कैंसर मरीजों में पैरों की सूजन (एडिमा): कब सामान्य, कब गंभीर

oncare team
Updated on Sep 29, 2026 16:46 IST

By Dr. Gajendra Kumar Himanshu

कैंसर मरीजों में पैरों की सूजन

कैंसर मरीजों में पैरों या टखनों में सूजन (Edema) कई कारणों से हो सकती है। लंबे समय तक बैठे या खड़े रहने, शरीर में तरल पदार्थ जमा होने, कुछ कैंसर उपचार (cancer treatments), शरीर में प्रोटीन की कमी या लसीका तंत्र (lymphatic system) में रुकावट के कारण पैरों में सूजन आ सकती है। हल्की सूजन कई बार इलाज या रोजमर्रा की गतिविधियों से जुड़ी हो सकती है, लेकिन अचानक एक पैर में सूजन, दर्द, लालिमा या गर्माहट खून के थक्के (DVT) का संकेत हो सकता है। ऐसी स्थिति में तुरंत डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है। इसी तरह पैरों की सूजन के साथ सांस फूलना या सीने में दर्द हो, तो तुरंत आपातकालीन चिकित्सा की जरूरत हो सकती है।

कैंसर के दौरान शरीर में कई बदलाव होते हैं और पैरों की सूजन हमेशा कैंसर के बढ़ने का संकेत नहीं होती। इसका सही कारण जानना जरूरी है, क्योंकि सूजन (edema) का इलाज उसके कारण पर निर्भर करता है। इस ब्लॉग में हम समझेंगे कि कैंसर मरीजों में पैरों की सूजन क्यों होती है, कब यह कम चिंता वाली हो सकती है, किन लक्षणों को गंभीर मानना चाहिए और सूजन को कम करने के लिए कौन-सी सावधानियां मदद कर सकती हैं।

कैंसर मरीजों में पैरों की सूजन क्यों होती है?

सूजन (Edema) तब होती है जब शरीर के ऊतकों में जरूरत से ज्यादा तरल पदार्थ जमा हो जाता है। कैंसर के मरीजों में इसके कई कारण हो सकते हैं।

कैंसर या ट्यूमर (tumour) कभी-कभी लसीका नलिकाओं (lymph vessels) या नसों (veins) पर दबाव डाल सकता है। इससे शरीर के किसी हिस्से से तरल पदार्थ वापस जाने की प्रक्रिया धीमी हो सकती है और पैरों में सूजन दिखाई दे सकती है।

कुछ उपचार भी सूजन का कारण बन सकते हैं। कुछ कीमोथेरेपी दवाएं, लक्षित उपचार (targeted therapy), हार्मोन उपचार या स्टेरॉयड (steroids) शरीर में तरल पदार्थ जमा होने का कारण बन सकते हैं। लंबे समय तक कम चलने-फिरने से भी पैरों में सूजन बढ़ सकती है।

क्या दोनों पैरों में सूजन होना सामान्य है?

दोनों पैरों, टखनों या पैरों के पंजों में धीरे-धीरे आने वाली हल्की सूजन कई कारणों से हो सकती है। लंबे समय तक बैठना, खड़े रहना, कम शारीरिक गतिविधि या शरीर में तरल पदार्थ के संतुलन में बदलाव इसका कारण हो सकता है।

अगर सूजन दिन के अंत में ज्यादा और सुबह कम दिखाई देती है, तो कई बार यह शरीर में तरल पदार्थ जमा होने से जुड़ी हो सकती है। लेकिन कैंसर मरीज में नई या लगातार रहने वाली सूजन के बारे में डॉक्टर को बताना जरूरी है।

केवल यह देखकर कि सूजन दोनों पैरों में है, इसे पूरी तरह सामान्य मानना सही नहीं है। हृदय (heart), किडनी (kidney), लिवर (liver) या पोषण से जुड़ी समस्याएं भी दोनों पैरों में सूजन पैदा कर सकती हैं।

एक पैर में सूजन कब चिंता का कारण हो सकती है?

