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कीमो में हिचकी और गैस की समस्या: कारण और राहत के उपाय
कीमोथेरेपी के दौरान कुछ मरीजों को हिचकी और गैस की समस्या हो सकती है। हिचकी अक्सर सांस लेने वाली मांसपेशी (diaphragm) के अचानक सिकुड़ने के कारण आती है। कीमोथेरेपी (chemotherapy) के साथ दी जाने वाली कुछ दवाएं, स्टेरॉयड (steroid medicines), पेट में गैस और एसिड रिफ्लक्स (acid reflux) इसके कारण हो सकते हैं। गैस की समस्या भी कीमोथेरेपी, मतली रोकने वाली दवाओं (anti-nausea medicines), कम शारीरिक गतिविधि, कब्ज और खाने की आदतों में बदलाव के कारण बढ़ सकती है। ज्यादातर मामलों में हिचकी और गैस कुछ समय के लिए होती हैं और कारण के इलाज होने पर आराम मिल सकता है। लेकिन अगर हिचकी लंबे समय तक रहे, खाने-पीने या सोने में परेशानी हो, सांस लेने में दिक्कत हो या पेट में तेज दर्द हो, तो डॉक्टर से संपर्क करना जरूरी है।
कीमोथेरेपी के दौरान शरीर में कई तरह के बदलाव होते हैं। मतली और उल्टी को रोकने के लिए दी जाने वाली दवाएं भी पाचन तंत्र (digestive system) को प्रभावित कर सकती हैं। इसी वजह से कुछ मरीजों को पेट फूलना, डकार, गैस या कब्ज के साथ बार-बार हिचकी आने की शिकायत हो सकती है। इस ब्लॉग में हम समझेंगे कि कीमोथेरेपी के दौरान हिचकी और गैस क्यों होती है, इनके बीच क्या संबंध हो सकता है और घर पर कौन-से आसान उपाय राहत देने में मदद कर सकते हैं।
कीमोथेरेपी के दौरान हिचकी क्यों आती है?
हिचकी तब आती है जब डायफ्राम (diaphragm), यानी सांस लेने में मदद करने वाली मांसपेशी, अचानक सिकुड़ती है। इसके बाद गले की आवाज वाली मांसपेशियां (vocal cords) कुछ समय के लिए बंद होती हैं और “हिक” जैसी आवाज आती है।
कीमोथेरेपी के दौरान हिचकी कई कारणों से हो सकती है। कुछ कीमोथेरेपी दवाएं सीधे या अप्रत्यक्ष रूप से डायफ्राम या उससे जुड़ी नसों (nerves) को प्रभावित कर सकती हैं। इसके अलावा इलाज के दौरान दी जाने वाली स्टेरॉयड दवाएं (steroid medicines), जैसे डेक्सामेथासोन (dexamethasone), कुछ मरीजों में लंबे समय तक हिचकी का कारण बन सकती हैं।
पेट में ज्यादा गैस, जल्दी खाना, एसिड रिफ्लक्स (acid reflux) या पेट का बहुत ज्यादा भर जाना भी डायफ्राम में जलन पैदा कर सकता है और हिचकी शुरू हो सकती है।
अगर आप कीमोथेरेपी की प्रक्रिया और इससे होने वाले सामान्य साइड इफेक्ट्स (side effects) के बारे में जानना चाहते हैं, तो हमारा ब्लॉग कीमोथेरेपी क्या है और यह कैंसर को कैसे खत्म करती है, पढ़ सकते हैं।
कीमो के दौरान गैस क्यों बनती है?
कीमोथेरेपी के दौरान पाचन तंत्र (digestive system) कई कारणों से प्रभावित हो सकता है। कुछ दवाएं पाचन की प्रक्रिया को धीमा कर सकती हैं। कम शारीरिक गतिविधि और पानी कम पीने से कब्ज (constipation) हो सकता है, जिससे पेट फूलना और गैस बढ़ सकती है।
इसके अलावा कीमोथेरेपी के दौरान खाने की आदतें भी बदल सकती हैं। मरीज कई बार एक साथ ज्यादा खाना खाने के बजाय कम मात्रा में बार-बार खाना खाता है। कुछ खाद्य पदार्थ, दूध से बनी चीजें (dairy products) या गैस वाले पेय (carbonated drinks) कुछ लोगों में गैस बढ़ा सकते हैं।
मतली रोकने वाली दवाएं (anti-nausea medicines) और दूसरी सहायक दवाएं भी कुछ मरीजों में कब्ज या पाचन से जुड़ी परेशानी पैदा कर सकती हैं।
यदि कीमोथेरेपी के दौरान पेट से जुड़ी दूसरी परेशानियां हो रही हैं, तो कीमोथेरेपी के साइड इफेक्ट्स और उन्हें संभालने के तरीके के बारे में पढ़ना उपयोगी हो सकता है।
हिचकी और गैस के बीच क्या संबंध है?
