कैंसर के इलाज के दौरान कुछ मरीजों को सर्जरी, कीमोथेरेपी (Chemotherapy) या बीमारी के कारण ब्लड या प्लेटलेट्स की जरूरत पड़ सकती है। ऐसे समय में परिवार को घबराने के बजाय पहले अस्पताल की ब्लड बैंक टीम से यह पता करना चाहिए कि किस ब्लड ग्रुप और किस रक्त घटक की कितनी जरूरत है। भारत में नजदीकी ब्लड बैंक और उपलब्ध रक्त या प्लेटलेट्स की जानकारी e-RaktKosh जैसे सरकारी प्लेटफॉर्म से भी देखी जा सकती है।
इस लेख में हम समझेंगे कि कैंसर मरीज के लिए ब्लड या प्लेटलेट डोनर कैसे खोजें, अस्पताल से कौन-सी जानकारी लेनी चाहिए और डोनर को ब्लड बैंक तक कैसे पहुंचाना है। साथ ही, प्लेटलेट डोनेशन और सामान्य ब्लड डोनेशन में अंतर, डोनर की सामान्य पात्रता और इमरजेंसी में किन बातों का ध्यान रखना चाहिए, यह भी जानेंगे।
कैंसर मरीज को ब्लड या प्लेटलेट्स की जरूरत कब पड़ सकती है?
कैंसर के इलाज में हर मरीज को ब्लड या प्लेटलेट्स की जरूरत नहीं होती। जरूरत मरीज की बीमारी, ब्लड काउंट, उपचार और डॉक्टर की सलाह पर निर्भर करती है। कुछ मरीजों में कीमोथेरेपी या ब्लड कैंसर के कारण प्लेटलेट काउंट बहुत कम हो सकता है। ऐसी स्थिति में डॉक्टर प्लेटलेट ट्रांसफ्यूजन की सलाह दे सकते हैं। e-RaktKosh के अनुसार, प्लेटलेट्स का उपयोग बहुत कम प्लेटलेट काउंट वाले मरीजों में किया जाता है, जिनमें कैंसर मरीज भी शामिल हैं।
इसलिए परिवार को केवल “ब्लड चाहिए” कहकर डोनर तलाशना शुरू नहीं करना चाहिए। पहले यह स्पष्ट करें कि Whole Blood, Packed Red Cells या Platelets में से किसकी जरूरत है।
कैंसर के इलाज और कीमोथेरेपी से जुड़ी जानकारी के लिए कीमोथेरेपी क्या है भी पढ़ सकते हैं।
सबसे पहले अस्पताल से पूरी जानकारी लें
डोनर खोजने से पहले मरीज के डॉक्टर, नर्स या ब्लड बैंक से आवश्यक जानकारी लिखकर लें। इससे गलत ब्लड या गलत प्रकार के डोनर की तलाश में समय नहीं जाएगा।
इन बातों की जानकारी जरूर लें:
- मरीज का ब्लड ग्रुप
- किस रक्त घटक की जरूरत है
- कितनी यूनिट या कितनी मात्रा चाहिए
- कब तक जरूरत है
- किस ब्लड बैंक में डोनेशन करना है
- क्या डोनर का ब्लड ग्रुप निश्चित होना जरूरी है
- डोनर को कौन-से दस्तावेज लेकर जाना है
अस्पताल से यह भी पूछें कि डोनर को सीधे अस्पताल के ब्लड बैंक में जाना है या किसी दूसरे अधिकृत ब्लड सेंटर में। जरूरत के अनुसार प्रक्रिया अलग हो सकती है।
भारत में ब्लड डोनर कैसे अरेंज करें?
