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त्योहारों के मौसम में कैंसर मरीजों का खान-पान: क्या खाएं, किससे बचें
त्योहारों के दौरान कैंसर मरीज ताजा, घर का बना और पौष्टिक खाना ले सकते हैं। दाल, पनीर, दही, दूध, अच्छी तरह पकी सब्जियां, फल और पर्याप्त तरल पदार्थ रोज के भोजन में शामिल किए जा सकते हैं। मिठाई या पसंदीदा त्योहार के पकवान भी पूरी तरह बंद करने की जरूरत नहीं होती, लेकिन इन्हें कम मात्रा में लेना बेहतर रहता है। बहुत ज्यादा तला-भुना, मसालेदार, अधिक मीठा और लंबे समय तक बाहर रखा भोजन सीमित करना चाहिए। इलाज के प्रकार और मरीज की हालत के अनुसार भोजन की जरूरत अलग हो सकती है, इसलिए डॉक्टर या डाइटीशियन की सलाह को प्राथमिकता दें।
त्योहारों में घर का माहौल खाने-पीने से जुड़ा रहता है। अलग-अलग पकवान बनते हैं, मिठाइयां आती हैं और परिवार के साथ बाहर खाना भी हो सकता है। कैंसर का इलाज चल रहा हो तो इसका मतलब यह नहीं कि मरीज इन खुशियों से दूर रहे।
आज के इस ब्लॉग में हम जानेंगे कि त्योहारों के दौरान कैंसर मरीज अपने भोजन को किस तरह संतुलित रख सकते हैं, कौन-से खाद्य पदार्थ अच्छे विकल्प हो सकते हैं, मिठाई और तले हुए खाने को लेकर क्या सावधानी रखनी चाहिए और बाहर खाना खाते समय किन बातों का ध्यान रखना जरूरी है।
त्योहारों के समय सही भोजन क्यों जरूरी है?
कैंसर के इलाज के दौरान शरीर को पर्याप्त ऊर्जा और पोषण की जरूरत रहती है। कीमोथेरेपी, रेडिएशन या सर्जरी के बाद कुछ मरीजों को भूख कम लग सकती है। किसी को मतली हो सकती है, तो किसी को मुंह में छाले, स्वाद बदलने या खाना निगलने में परेशानी हो सकती है। इन समस्याओं की वजह से मरीज पहले की तुलना में कम खाना शुरू कर सकता है।
त्योहारों के समय इस बात का ध्यान रखना और भी जरूरी हो जाता है कि भोजन केवल स्वाद के लिए न हो, बल्कि शरीर की जरूरत भी पूरी करे। अगर एक बार में ज्यादा खाना मुश्किल लग रहा है, तो छोटी मात्रा में भोजन दिन में कई बार दिया जा सकता है। इससे मरीज पर ज्यादा खाने का दबाव भी नहीं पड़ता और उसे जरूरी पोषण लेने में आसानी हो सकती है।
अगर आप इलाज के दौरान रोज के भोजन को लेकर जानकारी चाहते हैं, तो हमारा ब्लॉग कैंसर मरीजों के लिए सम्पूर्ण डाइट चार्ट भी पढ़ सकते हैं। इससे अलग-अलग भोजन को डाइट में शामिल करने का तरीका समझने में मदद मिल सकती है।
त्योहारों में कैंसर मरीज क्या खा सकते हैं?
कैंसर मरीज त्योहारों में सामान्य भोजन ले सकते हैं, लेकिन खाना ताजा, साफ और अच्छी तरह पका हुआ होना चाहिए। दाल, पनीर, दही, दूध, चावल, रोटी, सब्जियां, खिचड़ी और दलिया अच्छे विकल्प हो सकते हैं। फल भी अच्छी तरह साफ करके खाए जा सकते हैं। अगर इलाज के दौरान मुंह में छाले या दूसरी परेशानी हो, तो तीखे भोजन से बचें और नरम, हल्का खाना लें।
घर के ताजे भोजन को प्राथमिकता दें
त्योहारों में घर पर बने भोजन को प्राथमिकता देना आसान रहता है। खाना बनाते समय सामग्री की सफाई और पकाने के तरीके पर ध्यान दिया जा सकता है। दाल, रोटी, चावल, सब्जी, खिचड़ी, दलिया, पनीर और दही जैसे भोजन मरीज की जरूरत के अनुसार लिए जा सकते हैं।
मुंह में छाले, निगलने में परेशानी या स्वाद में बदलाव होने पर भोजन को मरीज की सुविधा के अनुसार बनाना चाहिए। बहुत गर्म या ज्यादा मसालेदार भोजन की जगह हल्का भोजन दिया जा सकता है।
भोजन में प्रोटीन जरूर रखें
कैंसर के इलाज के दौरान शरीर को प्रोटीन की जरूरत हो सकती है। यह मांसपेशियों को बनाए रखने और शरीर की मरम्मत में मदद करता है। इसलिए त्योहारों के भोजन में भी प्रोटीन वाले खाद्य पदार्थों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।
शाकाहारी मरीज दाल, चना, पनीर, दूध, दही, टोफू और सोया ले सकते हैं। अगर मरीज अंडा या मांसाहारी भोजन खाता है और डॉक्टर ने इसकी मनाही नहीं की है, तो अच्छी तरह पका हुआ अंडा, चिकन या मछली लिया जा सकता है।
प्रोटीन को एक ही भोजन में ज्यादा लेने की जरूरत नहीं होती। इसे पूरे दिन में बांटकर लेना आसान रहता है। सुबह दूध या दही, दोपहर में दाल और शाम को पनीर जैसे विकल्प लिए जा सकते हैं। अगर भूख कम है, तो कम मात्रा में अधिक पोषण देने वाला भोजन बेहतर विकल्प हो सकता है।
त्योहारों के खाने में किन चीजों को कम करें?