गैस और हिचकी हमेशा एक-दूसरे के कारण नहीं होती, लेकिन दोनों एक साथ हो सकते हैं। जब पेट में ज्यादा गैस जमा होती है या पेट फूलता है, तो डायफ्राम (diaphragm) पर दबाव पड़ सकता है। इससे कुछ लोगों में हिचकी शुरू हो सकती है।
इसी तरह एसिड रिफ्लक्स (acid reflux), यानी पेट का एसिड ऊपर भोजन की नली (food pipe) की ओर आने से भी डायफ्राम और आसपास के हिस्से में जलन हो सकती है। इससे हिचकी और सीने में जलन जैसी समस्या हो सकती है।
इसलिए बार-बार हिचकी आने वाले मरीजों में डॉक्टर यह भी देखते हैं कि गैस, एसिड रिफ्लक्स, कब्ज या किसी दवा की वजह से तो समस्या नहीं हो रही है।
कीमो के दौरान हिचकी से राहत कैसे पाएं?
अगर हिचकी हल्की है और थोड़े समय के लिए आती है, तो कुछ सामान्य उपाय मदद कर सकते हैं। धीरे-धीरे पानी पीना, आराम से खाना और एक बार में बहुत ज्यादा भोजन न करना उपयोगी हो सकता है।
कुछ आसान उपाय:
- भोजन धीरे-धीरे और अच्छी तरह चबाकर खाएं।
- बहुत ज्यादा गर्म, मसालेदार या बहुत ठंडे भोजन से बचें, अगर उनसे हिचकी बढ़ती है।
- कम मात्रा में भोजन करें और पेट को बहुत ज्यादा न भरें।
- भोजन करने के तुरंत बाद लेटने से बचें।
- गैस वाले पेय (carbonated drinks) कम करें।
- पर्याप्त पानी पिएं, अगर डॉक्टर ने पानी या तरल पदार्थ सीमित करने की सलाह नहीं दी है।
- अगर किसी खास दवा को शुरू करने के बाद हिचकी बढ़ी है, तो उस दवा को खुद से बंद न करें। अपने कैंसर विशेषज्ञ (oncologist) को बताएं।
गैस और पेट फूलने से राहत के उपाय
गैस की समस्या को कम करने के लिए खाने और रोज की दिनचर्या में कुछ छोटे बदलाव किए जा सकते हैं। लेकिन कीमोथेरेपी के दौरान हर मरीज की डाइट अलग हो सकती है, इसलिए अपने डॉक्टर या आहार विशेषज्ञ (dietitian) की सलाह को प्राथमिकता दें।
क्या मदद कर सकता है?
हल्की वॉक (walking), अगर आपकी सेहत इसकी अनुमति देती है, पाचन को बेहतर रखने में मदद कर सकती है। खाना कम मात्रा में लेने और धीरे खाने से भी पेट में हवा जाने की मात्रा कम हो सकती है।
कुछ लोगों में बीन्स, पत्तागोभी, फूलगोभी, प्याज, गैस वाले पेय या बहुत ज्यादा तला-भुना खाना गैस बढ़ा सकता है। अगर किसी खास भोजन के बाद बार-बार समस्या होती है, तो उसे कुछ समय के लिए कम करके देखें और अपनी मेडिकल टीम से चर्चा करें।
कब्ज होने पर उसे भी नजरअंदाज न करें। कब्ज में सुधार होने से पेट फूलने और गैस की समस्या कम हो सकती है।
कौन-सी दवाएं मदद कर सकती हैं?
हिचकी या गैस का इलाज उसके कारण पर निर्भर करता है। अगर समस्या किसी दवा, एसिड रिफ्लक्स, कब्ज या किसी दूसरी स्वास्थ्य समस्या के कारण है, तो डॉक्टर उसी कारण का इलाज कर सकते हैं।
कुछ मामलों में डॉक्टर एसिड रिफ्लक्स या गैस के लिए दवाएं दे सकते हैं। लंबे समय तक रहने वाली हिचकी (persistent hiccups) में भी डॉक्टर ऐसी दवाएं दे सकते हैं जो डायफ्राम के बार-बार सिकुड़ने को कम करने में मदद करती हैं।
बिना डॉक्टर की सलाह के कोई दवा, गैस की दवा (antacid) या हर्बल उपाय (herbal remedy) शुरू न करें। कीमोथेरेपी के दौरान कुछ दवाएं कैंसर की दवाओं या दूसरी चल रही दवाओं के साथ प्रतिक्रिया (interaction) कर सकती हैं।
कब हिचकी चिंता का कारण हो सकती है?
