कीमो के दौरान पानी कितना पिएं और क्यों जरूरी है

oncare team
Updated on Aug 8, 2026 16:18 IST

By Dr. Gajendra Kumar Himanshu

कीमो के दौरान पानी कितना पिएं

कीमो शुरू होने के बाद बहुत से मरीज एक बात बार-बार सुनते हैं, “पानी ज्यादा पीजिए।” शुरुआत में कई लोगों को लगता है कि यह सामान्य सलाह होगी, लेकिन इलाज आगे बढ़ने पर समझ आता है कि शरीर को पानी की जरूरत पहले से ज्यादा महसूस हो सकती है।

कुछ मरीजों को कीमो के बाद कमजोरी ज्यादा लगती है। कुछ लोगों का मुंह सूखने लगता है। कई लोगों को उल्टी या स्वाद बदलने की शिकायत होती है। ऐसे में शरीर धीरे-धीरे पानी खोने लगता है और मरीज को इसका एहसास भी नहीं होता। कई बार परिवार को तब समझ आता है जब मरीज बहुत ज्यादा थका हुआ या चक्कर महसूस करने लगता है।

इलाज के दौरान पानी सिर्फ प्यास बुझाने के लिए जरूरी नहीं माना जाता। डॉक्टर अक्सर इसलिए भी तरल लेने को कहते हैं ताकि शरीर सामान्य तरीके से काम करता रहे और कमजोरी थोड़ी कम महसूस हो सके।

कीमो के दौरान शरीर में पानी की कमी जल्दी क्यों होने लगती है

कीमोथेरेपी शरीर पर असर डालती है और इसी दौरान कुछ लोगों में ऐसे बदलाव शुरू हो जाते हैं जिनसे पानी की कमी बढ़ सकती है।

उदाहरण के लिए

  • बार-बार उल्टी होना
  • दस्त लगना
  • भूख कम लगना
  • मुंह सूखना
  • ज्यादा थकान महसूस होना

कुछ मरीज कम पानी इसलिए पीते हैं क्योंकि उन्हें बार-बार वॉशरूम जाने में परेशानी होती है। लेकिन ऐसा करने से शरीर और कमजोर महसूस हो सकता है।

शरीर में पानी कम होने पर मरीज क्या महसूस कर सकता है

शरीर में पानी कम होने के संकेत

मरीज क्या महसूस कर सकता है

मुंह सूखना

बार-बार पानी पीने का मन करना

कमजोरी

उठने-बैठने में थकान

चक्कर आना

शरीर हल्का लगना

कम पेशाब आना

शरीर में पानी कम होना

सिर दर्द

बेचैनी या भारीपन महसूस होना

कई बार मरीज सोचता है कि यह सिर्फ कीमो का असर है, जबकि शरीर में पानी की कमी भी इसकी वजह हो सकती है।

हर मरीज को एक जैसी मात्रा में पानी पीने की जरूरत नहीं होती

बहुत लोग पूछते हैं कि दिन में कितने लीटर पानी पीना चाहिए। लेकिन इसका एक तय जवाब नहीं होता।

कुछ मरीजों को ज्यादा तरल लेने को कहा जाता है, जबकि कुछ लोगों में डॉक्टर सीमित मात्रा रखने की सलाह भी दे सकते हैं। खासकर अगर किडनी या दिल से जुड़ी परेशानी हो। इसी वजह से डॉक्टर की सलाह सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण मानी जाती है।

कुछ मरीजों को सादा पानी पीना मुश्किल लगने लगता है

कीमो के दौरान स्वाद बदलना काफी सामान्य माना जाता है। कुछ लोगों को पानी का स्वाद अजीब लगने लगता है। कुछ मरीज कहते हैं कि पानी पीने के बाद मिचली महसूस होती है।

ऐसे समय में लोग अलग-अलग चीजें ट्राय करते हैं:

  • नारियल पानी
  • हल्का सूप
  • नींबू पानी
  • ORS
  • छाछ
  • फल का हल्का रस

हालांकि बहुत ज्यादा मीठे या बाहर के अनहेल्दी ड्रिंक से बचने की सलाह दी जा सकती है।

पानी पीने का तरीका भी फर्क डाल सकता है

कुछ लोग एक साथ बहुत ज्यादा पानी पी लेते हैं। लेकिन कीमो के दौरान ऐसा करना हर मरीज के लिए आरामदायक नहीं होता।

कई डॉक्टर सलाह देते हैं कि:

  • थोड़ा-थोड़ा पानी लेते रहें
  • पूरे दिन तरल लेते रहें
  • बहुत ठंडा पानी तुरंत ज्यादा मात्रा में न लें
  • मिचली होने पर धीरे-धीरे घूंट लें

इससे कई मरीजों को थोड़ी राहत महसूस होती है।

उल्टी और दस्त होने पर ज्यादा सावधानी जरूरी हो सकती है

अगर मरीज को लगातार उल्टी या दस्त हो रहे हों, तो शरीर तेजी से पानी खो सकता है।

ऐसे समय में ये संकेत नजरअंदाज नहीं करने चाहिए:

  • होंठ ज्यादा सूखना
  • बहुत कम पेशाब आना
  • तेज कमजोरी
  • लगातार चक्कर आना
  • ज्यादा सुस्ती महसूस होना

ऐसी स्थिति में डॉक्टर से बात करना जरूरी माना जाता है।

परिवार की छोटी-छोटी मदद मरीज के लिए उपयोगी हो सकती है

इलाज के दौरान कई मरीज इतने थके होते हैं कि खुद ध्यान नहीं रख पाते। कुछ लोग पानी पीना भूल जाते हैं, जबकि कुछ लोग कमजोरी की वजह से उठना नहीं चाहते। ऐसे समय में परिवार अगर समय-समय पर पानी या तरल देता रहे, तो मरीज को मदद मिल सकती है।

कई घरों में लोग यह भी करते हैं:

  • पास में पानी की बोतल रखना
  • नारियल पानी तैयार रखना
  • छोटे ग्लास में थोड़ी-थोड़ी मात्रा देना
  • पानी पीने की याद दिलाना

ये छोटी चीजें भी काम आ सकती हैं।

यदि आप कीमोथेरेपी के बारे में और अधिक जानकारी पढ़ना चाहते हैं, तो आप National Cancer Institute की आधिकारिक वेबसाइट पर जा सकते हैं।

आज ही परामर्श लें

कीमोथेरेपी के दौरान शरीर को पर्याप्त पानी मिलना काफी महत्वपूर्ण माना जाता है। पानी और दूसरे तरल पदार्थ कई मरीजों को कमजोरी और डिहाइड्रेशन जैसी समस्याओं से बचाने में मदद कर सकते हैं। हालांकि हर व्यक्ति की जरूरत अलग हो सकती है, इसलिए इलाज के दौरान डॉक्टर की सलाह को सबसे ज्यादा महत्व देना जरूरी होता है।

बेहतर कैंसर उपचार और मरीज सहायता सेवाओं के लिए Oncare Cancer Hospital जैसे अनुभवी कैंसर केंद्रों की जानकारी लेना उपयोगी हो सकता है।

Frequently Asked Questions

Written and Verified by:

Dr. Gajendra Kumar Himanshu

Dr. Gajendra Kumar Himanshu Exp: 10 Yr

Medical Officer

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