त्योहारों में मिठाई, पकवान और तली हुई चीजें ज्यादा होती हैं। कैंसर मरीज को हर चीज से पूरी तरह दूर रहने की जरूरत नहीं है, लेकिन मात्रा का ध्यान रखना जरूरी है। खासकर तब जब मरीज को पहले से पेट की परेशानी, मतली या मुंह में छाले हों।
खाने की चीज | क्या ध्यान रखें |
|---|---|
मिठाई | थोड़ी मात्रा में और ताजी लें |
तला हुआ खाना | कम मात्रा में लें |
बहुत मसालेदार भोजन | परेशानी होने पर इससे बचें |
खुले में रखा खाना | न लेना बेहतर है |
कच्चा या अधपका भोजन | डॉक्टर की सलाह के अनुसार लें |
पैकेट वाले स्नैक्स | कम मात्रा में लें |
बहुत मीठे पेय | सीमित रखें |
घर का ताजा भोजन | इसे प्राथमिकता दें |
मिठाई खाते समय भी यह ध्यान रखें कि उससे मरीज का मुख्य पौष्टिक भोजन कम न हो। अगर भूख पहले से कम है, तो मिठाई या तले हुए नाश्ते से पेट भरने के बजाय दाल, पनीर, दही या दूसरे पौष्टिक भोजन को प्राथमिकता देना बेहतर है।
त्योहारों में बाहर का खाना खाते समय क्या ध्यान रखें?
त्योहारों में रिश्तेदारों के घर जाना या बाहर खाना खाना सामान्य है। कैंसर मरीज भी परिवार के साथ इन अवसरों का आनंद ले सकते हैं। बस भोजन की सफाई और ताजगी पर सामान्य दिनों की तुलना में थोड़ा अधिक ध्यान देना जरूरी हो सकता है।
खासकर कीमोथेरेपी के दौरान कुछ मरीजों में संक्रमण से लड़ने की क्षमता कम हो सकती है। इसलिए ऐसा भोजन चुनना बेहतर है जो ताजा बना हो और अच्छी तरह पका हुआ हो।
बाहर खाना हो तो इन बातों का ध्यान रखें
- ताजा और अच्छी तरह पका हुआ भोजन चुनें।
- बिना धुले फल या सब्जियां न खाएं।
- अधपका मांस, अंडा या मछली लेने से बचें।
- लंबे समय से खुले में रखा भोजन न लें।
- जिस जगह साफ-सफाई ठीक न लगे, वहां खाने से बचें।
- खाने से पहले हाथ अच्छी तरह साफ करें।
- डॉक्टर ने खान-पान से जुड़ी कोई खास सावधानी बताई हो तो उसका पालन करें।
- तेज गंध से मतली होती है तो ऐसे पकवानों से दूरी रखें।
अगर आप कैंसर से जुड़ी अधिक जानकारी पढ़ना चाहते हैं, तो National Cancer Institute की वेबसाइट देख सकते हैं।
आज ही परामर्श लें
त्योहारों में कैंसर मरीज भी परिवार के साथ भोजन और खुशियों का हिस्सा बन सकते हैं। जरूरत सिर्फ इतनी है कि भोजन ताजा, साफ और पौष्टिक हो। मिठाई और पसंदीदा पकवान कम मात्रा में लिए जा सकते हैं, जबकि प्रोटीन, फल, सब्जियां और पर्याप्त तरल को रोज की डाइट में जगह देना जरूरी है।
हर मरीज की पोषण संबंधी जरूरत एक जैसी नहीं होती। कैंसर का प्रकार, चल रहा इलाज, वजन, भूख और उपचार के कारण होने वाली परेशानियों के आधार पर भोजन में बदलाव की जरूरत हो सकती है। यदि इलाज के दौरान भूख लगातार कम हो रही है, वजन घट रहा है या किसी भोजन को लेकर परेशानी है, तो Oncare Cancer Hospital के कैंसर विशेषज्ञों से परामर्श लिया जा सकता है।
डिस्क्लेमर
यह ब्लॉग केवल सामान्य जानकारी के उद्देश्य से लिखा गया है। इसमें दी गई जानकारी डॉक्टर की सलाह का विकल्प नहीं है। किसी भी प्रकार के कैंसर, जांच रिपोर्ट या उपचार से संबंधित निर्णय लेने से पहले योग्य कैंसर विशेषज्ञ से परामर्श अवश्य करें।
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Frequently Asked Questions
हां, डॉक्टर ने मना नहीं किया है तो थोड़ी मात्रा में ताजी मिठाई ली जा सकती है।
हां, लेकिन भोजन ताजा, साफ और अच्छी तरह पका हुआ होना चाहिए।
एक बार में ज्यादा खाने के बजाय दिन में कई बार थोड़ी मात्रा में पौष्टिक भोजन लें।
कम मात्रा में लिया जा सकता है, लेकिन बहुत ज्यादा तला और मसालेदार भोजन सीमित रखना बेहतर है।
Written and Verified by:
Dr. Gajendra Kumar Himanshu Exp: 10 Yr
Medical Officer
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