महिलाओं में कैंसर के लक्षण और बचाव के उपाय

oncare team
Updated on Oct 7, 2025 17:35 IST

By Prashant Baghel

कैंसर एक ऐसी बीमारी है जिसमें शरीर की कोशिकाएं अनियंत्रित रूप से बढ़ने लगती हैं। ये कोशिकाएं सामान्य कोशिकाओं की तरह काम नहीं करतीं, बल्कि आसपास की ऊतकों को भी नुकसान पहुंचा सकती हैं और शरीर के अन्य हिस्सों तक फैल सकती हैं। महिलाओं में कैंसर विभिन्न प्रकार का हो सकता है जैसे स्तन कैंसर, गर्भाशय (यूटरस) या गर्भाशय ग्रीवा (सर्वाइकल) कैंसर, अंडाशय (ओवरी) कैंसर, और अन्य।

यदि कैंसर को प्रारंभिक अवस्था में पहचान लिया जाए, तो उसका इलाज सफल होने की संभावना बहुत बढ़ जाती है। इसलिए यह जानना जरूरी है कि महिलाओं में कैंसर के लक्षण (Cancer symptoms in women in Hindi) क्या हो सकते हैं और किस तरह की सावधानी रखें।

महिलाओं में कैंसर के सामान्य लक्षण और विशेष संकेत

आज के समय में कैंसर एक तेजी से फैलने वाली बीमारी बन गई है, और महिलाओं में इसके कई अलग-अलग रूप हो सकते हैं। स्तन कैंसर, गर्भाशय (यूटरस), गर्भाशय ग्रीवा (सर्वाइकल), अंडाशय (ओवरी), त्वचा या पाचन तंत्र से जुड़े कैंसर महिलाओं को प्रभावित कर सकते हैं। लेकिन अच्छी बात यह है कि अगर कैंसर के लक्षणों को समय पर पहचान लिया जाए, तो इसका इलाज संभव है और जीवन बचाया जा सकता है।

महिलाओं में कैंसर के सामान्य लक्षण

नीचे उन लक्षणों की सूची दी गई है जो शरीर में किसी भी प्रकार के कैंसर के संकेत हो सकते हैं। यह ज़रूरी नहीं कि हर लक्षण कैंसर ही हो, लेकिन यदि ये लक्षण दो सप्ताह या उससे अधिक समय तक बने रहें, तो बिना देर किए डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है।

1. अचानक वजन कम होना

अगर बिना किसी डाइटिंग या व्यायाम के आपका वजन तेजी से गिर रहा है, तो यह एक गंभीर संकेत हो सकता है। यह खासकर तब चिंताजनक होता है जब वजन बिना किसी कारण कम होता जाए।

2. लगातार थकान और कमजोरी

अगर भरपूर नींद और आराम करने के बाद भी थकान महसूस हो रही है या शरीर कमजोर लग रहा है, तो यह एक अंदरूनी समस्या की ओर इशारा कर सकता है, जिसमें कैंसर भी एक कारण हो सकता है।

3. पेट या एब्डोमेन (उदर) में दर्द या सूजन

अगर पेट में लंबे समय से दर्द बना हुआ है, भारीपन या सूजन बनी रहती है, तो इसे नजरअंदाज न करें। यह पाचन से जुड़े या प्रजनन अंगों के कैंसर का लक्षण हो सकता है।4. पेट फूलना, भूख न लगना, या पाचन संबंधी गड़बड़ी

यदि खाने के थोड़ी देर बाद ही पेट भरा हुआ लगता है, गैस ज्यादा बनती है, या लगातार भूख कम हो गई है, तो यह ओवरी या पेट के कैंसर से जुड़ा लक्षण हो सकता है5. स्तन में बदलाव

महिलाओं में सबसे सामान्य कैंसर स्तन कैंसर है, इसलिए स्तनों में होने वाले किसी भी बदलाव को गंभीरता से लेना चाहिए। जैसे:

  • स्तन में गांठ या सूजन
  • निप्पल से असामान्य स्राव (discharge)
  • त्वचा का रंग या टेक्सचर बदलना
  • निप्पल का अंदर की ओर मुड़ना

6. असामान्य योनि रक्तस्राव

मासिक धर्म के बीच में ब्लीडिंग, रजोनिवृत्ति (menopause) के बाद रक्तस्राव, या बहुत अधिक ब्लीडिंग होना ये सर्वाइकल या एंडोमेट्रियल (गर्भाशय) कैंसर का संकेत हो सकता है।

7. पेशाब या मल में बदलाव

यदि आपको पेशाब या मल त्याग में दर्द, बार-बार पेशाब आना, खून आना या किसी तरह की परेशानी महसूस हो रही है, तो यह मूत्राशय, आंत या सर्वाइकल कैंसर का लक्षण हो सकता है।

8. त्वचा में बदलाव

अगर आपकी त्वचा पर कोई नया तिल (mole) बनता है, पहले से मौजूद तिल का रंग, आकार या आकार बदल रहा है, या कोई घाव ठीक नहीं हो रहा तो यह त्वचा कैंसर का संकेत हो सकता है।

9. गले में बदलाव या आवाज में फर्क

लगातार खांसी रहना, गले में खराश, आवाज में बदलाव आना ये लक्षण गले या थायरॉइड से जुड़े कैंसर की ओर इशारा कर सकते हैं।

10. पीठ, हड्डियों या जोड़ो में दर्द

अगर पीठ, घुटनों या शरीर के किसी हिस्से में लंबे समय से दर्द बना हुआ है और इसका कोई स्पष्ट कारण नहीं है, तो इसे गंभीरता से लेना चाहिए। खासकर अगर यह दर्द दवाओं से ठीक नहीं हो रहा।।

