ड्राई माउथ (मुंह का सूखापन): कैंसर इलाज के दौरान राहत के उपाय

oncare team
Updated on Sep 22, 2026 19:28 IST

By Dr. Gajendra Kumar Himanshu

cancer ke dauran muh sukhna

ड्राई माउथ (मुंह का सूखापन) कैंसर के इलाज के दौरान होने वाली एक सामान्य समस्या है। यह अक्सर कीमोथेरेपी, रेडिएशन थेरेपी (Radiation Therapy) या कुछ दवाओं के कारण लार बनने में कमी आने से होता है। सही देखभाल, पर्याप्त पानी, मुंह की साफ-सफाई और डॉक्टर की सलाह से इस समस्या से काफी राहत मिल सकती है।

आज के इस ब्लॉग में हम आपको बताएंगे कि ड्राई माउथ क्या होता है, इसके लक्षण कैसे पहचानें, कैंसर के इलाज के दौरान इससे राहत पाने के आसान उपाय क्या हैं और किन चीजों से दूर रहना चाहिए ताकि मुंह की परेशानी कम हो सके।

ड्राई माउथ (मुंह का सूखापन) क्या है?

ड्राई माउथ वह स्थिति है जिसमें मुंह में पर्याप्त मात्रा में लार नहीं बनती। लार केवल मुंह को गीला रखने का काम नहीं करती, बल्कि भोजन चबाने, निगलने, बोलने और दांतों को सुरक्षित रखने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। जब लार कम बनने लगती है, तो मुंह सूखा, चिपचिपा और असहज महसूस होने लगता है।

कैंसर के इलाज के दौरान यह समस्या सबसे अधिक उन मरीजों में देखी जाती है जिन्हें सिर और गर्दन के हिस्से में रेडिएशन दिया जाता है। इसके अलावा कुछ कीमोथेरेपी (chemotherapy) दवाएं और दर्द या मतली की दवाएं भी लार बनने की प्रक्रिया को प्रभावित कर सकती हैं।

ड्राई माउथ कभी-कभी कुछ दिनों के लिए होता है, जबकि कुछ मरीजों में यह लंबे समय तक रह सकता है। इसलिए शुरुआती लक्षणों को पहचानना और समय पर देखभाल करना जरूरी है।

ड्राई माउथ होने के सामान्य कारण

नीचे दी गई तालिका में ड्राई माउथ के मुख्य कारण और उनका असर समझें:

कारण

कैसे असर पड़ता है

कीमोथेरेपी

लार बनने में कमी आ सकती है

रेडिएशन थेरेपी

लार ग्रंथियां प्रभावित हो सकती हैं

दर्द या मतली की कुछ दवाएं

मुंह अधिक सूखा महसूस हो सकता है

कम पानी पीना

शरीर में पानी की कमी बढ़ सकती है

मुंह से सांस लेना

सूखापन और बढ़ सकता है

हर मरीज का कारण अलग हो सकता है, इसलिए सही सलाह के लिए अपने ऑन्कोलॉजिस्ट से बात करना जरूरी है।

ड्राई माउथ के क्या लक्षण हैं?

ड्राई माउथ केवल प्यास लगने तक सीमित नहीं होता। कई बार मरीज को बोलने, खाने और निगलने में भी कठिनाई महसूस होने लगती है। यदि समय पर ध्यान न दिया जाए, तो मुंह के छाले, बदबू और दांतों की समस्या का खतरा भी बढ़ सकता है।

इन लक्षणों पर ध्यान दें

  • मुंह का लगातार सूखा या चिपचिपा महसूस होना
  • बार-बार पानी पीने की जरूरत पड़ना
  • भोजन निगलने में कठिनाई होना
  • सूखे भोजन को चबाने में परेशानी
  • होंठ और जीभ का फटना या सूखना
  • बोलते समय मुंह सूख जाना
  • मुंह से बदबू आना
  • स्वाद में बदलाव महसूस होना

कुछ मरीजों को रात में कई बार पानी पीने के लिए उठना पड़ता है। यदि सूखापन लंबे समय तक बना रहे, तो डॉक्टर को इसकी जानकारी जरूर दें।

ड्राई माउथ का रोजमर्रा की जिंदगी पर असर

मुंह में लार कम होने से साधारण काम भी मुश्किल लग सकते हैं। खाना निगलने में समय लगना, लगातार पानी की जरूरत महसूस होना और स्वाद ठीक से न आना मरीज की भूख को भी प्रभावित कर सकता है। यही कारण है कि इस समस्या का इलाज केवल आराम के लिए नहीं, बल्कि बेहतर पोषण और रिकवरी के लिए भी जरूरी है।

ड्राई माउथ के दौरान कैंसर के इलाज में राहत के उपाय

ड्राई माउथ का इलाज उसकी वजह पर निर्भर करता है। यदि यह कीमोथेरेपी या रेडिएशन थेरेपी साइड इफेक्ट है, तो डॉक्टर कुछ दवाएं या कृत्रिम लार (Artificial Saliva) की सलाह दे सकते हैं। इसके साथ घर पर अपनाए जाने वाले कुछ आसान उपाय भी काफी मददगार होते हैं।

1. दिनभर थोड़ा-थोड़ा पानी पीते रहें

एक साथ बहुत ज्यादा पानी पीने की बजाय दिनभर छोटे-छोटे घूंट लेते रहें। इससे मुंह लंबे समय तक नम बना रहता है और सूखापन कम महसूस होता है। यदि डॉक्टर ने तरल पदार्थ सीमित करने को नहीं कहा है, तो पर्याप्त पानी जरूर पिएं।