एक पैर में अचानक सूजन आना खास ध्यान देने वाला लक्षण है। खासकर अगर इसके साथ दर्द, लालिमा या त्वचा गर्म महसूस हो रही है, तो यह नस में खून का थक्का (DVT) बनने का संकेत हो सकता है।

कैंसर के मरीजों में कुछ स्थितियों में खून का थक्का (blood clot) बनने का खतरा बढ़ सकता है। इसलिए अचानक एक पैर में सूजन आने पर इसे केवल सामान्य सूजन समझकर घर पर मालिश करना उचित नहीं है।

ऐसी स्थिति में डॉक्टर तुरंत जांच की सलाह दे सकते हैं। जरूरत पड़ने पर डॉप्लर अल्ट्रासाउंड (Doppler ultrasound) जैसी जांच से खून के थक्कों की जांच की जा सकती है।

पैरों की सूजन के संभावित कारण और उनके संकेत

नीचे दी गई तालिका में पैरों की सूजन के कुछ संभावित कारण और उनमें आमतौर पर दिखाई देने वाले संकेत दिए गए हैं।

संभावित कारण

आमतौर पर क्या दिखाई दे सकता है?

लंबे समय तक बैठना या खड़े रहना

दोनों पैरों या टखनों में हल्की सूजन

उपचार से शरीर में तरल पदार्थ जमा होना

पैरों और टखनों में धीरे-धीरे सूजन

लसीका तंत्र में रुकावट (lymphatic blockage)

किसी एक हिस्से में लगातार सूजन और भारीपन

नस में खून का थक्का (DVT)

अचानक एक पैर में सूजन, दर्द या गर्माहट

शरीर में प्रोटीन की कमी

दोनों पैरों में सूजन और कमजोरी

हृदय, किडनी या लिवर की समस्या

दोनों पैरों में सूजन और अन्य लक्षण

संक्रमण (infection)

सूजन के साथ लालिमा, गर्माहट और कभी-कभी बुखार

यह तालिका केवल सामान्य जानकारी के लिए है। सही कारण जानने के लिए डॉक्टर से जांच करवाना जरूरी है।

लसीका सूजन (Lymphedema) क्या होती है?

जब लसीका तंत्र (lymphatic system) शरीर के तरल पदार्थ को ठीक से बाहर नहीं निकाल पाता, तो लसीका सूजन (lymphedema) हो सकती है। कैंसर की सर्जरी (cancer surgery) या रेडिएशन थेरेपी (radiation therapy) के बाद लसीका ग्रंथियां (lymph nodes) या लसीका नलिकाएं प्रभावित होने पर इसका खतरा बढ़ सकता है।

लसीका सूजन में प्रभावित पैर भारी या खिंचा हुआ महसूस हो सकता है। सूजन धीरे-धीरे बढ़ सकती है और कई बार लंबे समय तक बनी रह सकती है।

इसका उपचार व्यक्ति की स्थिति के अनुसार किया जाता है। इसमें दबाव वाली पट्टी या कपड़े (compression therapy), व्यायाम, त्वचा की देखभाल और प्रशिक्षित विशेषज्ञ द्वारा लसीका तरल की निकासी (lymphatic drainage) जैसी विधियां शामिल हो सकती हैं।

यदि आपकी कैंसर की सर्जरी हुई है, तो कैंसर ट्रीटमेंट के बाद नई जीवनशैली के बारे में भी जानकारी ले सकते हैं।

पैरों की हल्की सूजन में क्या सावधानी रखें?

अगर डॉक्टर ने किसी गंभीर कारण को जांच के बाद बाहर कर दिया है, तो कुछ सामान्य आदतें सूजन को नियंत्रित करने में मदद कर सकती हैं।

पैर ऊंचा रखना

आराम करते समय पैरों को तकिए पर थोड़ा ऊंचा रखने से कुछ लोगों को सूजन कम करने में मदद मिल सकती है।

हल्की शारीरिक गतिविधि

यदि आपकी स्वास्थ्य स्थिति इसकी अनुमति देती है, तो हल्की वॉक (walking) या डॉक्टर द्वारा बताए गए व्यायाम रक्त के प्रवाह (circulation) में मदद कर सकते हैं।

लंबे समय तक एक ही स्थिति में न रहें

बहुत देर तक लगातार बैठे या खड़े रहने से बचें। बीच-बीच में अपनी स्थिति बदलें और संभव हो तो थोड़ी देर चलें।

लेकिन अगर एक पैर में अचानक सूजन और दर्द है, तो व्यायाम या मालिश करने से पहले डॉक्टर से सलाह लें।

क्या नमक कम करने से सूजन कम हो सकती है?