विशेष प्रकारों के लक्षण (Specific Cancer Symptoms in Women)

कुछ कैंसर खासकर महिलाओं में होते हैं, और उनके लक्षण भी थोड़े अलग होते हैं। आइए इनके बारे में भी जानते हैं:

स्तन कैंसर

  • स्तन में गांठ या सूजन
  • त्वचा में गड्ढा पड़ना या सख्ती
  • निप्पल से खून या सफेद स्राव
  • निप्पल का अंदर की ओर घूमना

गर्भाशय ग्रीवा (सर्वाइकल) कैंसर

  • मासिक धर्म के बीच में खून आना
  • यौन संबंध बनाते समय दर्द या रक्तस्राव
  • लगातार और दुर्गंध युक्त वेजाइनल डिस्चार्ज

ओवरी (अंडाशय) कैंसर

  • पेट में लगातार सूजन
  • जल्दी पेट भर जाना
  • भूख न लगना
  • बार-बार पेशाब आना या पेशाब में तकलीफ

एंडोमेट्रियल (गर्भाशय) कैंसर

  • मासिक धर्म के बाद ब्लीडिंग
  • Pelvic area में दर्द या भारीपन
  • सफेद या पानी जैसा डिस्चार्ज

त्वचा कैंसर

  • नया तिल जो अचानक उभरे
  • पुराने तिल का आकार या रंग बदलना
  • घाव जो ठीक न हो

यदि इन लक्षणों में से कोई भी लक्षण आपके शरीर में नजर आ रहा है और वह समय के साथ ठीक नहीं हो रहा, तो आप तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें। जितना जल्दी जांच होगी, इलाज की संभावना उतनी ही बेहतर होती है।

महिलाओं में कैंसर को रोकने या खतरा कम करने के उपाय

कैंसर एक गंभीर बीमारी है, लेकिन सही जीवनशैली और समय पर सावधानी बरत कर इसके खतरे को काफी हद तक कम किया जा सकता है। महिलाओं में कैंसर जैसे स्तन, गर्भाशय, सर्वाइकल (गर्भाशय ग्रीवा), अंडाशय (ओवरी) या त्वचा से जुड़े कैंसर समय पर पकड़े जाएं तो इलाज संभव होता है। हालाँकि कैंसर को पूरी तरह से रोका नहीं जा सकता, लेकिन नीचे दिए गए उपायों को अपनाकर इसके खतरे को काफी हद तक कम किया जा सकता है।

1. स्वस्थ और संतुलित आहार लें

  • रोज़ाना फल और हरी सब्जियाँ खाएं
  • साबुत अनाज (जैसे गेहूं, दलिया) को आहार में शामिल करें
  • कम वसा वाले प्रोटीन जैसे दालें, दूध, अंडे और मछली लें
  • तला-भुना और प्रोसेस्ड भोजन कम से कम खाएं

2. नियमित व्यायाम करें

  • हर सप्ताह 150 मिनट हल्का व्यायाम या 75 मिनट तेज व्यायाम करें
  • तेज़ चलना, योग, डांस या साइकलिंग जैसे सरल तरीकों से शुरू करें

3. धूम्रपान और शराब से दूरी बनाएँ

  • धूम्रपान और शराब का सेव महिलाओं में कई प्रकार के कैंसर (स्तन, फेफड़े, मुँह, लिवर आदि) के जोखिम को कई गुना बढ़ा देता है
  • यदि पहले से आदत है, तो धीरे-धीरे छोड़ने की कोशिश करें और डॉक्टर की मदद लें

4. वजन को नियंत्रित रखें

  • संतुलित आहार और व्यायाम से बीएमआई (BMI) सामान्य रखें
  • खाने में चीनी, सॉफ्ट ड्रिंक और फैट की मात्रा कम करें

5. स्तन की स्व-जांच करें

हर महिला को माह में एक बार स्वयं स्तन जांच (Self Breast Exam) करनी चाहिए।

  • माहवारी के 5-7 दिन बाद स्तनों में कोई गांठ, सूजन या बदलाव महसूस करें
  • यदि कुछ असामान्य लगे तो डॉक्टर से तुरंत संपर्क करें

निष्कर्ष

महिलाओं में कैंसर के लक्षण पहचानना और समय पर सावधानी बरतना जीवन रक्षक हो सकता है। “महिलाओं में कैंसर के लक्षण” जैसे कि अचानक वजन कम होना, थकान, असामान्य रक्तस्राव, स्तन में बदलाव इत्यादि किसी भी प्रकार के कैंसर की ओर इशारा कर सकते हैं। यदि ये लक्षण दो हफ़्ते या उससे अधिक समय तक बने रहें, तो तुरंत डॉक्टर से जांच कराएँ।

साथ ही, स्वस्थ जीवनशैली संतुलित आहार, नियमित व्यायाम, धूम्रपान और शराब से बचना, वजन नियंत्रण, और समय-समय पर स्क्रीनिंग कैंसर का खतरा काफी घटा सकती है। इन सावधानियों के साथ साथ, जागरूकता और स्वास्थ्य शिक्षा सबसे बड़ी ढाल है।

यदि आपको इनमें से कोई लक्षण दिखे, तो Oncare Hospital जैसे विशेषज्ञ अस्पताल में तुरंत अपॉइंटमेंट लें। अच्छा और भरोसेमंद इलाज समय रहते मिलने से न सिर्फ जीवन बेहतर हो सकता है, बल्कि कैंसर को जड़ से लड़ने में सफलता मिल सकती है।

FAQs (अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न)

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