थोड़ी देर के लिए आने वाली हिचकी आमतौर पर गंभीर समस्या नहीं होती। लेकिन अगर हिचकी लगातार बनी रहे या बार-बार लौटती रहे, तो डॉक्टर को बताना चाहिए।
खासकर तब मेडिकल सलाह जरूरी है जब हिचकी:
- खाने या पानी पीने में परेशानी पैदा करे।
- नींद खराब करे।
- बहुत ज्यादा थकान पैदा करे।
- सांस लेने में परेशानी हो।
- उल्टी या तेज पेट दर्द के साथ हो।
- कई दिनों तक लगातार बनी रहे।
लंबे समय तक रहने वाली हिचकी से शरीर में पानी की कमी (dehydration), सही मात्रा में भोजन न कर पाना और नींद की कमी जैसी समस्याएं हो सकती हैं।
गैस के साथ कौन से लक्षण गंभीर हो सकते हैं?
सिर्फ गैस या हल्का पेट फूलना आमतौर पर गंभीर समस्या नहीं होता। लेकिन कीमोथेरेपी के दौरान कुछ लक्षणों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।
अगर पेट में तेज या लगातार दर्द, बार-बार उल्टी, पेट बहुत ज्यादा फूलना, मल या गैस बिल्कुल पास न होना, खून आना या बुखार हो, तो तुरंत अपनी मेडिकल टीम से संपर्क करें।
अगर आप कैंसर के इलाज और कीमोथेरेपी से जुड़ी अधिक जानकारी पढ़ना चाहते हैं, तो National Cancer Institute की वेबसाइट भी देख सकते हैं।
आज ही परामर्श लें
कीमोथेरेपी के दौरान हिचकी और गैस की समस्या कई कारणों से हो सकती है। हल्की और थोड़े समय की समस्या में खाने की आदतों, पर्याप्त तरल पदार्थ और हल्की गतिविधि से राहत मिल सकती है। लेकिन लगातार हिचकी, बहुत ज्यादा पेट फूलना या पेट से जुड़े दूसरे गंभीर लक्षणों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।
Oncare Cancer Hospital में कैंसर के इलाज के दौरान विशेषज्ञ परामर्श (specialist consultation) और कीमोथेरेपी से जुड़े साइड इफेक्ट्स को संभालने के लिए चिकित्सा मार्गदर्शन उपलब्ध है। अगर हिचकी बार-बार हो रही है, गैस बहुत ज्यादा है या इसकी वजह से खाना, पानी पीना या सोना प्रभावित हो रहा है, तो अपनी कैंसर उपचार टीम (oncology team) से बात करें।
डॉक्टर आपकी कीमोथेरेपी दवाओं, सहायक दवाओं, डाइट और लक्षणों की समीक्षा करके समस्या का संभावित कारण पता करने में मदद कर सकते हैं। जरूरत के अनुसार दवा या आगे की जांच की सलाह दी जा सकती है।
डिस्क्लेमर
यह ब्लॉग केवल सामान्य जानकारी के उद्देश्य से लिखा गया है। इसमें दी गई जानकारी डॉक्टर की सलाह का विकल्प नहीं है। किसी भी प्रकार के कैंसर, जांच रिपोर्ट या उपचार से संबंधित निर्णय लेने से पहले योग्य कैंसर विशेषज्ञ से परामर्श अवश्य करें।
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Frequently Asked Questions
हां। कुछ कीमोथेरेपी दवाएं और स्टेरॉयड जैसी सहायक दवाएं (steroid medicines) हिचकी का कारण बन सकती हैं। गैस और एसिड रिफ्लक्स (acid reflux) भी इसे बढ़ा सकते हैं।
कीमोथेरेपी, कुछ सहायक दवाएं, कब्ज, कम शारीरिक गतिविधि और खाने की आदतों में बदलाव से गैस और पेट फूलने की समस्या हो सकती है।
अगर हिचकी लगातार बनी रहती है या खाने, सोने या सांस लेने में परेशानी करती है, तो अपनी कैंसर उपचार टीम (oncology team) से संपर्क करें। खुद से दवा न लें।
कुछ दवाएं गैस या एसिड रिफ्लक्स में मदद कर सकती हैं, लेकिन कीमोथेरेपी के दौरान कोई भी गैस या एंटासिड (antacid) दवा डॉक्टर की सलाह से लेना बेहतर है।
Written and Verified by:
Dr. Gajendra Kumar Himanshu Exp: 10 Yr
Medical Officer
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