीजों का खाने का मन नहीं करता। ऐसे में खाने की मात्रा बढ़ाने के बजाय खाने की संख्या बढ़ाना आसान तरीका है। सुबह के नाश्ते से लेकर रात के खाने तक छोटे-छोटे भोजन और स्नैक्स रखें।
एक आसान डाइट का उदाहरण
दिनभर के भोजन को इस तरह बांटा जा सकता है:
समय | क्या ले सकते हैं |
|---|---|
सुबह | दूध या दही के साथ दलिया, केला या अंडा |
मिड-मॉर्निंग | फल, दही, पनीर या मुट्ठी भर मेवे |
दोपहर | दाल, चावल/रोटी, सब्जी और दही |
शाम | स्मूदी, पनीर सैंडविच या हल्का स्नैक |
रात | खिचड़ी, दाल-चावल या रोटी-सब्जी के साथ प्रोटीन |
सोने से पहले | दूध या डॉक्टर द्वारा सुझाया गया पौष्टिक पेय |
यह केवल एक सामान्य उदाहरण है। डायबिटीज, किडनी की समस्या, निगलने में परेशानी या किसी अन्य बीमारी वाले मरीजों की डाइट अलग हो सकती है।
वजन बनाए रखने के लिए आसान डाइट टिप्स
रोज की डाइट में कुछ छोटे बदलाव करके वजन बनाए रखना आसान हो सकता है।
दिन में थोड़ा-थोड़ा और बार-बार खाएं
अगर एक बार में पूरी रोटी-सब्जी या चावल खाना मुश्किल लग रहा है, तो खुद को मजबूर न करें। इसके बजाय हर 2 से 3 घंटे में कुछ पौष्टिक खाने की कोशिश करें। तीन बड़े भोजन की जगह पांच या छह छोटे भोजन कई मरीजों के लिए आसान रहते हैं।
उदाहरण के लिए सुबह पूरा नाश्ता नहीं हो रहा है तो थोड़ा दलिया खाएं और कुछ समय बाद केला या दही ले सकते हैं। शाम को केवल चाय लेने के बजाय उसके साथ पनीर सैंडविच, उबला अंडा या कोई दूसरा पौष्टिक स्नैक शामिल किया जा सकता है।
हर भोजन में प्रोटीन शामिल करें
कीमोथेरेपी के दौरान प्रोटीन खास तौर पर महत्वपूर्ण होता है। यह शरीर के ऊतकों की मरम्मत और मांसपेशियों को बनाए रखने में मदद करता है। इसलिए केवल रोटी, चावल या फल पर निर्भर रहने के बजाय भोजन में कोई न कोई प्रोटीन स्रोत जरूर रखें।
आसान प्रोटीन विकल्प:
- दाल, मूंग, चना और राजमा
- दूध, दही और पनीर
- टोफू और सोया
- अंडा, यदि डॉक्टर अनुमति दें
- चिकन या मछली, यदि आपकी डाइट में शामिल हो
- बादाम, अखरोट और अन्य मेवे
यदि एक बार में ज्यादा प्रोटीन खाना मुश्किल हो, तो इसे पूरे दिन में बांटकर लें। जैसे सुबह दूध, दोपहर में दाल, शाम को दही और रात में पनीर लिए जा सकते हैं।
शाकाहारी मरीज कैंसर ट्रीटमेंट में शाकाहारी डाइट के लिए दाल, पनीर, टोफू, दही और दूसरे प्रोटीन विकल्पों की तरफ जा सकते हैं।
कम मात्रा में ज्यादा पोषण देने वाला भोजन चुनें
भूख कम होने पर केवल भोजन की मात्रा बढ़ाना मुश्किल हो सकता है। ऐसे समय ऐसी चीजें चुनें जिनकी थोड़ी मात्रा से भी शरीर को अच्छी कैलोरी और प्रोटीन मिल सके।
दही में फल मिलाकर खा सकते हैं, दलिया दूध में बनाया जा सकता है और स्नैक के रूप में पनीर या मेवे लिए जा सकते हैं। यदि डॉक्टर ने किसी तरह की रोक नहीं लगाई है, तो भोजन में हेल्दी फैट और पौष्टिक सामग्री जोड़कर उसकी कैलोरी बढ़ाई जा सकती है।
इसका उद्देश्य ज्यादा तला-भुना या मीठा खाना नहीं है। वजन बनाए रखने के लिए मिलने वाली कैलोरी पौष्टिक भोजन से आनी चाहिए, ताकि शरीर को प्रोटीन, विटामिन और मिनरल भी मिल सकें।
पानी पीना भी उतना ही जरूरी है
वजन बनाए रखने की बात करते समय केवल खाने पर ध्यान नहीं देना चाहिए। शरीर में पानी की कमी होने से कमजोरी और चक्कर जैसी परेशानियां बढ़ सकती हैं। इसलिए दिनभर थोड़ा-थोड़ा पानी पीते रहें।
यदि सादा पानी पीना मुश्किल लग रहा है, तो डॉक्टर की सलाह के अनुसार सूप या दूसरे तरल विकल्प लिए जा सकते हैं। हालांकि भोजन से ठीक पहले बहुत ज्यादा पानी पीने से कुछ मरीजों का पेट जल्दी भर जाता है। ऐसे में भोजन के बीच में तरल लेना ज्यादा आसान हो सकता है।
कीमोथेरेपी के दौरान हाइड्रेशन को बेहतर तरीके से समझने के लिए कीमो के दौरान पानी कितना पिएं और क्यों जरूरी है, ये ब्लॉग पढ़ सकते हैं।
वजन कम हो रहा हो तो कब डॉक्टर को बताएं?