परिवार सबसे पहले अपने रिश्तेदारों, दोस्तों, सहकर्मियों और भरोसेमंद संपर्कों में योग्य डोनर खोज सकता है। इसके साथ ही अस्पताल की ब्लड बैंक टीम से उपलब्धता की जानकारी लेना जरूरी है।
भारत सरकार का e-RaktKosh पोर्टल राज्य, जिले, ब्लड ग्रुप और रक्त के घटक के अनुसार उपलब्धता खोजने की सुविधा देता है। इसके जरिए नजदीकी ब्लड सेंटर की जानकारी भी प्राप्त की जा सकती है।
अगर परिवार को स्वयं डोनर नहीं मिल रहा है, तो अस्पताल की सहायता डेस्क या ब्लड बैंक से पूछें कि क्या उनके पास स्वैच्छिक डोनर नेटवर्क या उपलब्ध रक्त की जानकारी है।
प्लेटलेट डोनर कैसे खोजें?
प्लेटलेट्स के लिए प्रक्रिया सामान्य ब्लड डोनेशन से थोड़ी अलग हो सकती है। प्लेटलेट्स पूरे रक्त से अलग करके भी प्राप्त किए जा सकते हैं और Apheresis मशीन से केवल प्लेटलेट्स भी लिए जा सकते हैं। Apheresis में बाकी रक्त घटक डोनर को वापस दिए जाते हैं।
प्लेटलेट डोनेशन के लिए डोनर की मेडिकल जांच की जाती है। प्लेटलेट Apheresis के लिए डोनर को सामान्य रक्तदान की पात्रता के साथ प्री-डोनेशन स्क्रीनिंग में योग्य होना चाहिए और प्लेटलेट काउंट भी निर्धारित स्तर पर होना चाहिए।
इसलिए किसी व्यक्ति को केवल ब्लड ग्रुप देखकर प्लेटलेट डोनर न मानें। अंतिम निर्णय ब्लड बैंक की जांच के बाद होता है।
डोनर की सामान्य पात्रता क्या होती है?
ब्लड डोनेशन के लिए सामान्य रूप से स्वस्थ वयस्क की जरूरत होती है। सामान्य रक्तदान के लिए उम्र 18 से 65 वर्ष और वजन कम से कम 45 किलोग्राम होना चाहिए। अंतिम पात्रता ब्लड बैंक की मेडिकल स्क्रीनिंग के आधार पर तय होती है। प्लेटलेट Apheresis में कुछ अतिरिक्त मानदंड हो सकते हैं। इसमें वजन 50 किलोग्राम से अधिक और प्लेटलेट काउंट 1.5 लाख प्रति माइक्रोलीटर से अधिक होना चाहिए।
बात | सामान्य ब्लड डोनेशन | प्लेटलेट Apheresis |
|---|---|---|
उम्र | सामान्यतः 18-65 वर्ष | ब्लड बैंक के मानदंड के अनुसार |
वजन | कम से कम 45 किग्रा | e-RaktKosh के अनुसार 50 किग्रा से अधिक |
जांच | स्वास्थ्य और डोनर स्क्रीनिंग | स्वास्थ्य, संक्रमण और प्लेटलेट काउंट की जांच |
क्या लिया जाता है? | पूरा रक्त | मुख्य रूप से प्लेटलेट्स |
बाकी रक्त घटक | अलग किए जा सकते हैं | डोनर को वापस दिए जाते हैं |
समय | लगभग 6-10 मिनट का डोनेशन | लगभग 45-60 मिनट |
ये सामान्य जानकारी है। डोनर को स्वीकार करने का अंतिम निर्णय संबंधित ब्लड बैंक की मेडिकल स्क्रीनिंग के आधार पर होता है।
डोनर को ब्लड बैंक में क्या करना होता है?
डोनर को ब्लड बैंक पहुंचने के बाद पहले रजिस्ट्रेशन और स्वास्थ्य संबंधी जानकारी देनी होती है। इसके बाद मेडिकल स्क्रीनिंग की जाती है। इसमें स्वास्थ्य, ब्लड प्रेशर, तापमान और कुछ आवश्यक जांच शामिल हो सकते हैं। अंतिम निर्णय मेडिकल अधिकारी या अधिकृत ब्लड बैंक टीम करती है।
डोनर को अपनी बीमारी, दवाओं या हाल की स्वास्थ्य समस्या के बारे में सही जानकारी देनी चाहिए। किसी ऐसे व्यक्ति को केवल मरीज की जरूरत के कारण डोनेशन के लिए मजबूर नहीं करना चाहिए जो मेडिकल रूप से योग्य नहीं है।
ब्लड और प्लेटलेट डोनर अरेंज करते समय किन बातों का ध्यान रखें?
