फैलोपियन ट्यूब कैंसर: लक्षण, कारण और इलाज

oncare team
Updated on Sep 25, 2026 18:34 IST

By Dr. Gajendra Kumar Himanshu

फैलोपियन ट्यूब कैंसर

फैलोपियन ट्यूब कैंसर एक दुर्लभ प्रकार का महिला प्रजनन तंत्र का कैंसर है, जो फैलोपियन ट्यूब की कोशिकाओं में शुरू होता है। फैलोपियन ट्यूब गर्भाशय और अंडाशय के बीच मौजूद पतली नलिकाएं होती हैं, जो अंडे को अंडाशय से गर्भाशय तक पहुंचाने में मदद करती हैं। इसके संभावित लक्षणों में असामान्य योनि से रक्तस्राव या डिस्चार्ज, पेट या पेल्विक हिस्से में दर्द, पेट फूलना और पेट में भारीपन शामिल हो सकते हैं। इसका इलाज कैंसर के प्रकार और stage के आधार पर सर्जरी, कीमोथेरेपी और कुछ मामलों में targeted therapy जैसे उपचारों से किया जा सकता है।

फैलोपियन ट्यूब कैंसर के शुरुआती लक्षण कई बार सामान्य गायनेकोलॉजिकल समस्याओं जैसे लग सकते हैं। इसलिए इसे पहचानना आसान नहीं होता। इस ब्लॉग में हम आसान भाषा में समझेंगे कि फैलोपियन ट्यूब कैंसर क्या है, इसके लक्षण और संभावित कारण क्या हैं, किन महिलाओं में इसका risk अधिक हो सकता है, इसकी जांच कैसे होती है और इसका इलाज किस तरह किया जाता है।

फैलोपियन ट्यूब कैंसर क्या है?

फैलोपियन ट्यूब कैंसर तब होता है जब फैलोपियन ट्यूब की कोशिकाएं असामान्य रूप से बढ़ने लगती हैं और अनियंत्रित तरीके से विभाजित होती हैं। समय के साथ ये कोशिकाएं ट्यूमर बना सकती हैं और आसपास के ऊतकों या शरीर के दूसरे हिस्सों तक फैल सकती हैं।

यह कैंसर बहुत कम पाया जाता है और कई बार इसका पता उस समय चलता है जब डॉक्टर किसी अन्य गायनेकोलॉजिकल समस्या की जांच कर रहे होते हैं या सर्जरी कर रहे होते हैं।

फैलोपियन ट्यूब, अंडाशय और गर्भाशय महिला प्रजनन तंत्र के महत्वपूर्ण हिस्से हैं। इनके कैंसर को समझने के लिए महिलाओं में कैंसर के प्रकार के बारे में जानकारी लेना भी मददगार हो सकता है।

फैलोपियन ट्यूब कैंसर के लक्षण

शुरुआती चरण में इसके लक्षण बहुत हल्के हो सकते हैं। कुछ महिलाओं में लंबे समय तक कोई स्पष्ट लक्षण दिखाई नहीं देते। जब लक्षण आते हैं, तो वे दूसरी सामान्य समस्याओं जैसे लग सकते हैं।

सामान्य लक्षण

फैलोपियन ट्यूब कैंसर में ये लक्षण दिखाई दे सकते हैं:

  • योनि से असामान्य रक्तस्राव, खासकर रजोनिवृत्ति के बाद
  • असामान्य या पानी जैसा योनि स्राव
  • पेट के निचले हिस्से या पेल्विक क्षेत्र में दर्द
  • पेट फूलना या पेट में भारीपन
  • पेट में गांठ या दबाव महसूस होना
  • बार-बार पेशाब आना या पेट भरा हुआ महसूस होना
  • भूख कम लगना
  • बिना किसी स्पष्ट कारण के वजन कम होना

इनमें से किसी एक लक्षण का मतलब कैंसर होना नहीं है। लेकिन अगर कोई लक्षण बार-बार हो रहा है या समय के साथ बढ़ रहा है, तो डॉक्टर से जांच करवाना जरूरी है।

अगर आपको लगातार पेट या पेल्विक एरिया से जुड़ी परेशानी हो रही है, तो महिलाओं में कैंसर के लक्षण के बारे में भी जानकारी लेना उपयोगी हो सकता है।