2. मुंह की साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखें

ड्राई माउथ में दांत और मसूड़े जल्दी प्रभावित हो सकते हैं। इसलिए दिन में कम से कम दो बार मुलायम ब्रश से दांत साफ करें और डॉक्टर द्वारा सुझाए गए अल्कोहल-फ्री माउथवॉश का उपयोग करें। इससे संक्रमण और बदबू का खतरा कम होता है।

3. शुगर-फ्री च्युइंग गम या लॉज़ेंज

यदि डॉक्टर अनुमति दें, तो शुगर-फ्री च्युइंग गम या लॉज़ेंज लार बनने को बढ़ावा दे सकते हैं। यह उपाय खासकर उन मरीजों में उपयोगी होता है जिनकी लार ग्रंथियां पूरी तरह क्षतिग्रस्त नहीं हुई हैं।

4. भोजन को नरम और रसदार बनाएं

सूखी रोटी या सख्त भोजन निगलना मुश्किल हो सकता है। इसलिए दाल, दही, सूप, खिचड़ी और ग्रेवी वाले भोजन को प्राथमिकता दें। इससे खाना निगलना आसान होता है और मुंह में कम जलन होती है।

5. कमरे में नमी बनाए रखें

यदि रात में मुंह ज्यादा सूखता है, तो कमरे में ह्यूमिडिफायर का उपयोग कुछ मरीजों को राहत दे सकता है। इससे हवा में नमी बनी रहती है और मुंह व गले का सूखापन कम महसूस हो सकता है।

6. होंठों की देखभाल करें

सूखे होंठ ड्राई माउथ की सामान्य समस्या हैं। साधारण लिप बाम या पेट्रोलियम जेली लगाने से होंठ फटने और जलन से बच सकते हैं।

राहत पाने के लिए रोज अपनाने योग्य आदतें

कुछ आसान रोजमर्रा की आदतें ड्राई माउथ से राहत पाने में मदद कर सकती हैं:

  • हमेशा अपने साथ पानी की बोतल रखें।
  • भोजन के साथ थोड़ा-थोड़ा पानी लें।
  • दाल, सूप और तरल भोजन शामिल करें।
  • दिन में कई बार मुंह साफ रखें।
  • डॉक्टर की सलाह के बिना कोई नया माउथ प्रोडक्ट न इस्तेमाल करें।

इन छोटे बदलावों से कई मरीजों को रोजमर्रा की जिंदगी में काफी आराम मिलता है।

ड्राई माउथ के दौरान क्या खाएं?

सही भोजन मुंह के सूखेपन को कम करने में मदद कर सकता है। ऐसे खाद्य पदार्थ चुनें जो नरम हों और जिनमें प्राकृतिक नमी अधिक हो।

फायदेमंद भोजन

  • सादा खिचड़ी
  • दाल और सूप
  • दही (यदि डॉक्टर मना न करें)
  • दलिया
  • उबली सब्जियां
  • तरबूज और खीरा जैसे पानी वाले फल

खाना खाते समय छोटे निवाले लें और जरूरत पड़ने पर थोड़ा पानी या सूप साथ में लें।

ड्राई माउथ के दौरान किन चीजों से दूर रहें?

ड्राई माउथ में कुछ आदतें और खाद्य पदार्थ समस्या को और बढ़ा सकते हैं। इसलिए इलाज के दौरान इनसे दूरी रखना बेहतर रहता है।

इन चीजों से बचें

  • बहुत मसालेदार और तीखा भोजन
  • अधिक नमक वाला खाना
  • अल्कोहल युक्त माउथवॉश
  • धूम्रपान और तंबाकू
  • कैफीन वाले पेय की अधिक मात्रा
  • बहुत सूखा और सख्त भोजन

यदि आपको चाय या कॉफी पीने की आदत है, तो उसकी मात्रा सीमित रखें और साथ में पर्याप्त पानी भी पिएं।

अगर आप मुंह और गले की समस्याओं से जुड़ी और अधिक जानकारी पढ़ना चाहते हैं तो आप National Cancer Institute की आधिकारिक वेबसाइट पर देख सकते हैं।

आज ही परामर्श लें

यदि कैंसर के इलाज के दौरान आपको मुंह का सूखापन, निगलने में परेशानी या स्वाद में बदलाव महसूस हो रहा है, तो इसे सामान्य समझकर नजरअंदाज न करें। Oncare Cancer Hospital में अनुभवी मेडिकल ऑन्कोलॉजिस्ट और सपोर्टिव केयर विशेषज्ञ आपकी स्थिति के अनुसार ड्राई माउथ के सुरक्षित उपचार, डाइट सलाह और मुंह की देखभाल का व्यक्तिगत मार्गदर्शन प्रदान करते हैं।

डिस्क्लेमर

यह लेख केवल सामान्य जानकारी के उद्देश्य से लिखा गया है। इसमें दी गई जानकारी डॉक्टर की सलाह का विकल्प नहीं है। किसी भी प्रकार के कैंसर, जांच रिपोर्ट या उपचार से संबंधित निर्णय लेने से पहले योग्य कैंसर विशेषज्ञ से परामर्श अवश्य करें।

Frequently Asked Questions

Written and Verified by:

Dr. Gajendra Kumar Himanshu

Dr. Gajendra Kumar Himanshu Exp: 10 Yr

Medical Officer

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