इमरजेंसी में परिवार अक्सर सोशल मीडिया या WhatsApp पर डोनर की अपील करता है। ऐसा करते समय मरीज की निजी जानकारी सार्वजनिक करने से बचें। केवल जरूरी जानकारी जैसे ब्लड ग्रुप, रक्त घटक, अस्पताल या अधिकृत ब्लड बैंक की जानकारी साझा करना बेहतर है।
साथ ही, किसी अनजान व्यक्ति को सीधे पैसे देकर रक्त या प्लेटलेट्स लेने की कोशिश न करें। भारत की 2026 की डोनर चयन गाइडलाइंस सुरक्षित, स्वस्थ और स्वैच्छिक गैर-भुगतान वाले डोनरों पर जोर देती हैं।
कैंसर मरीज की घर पर देखभाल से जुड़ी जानकारी के लिए कैंसर मरीज की घर पर देखभाल भी पढ़ सकते हैं।
इमरजेंसी में डोनर न मिले तो क्या करें?
अगर मरीज को तुरंत ब्लड या प्लेटलेट्स की जरूरत है और परिवार को डोनर नहीं मिल रहा है, तो सबसे पहले अस्पताल की ब्लड बैंक टीम को बताएं। वे उपलब्ध स्टॉक, दूसरे अधिकृत ब्लड सेंटर या डोनर नेटवर्क के बारे में मार्गदर्शन कर सकते हैं।
e-RaktKosh पर भी उपलब्ध ब्लड और रक्त घटक की जानकारी खोजी जा सकती है। हालांकि, ऑनलाइन उपलब्धता बदल सकती है, इसलिए जाने से पहले संबंधित ब्लड बैंक से पुष्टि करना जरूरी है।
आज ही परामर्श लें
कैंसर मरीज को ब्लड या प्लेटलेट्स की जरूरत होने पर सही रक्त घटक, समय और ब्लड बैंक की जानकारी पहले स्पष्ट करना जरूरी है। Oncare Cancer Hospital में मरीज की उपचार स्थिति के अनुसार ब्लड और प्लेटलेट ट्रांसफ्यूजन से जुड़ी जरूरतों पर मेडिकल टीम से मार्गदर्शन लिया जा सकता है। यदि आपको अपने मरीज के लिए ब्लड या प्लेटलेट्स की आवश्यकता के बारे में जानकारी चाहिए, तो Oncare Cancer Hospital के कैंसर विशेषज्ञों से परामर्श लें।
डिस्क्लेमर
यह ब्लॉग केवल सामान्य जानकारी के उद्देश्य से लिखा गया है। इसमें दी गई जानकारी डॉक्टर की सलाह का विकल्प नहीं है। किसी भी प्रकार के कैंसर, जांच रिपोर्ट या इलाज से संबंधित निर्णय लेने से पहले योग्य कैंसर विशेषज्ञ से सलाह अवश्य लें।
Frequently Asked Questions
क्या हर कैंसर मरीज को ब्लड या प्लेटलेट्स की जरूरत होती है?
नहीं। जरूरत मरीज के ब्लड काउंट, बीमारी, उपचार और डॉक्टर की सलाह पर निर्भर करती है।
प्लेटलेट डोनर कौन बन सकता है?
स्वस्थ और मेडिकल स्क्रीनिंग में योग्य व्यक्ति प्लेटलेट डोनर बन सकता है। Apheresis के लिए अतिरिक्त पात्रता मानदंड होते हैं।
भारत में ब्लड की उपलब्धता कैसे जांचें?
e-RaktKosh पर राज्य, जिला, ब्लड ग्रुप और रक्त घटक के अनुसार उपलब्धता खोजी जा सकती है।
डोनर को पैसे देकर ब्लड लेना चाहिए?
नहीं। सुरक्षित रक्तदान व्यवस्था स्वैच्छिक, स्वस्थ और गैर-भुगतान वाले डोनरों को प्राथमिकता देती है।