कुछ मरीजों में ज्यादा सोडियम यानी नमक शरीर में पानी रोकने में योगदान कर सकता है। इसलिए डॉक्टर या आहार विशेषज्ञ (dietitian) की सलाह के अनुसार संतुलित आहार लेना उपयोगी हो सकता है।

लेकिन हर कैंसर मरीज को एक जैसी डाइट की जरूरत नहीं होती। कुछ मरीजों में वजन कम होने या पोषण की कमी की समस्या भी हो सकती है। इसलिए अपने आप पर बहुत ज्यादा प्रतिबंध वाली डाइट शुरू न करें।

पर्याप्त प्रोटीन और कैलोरी लेना भी इलाज के दौरान शरीर की रिकवरी के लिए जरूरी हो सकता है। आपकी जरूरत कैंसर के प्रकार, उपचार और स्वास्थ्य के अनुसार अलग हो सकती है।

अगर इलाज के दौरान डाइट को लेकर परेशानी है, तो कैंसर रोगियों के लिए सम्पूर्ण डाइट चार्ट के बारे में पढ़ सकते हैं।

कब पैरों की सूजन गंभीर हो सकती है?

कुछ लक्षण बताते हैं कि पैरों की सूजन के लिए जल्द चिकित्सा सलाह की जरूरत हो सकती है।

खास तौर पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें यदि:

  • एक पैर में अचानक सूजन आ गई है।
  • पैर में दर्द, लालिमा या गर्माहट है।
  • सूजन तेजी से बढ़ रही है।
  • चलने में अचानक परेशानी हो रही है।
  • सूजन के साथ बुखार है।
  • सांस लेने में परेशानी या सीने में दर्द हो रहा है।

सांस फूलना या सीने में दर्द, खासकर पैर में अचानक सूजन के साथ, खून के थक्के के फेफड़ों तक पहुंचने जैसी गंभीर स्थिति का संकेत हो सकता है। ऐसी स्थिति में तुरंत आपातकालीन चिकित्सा (emergency medical care) लेना जरूरी है।

डॉक्टर सूजन का कारण कैसे पता करते हैं?

डॉक्टर सबसे पहले पूछ सकते हैं कि सूजन कब शुरू हुई, एक या दोनों पैरों में है, दर्द है या नहीं और कौन-सा कैंसर उपचार चल रहा है। इसके बाद शारीरिक जांच (physical examination) की जाती है।

जरूरत के अनुसार खून की जांच (blood tests), अल्ट्रासाउंड (ultrasound), डॉप्लर जांच (Doppler study) या दूसरी इमेजिंग जांच (imaging tests) की सलाह दी जा सकती है।

अगर डॉक्टर को हृदय, किडनी, लिवर या शरीर में प्रोटीन की कमी से जुड़ी समस्या का संदेह हो, तो उसके अनुसार अतिरिक्त जांच की जा सकती है।

इसलिए पैरों की सूजन के लिए एक ही दवा सभी मरीजों में काम नहीं करती। उपचार हमेशा इसके मुख्य कारण पर निर्भर करता है।

अगर आप कैंसर से जुड़ी अधिक जानकारी पढ़ना चाहते हैं, तो National Cancer Institute की वेबसाइट भी देख सकते हैं।

आज ही परामर्श लें

कैंसर मरीजों में पैरों की सूजन कई कारणों से हो सकती है। हल्की और धीरे-धीरे आने वाली सूजन कई बार उपचार, कम गतिविधि या शरीर में तरल पदार्थ जमा होने से जुड़ी हो सकती है। लेकिन नई या लगातार बनी रहने वाली सूजन को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।

Oncare Cancer Hospital में कैंसर मरीजों के लिए विशेषज्ञ परामर्श और उपचार से जुड़ी समस्याओं की चिकित्सा जांच उपलब्ध है। अगर पैरों में नई सूजन शुरू हुई है, सूजन बढ़ रही है या इसके साथ दर्द, लालिमा, बुखार या सांस लेने में परेशानी है, तो अपनी कैंसर उपचार टीम (oncology team) से जल्द संपर्क करें।

अचानक एक पैर में सूजन और दर्द या सीने में दर्द तथा सांस फूलने जैसे लक्षण होने पर सामान्य अपॉइंटमेंट का इंतजार न करें और तुरंत चिकित्सा सहायता लें।

डिस्क्लेमर

यह ब्लॉग केवल सामान्य जानकारी के उद्देश्य से लिखा गया है। इसमें दी गई जानकारी डॉक्टर की सलाह का विकल्प नहीं है। किसी भी प्रकार के कैंसर, जांच रिपोर्ट या उपचार से संबंधित निर्णय लेने से पहले योग्य कैंसर विशेषज्ञ से परामर्श अवश्य करें।

Frequently Asked Questions

Written and Verified by:

Dr. Gajendra Kumar Himanshu

Dr. Gajendra Kumar Himanshu Exp: 10 Yr

Medical Officer

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