फैलोपियन ट्यूब कैंसर के कारण और रिस्क फैक्टर्स

फैलोपियन ट्यूब कैंसर का एक निश्चित कारण हमेशा पता नहीं चलता। दूसरे कैंसर की तरह इसमें भी कोशिकाओं के DNA में होने वाले बदलाव भूमिका निभा सकते हैं। कुछ महिलाओं में विरासत में मिले जेनेटिक बदलाव इस कैंसर के खतरे को बढ़ा सकते हैं।

कुछ रिस्क फैक्टर्स पर डॉक्टर विशेष ध्यान दे सकते हैं।

उम्र

उम्र बढ़ने के साथ फैलोपियन ट्यूब कैंसर का खतरा बढ़ सकता है। खासकर मेनोपॉज के बाद असामान्य योनि से ब्लीडिंग को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।

BRCA gene mutation

बीआरसीए1 और बीआरसीए2 जीन में कुछ वंशानुगत बदलावों से स्तन और डिम्बग्रंथि कैंसर सहित कुछ अन्य कैंसर का खतरा बढ़ सकता है। कुछ मामलों में फैलोपियन ट्यूब कैंसर का खतरा भी इन आनुवंशिक परिवर्तनों से जुड़ा हो सकता है।

यदि परिवार में स्तन या डिम्बग्रंथि के कैंसर का इतिहास रहा है, तो डॉक्टर से आनुवंशिक परीक्षण के बारे में सलाह लेना उपयोगी हो सकता है।

परिवार में कैंसर का इतिहास

परिवार में ओवेरियन, ब्रेस्ट या कुछ अन्य संबंधित कैंसर का इतिहास होने पर डॉक्टर आपकी पर्सनल और फैमिली हिस्ट्री को देखकर रिस्क असेसमेंट कर सकते हैं।

यह ध्यान रखना जरूरी है कि किसी रिस्क फैक्टर के होने का मतलब यह नहीं है कि महिला को फैलोपियन ट्यूब कैंसर जरूर होगा।

फैलोपियन ट्यूब कैंसर की जांच कैसे होती है?

फैलोपियन ट्यूब कैंसर की जांच के लिए डॉक्टर सबसे पहले आपके लक्षणों और मेडिकल इतिहास के बारे में जानकारी लेते हैं। इसके बाद शारीरिक और पेल्विक जांच की जा सकती है।

जरूरत पड़ने पर डॉक्टर अल्ट्रासाउंड, सीटी स्कैन या एमआरआई जैसे इमेजिंग टेस्ट की सलाह दे सकते हैं। कुछ मामलों में CA-125 जैसे रक्त परीक्षण भी किए जा सकते हैं। लेकिन सिर्फ ब्लड टेस्ट से फैलोपियन ट्यूब कैंसर की पुष्टि नहीं हो सकती।

कैंसर की निश्चित पुष्टि के लिए प्रभावित ऊतक की जांच की जाती है। बायोप्सी या सर्जरी के दौरान निकाले गए ऊतक की पैथोलॉजिकल जांच की जा सकती है।

यदि किसी स्कैन में डिम्बग्रंथि या पेल्विक मास दिखाई देता है, तो डॉक्टर उसके कारण का पता लगाने की कोशिश करते हैं।

फैलोपियन ट्यूब कैंसर के stage

कैंसर की अवस्था यानी stage यह बताती है कि कैंसर शरीर में कितना फैल चुका है। डॉक्टर स्टेज तय करने के लिए इमेजिंग रिपोर्ट, सर्जरी और पैथोलॉजी रिपोर्ट सहित कई जानकारियां देखते हैं।

यदि कैंसर केवल फैलोपियन ट्यूब तक सीमित है, तो बीमारी प्रारंभिक चरण में हो सकती है। यदि कैंसर पेल्विक अंगों, पेट की परत या शरीर के दूसरे हिस्सों तक फैल चुका है, तो यह अधिक उन्नत अवस्था हो सकती है।

सही चरण का पता लगाना जरूरी है क्योंकि इसी के आधार पर डॉक्टर उपचार योजना तैयार करते हैं।

फैलोपियन ट्यूब कैंसर का इलाज

फैलोपियन ट्यूब कैंसर का इलाज cancer stage, tumor की स्थिति, cancer के प्रकार और महिला की overall health के आधार पर तय किया जाता है। कई मरीजों में surgery इलाज का महत्वपूर्ण हिस्सा हो सकती है।