इलाज के दौरान वजन में थोड़ा बदलाव हो सकता है, लेकिन लगातार वजन कम होना नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। सप्ताह में एक बार लगभग एक ही समय और समान कपड़ों में वजन नोट करना उपयोगी हो सकता है।
यदि कुछ हफ्तों में वजन तेजी से घट रहा है, खाना बहुत कम हो गया है, बार-बार उल्टी हो रही है या निगलने में परेशानी के कारण भोजन नहीं हो पा रहा है, तो अपनी कैंसर केयर टीम को बताएं। जरूरत पड़ने पर डॉक्टर या क्लिनिकल डाइटीशियन आपकी कैलोरी और प्रोटीन की जरूरत के अनुसार अलग डाइट प्लान बना सकते हैं।
अगर आप कीमोथेरेपी से जुड़ी और अधिक जानकारी पढ़ना चाहते हैं तो आप National Library of Medicine की आधिकारिक वेबसाइट पर देख सकते हैं।
आज ही परामर्श लें
कीमोथेरेपी के दौरान सही डाइट मरीज की ताकत और वजन बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। लेकिन हर मरीज को एक जैसी डाइट देना सही नहीं होता। कैंसर का प्रकार, इलाज, वर्तमान वजन, भूख और साइड इफेक्ट के अनुसार पोषण की जरूरत बदल सकती है।
यदि कीमोथेरेपी के दौरान आपका वजन लगातार कम हो रहा है या खाना खाने में परेशानी हो रही है, तो Oncare Cancer Hospital में अनुभवी कैंसर विशेषज्ञों से परामर्श ले सकते हैं। सही मेडिकल सलाह और व्यक्तिगत डाइट प्लान के साथ इलाज के दौरान पोषण और वजन को बेहतर तरीके से मैनेज किया जा सकता है।
डिस्क्लेमर
यह लेख केवल सामान्य जानकारी के उद्देश्य से लिखा गया है। इसमें दी गई जानकारी डॉक्टर की सलाह का विकल्प नहीं है। किसी भी प्रकार के कैंसर, जांच रिपोर्ट या उपचार से संबंधित निर्णय लेने से पहले योग्य कैंसर विशेषज्ञ से परामर्श अवश्य करें।
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Frequently Asked Questions
कुछ मरीजों का वजन भूख कम होने, मतली, उल्टी या स्वाद में बदलाव के कारण कम हो सकता है। लगातार वजन घट रहा हो तो डॉक्टर को बताएं।
प्रोटीन और कैलोरी वाले पौष्टिक भोजन जैसे दाल, पनीर, दही, दूध, अंडा, मेवे और साबुत अनाज डाइट में शामिल किए जा सकते हैं।
एक साथ ज्यादा खाने की बजाय हर 2 से 3 घंटे में थोड़ा-थोड़ा पौष्टिक भोजन या स्नैक लेने की कोशिश करें।
अपनी ओर से प्रोटीन पाउडर या कोई सप्लीमेंट शुरू न करें। इसे डॉक्टर या डाइटीशियन की सलाह के बाद ही लें।
Written and Verified by:
Dr. Gajendra Kumar Himanshu Exp: 10 Yr
Medical Officer
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