इलाज

इसका उद्देश्य

सर्जरी

कैंसर वाले tumor और जरूरत के अनुसार आसपास के प्रभावित tissue को हटाना

कीमोथेरेपी

कैंसर कोशिकाओं को नष्ट करने या उनकी वृद्धि को रोकने में मदद करना

टारगेटेड थेरेपी

कैंसर कोशिकाओं में मौजूद कुछ खास targets को निशाना बनाना

अन्य systemic treatment

कैंसर के प्रकार और स्थिति के अनुसार विशेष दवाओं का उपयोग

नीचे इलाज के इन मुख्य तरीकों के बारे में विस्तार से बताया गया है।

इलाज के मुख्य तरीके

सर्जरी

अगर कैंसर को सर्जरी से हटाना संभव हो, तो सर्जिकल ट्रीटमेंट महत्वपूर्ण हो सकता है। सर्जरी में फैलोपियन ट्यूब के साथ ओवरी और यूट्रस जैसे आसपास के अंगों को भी हटाने की जरूरत पड़ सकती है। यह कैंसर की स्थिति और उसके फैलाव पर निर्भर करता है।

कुछ मामलों में डॉक्टर स्टेजिंग सर्जरी करते हैं। इसका उद्देश्य यह पता लगाना होता है कि कैंसर शरीर में कितना फैला है।

कीमोथेरेपी

कीमोथेरेपी में ऐसी दवाओं का प्रयोग किया जाता है जो तेजी से बढ़ने वाली कैंसर कोशिकाओं को नष्ट करने या उनकी वृद्धि को रोकने में मदद करती हैं।

सर्जरी के बाद यह बची हुई कैंसर कोशिकाओं और बीमारी के दोबारा लौटने के जोखिम को कम करने में मदद कर सकती है। कौन सी दवा दी जाएगी और कितने चक्रों की जरूरत होगी, यह हर मरीज में अलग हो सकता है।

टारगेटेड थेरेपी

कुछ कैंसर में ट्यूमर की आणविक या आनुवंशिक विशेषताओं के आधार पर लक्षित दवाओं पर विचार किया जा सकता है। यह इलाज हर मरीज के लिए जरूरी या उपयुक्त नहीं होता।

इसके लिए कैंसर टिशू की कुछ विशेष टेस्टिंग की जरूरत पड़ सकती है। डॉक्टर टेस्ट रिपोर्ट और कैंसर की स्थिति देखकर तय करते हैं कि यह इलाज उपयोगी हो सकता है या नहीं।

अगर आप फैलोपियन ट्यूब कैंसर से जुड़ी अधिक जानकारी पढ़ना चाहते हैं, तो National Library of Medicine की वेबसाइट देख सकते हैं।

आज ही परामर्श लें

फैलोपियन ट्यूब का कैंसर दुर्लभ है, लेकिन इसके संभावित लक्षणों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। खासकर मेनोपॉज के बाद असामान्य योनि से रक्तस्राव, लगातार पेल्विक दर्द या असामान्य डिस्चार्ज होने पर स्त्री रोग विशेषज्ञ या ऑन्कोलॉजी विशेषज्ञ से सलाह लेना जरूरी है।

Oncare Cancer Hospital में कैंसर की जांच, निदान और इलाज के लिए विशेषज्ञों से परामर्श लिया जा सकता है। आपके लक्षण, रिपोर्ट और संपूर्ण स्वास्थ्य के आधार पर डॉक्टर यह तय कर सकते हैं कि आपके लिए कौन-सी जांच और इलाज सही हो सकता है।

अगर किसी जांच में फैलोपियन ट्यूब, अंडाशय या पेल्विक क्षेत्र में कोई असामान्यता मिली है, तो समय पर विशेषज्ञ से सलाह लेने से निदान और उपचार योजना में मदद मिल सकती है।

डिस्क्लेमर

यह ब्लॉग केवल सामान्य जानकारी के उद्देश्य से लिखा गया है। इसमें दी गई जानकारी डॉक्टर की सलाह का विकल्प नहीं है। किसी भी प्रकार के कैंसर, जांच रिपोर्ट या उपचार से संबंधित निर्णय लेने से पहले योग्य कैंसर विशेषज्ञ से परामर्श अवश्य करें।

Frequently Asked Questions

Written and Verified by:

Dr. Gajendra Kumar Himanshu

Dr. Gajendra Kumar Himanshu Exp: 10 Yr

Medical Officer

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