रेडिएशन थेरेपी के साइड इफेक्ट्स क्या होते हैं? पूरी जानकारी

oncare team
Updated on Jun 15, 2026 14:27 IST

By Dr. Gajendra Kumar Himanshu

Radiation therapy side effects in Hindi: रेडिएशन थेरेपी की पूरी जानकारी

एशन थेरेपी के टाइम पर कई लोगों को बहुत ज्यादा थकान महसूस हो सकती है। जिस हिस्से पर रेडिएशन दिया जाता है, वहां की स्किन में सूखापन या हल्की जलन कभी-कभी हो सकती है। वही अगर इलाज सिर, गर्दन या गले के आसपास हो रहा हो, तो कुछ मरीजों को मुँह से कोई भी चीज़ को निगलने में थोड़ी दिक्कत महसूस हो सकती है। वहीं, इलाज वाली जगह पर बाल भी झड़ सकते हैं। लेकिन अच्छी बात यह है कि ये दिक्कते अक्सर कुछ समय तक ही रहती हैं और ट्रीटमेंट पूरा होने के बाद धीरे-धीरे सभी चीज़े ठीक होने लगती हैं।

इस ब्लॉग में हम रेडिएशन थेरेपी के साइड इफ़ेक्ट के बारे में जानेगे वो भी बहुत आसान तरीके से। यहाँ आपको हम ये भी बतायेगे कि रेडिएशन थेरेपी क्या करती है, इसके साइड इफेक्ट्स क्यों होते हैं, किन लोगों पर ज़्यादा असर दिखता है, इन साइड इफेक्ट्स को कैसे संभाला जा सकता है, और ट्रीटमेंट करते समय क्या क्या सावधानियाँ रखनी चाहिए।

रेडिएशन थेरेपी क्या है और यह कैसे काम करती है?

रेडिएशन थेरेपी एक उपचार है जिसमें बहुत ही तेज़ ऊर्जा वाली किरणों का उपयोग किया जाता है। ये किरणें कैंसर कोशिकाओं को नुकसान पहुँचाकर उन्हें बढ़ने से रोकती हैं। कुछ मामलों में ये कोशिकाएँ पूरी तरह नष्ट भी हो जाती हैं।

रेडिएशन थेरेपी का सबसे बड़ा फायदा यह है कि यह शरीर के बहुत छोटे हिस्से को ही टारगेट करती है। जहाँ कैंसर है, सिर्फ उसी जगह किरणें भेजी जाती हैं। इसका मतलब यह है कि शरीर के अन्य हिस्सों पर कम असर पड़ता है।

इसके बावजूद कुछ लोगों को साइड इफेक्ट्स महसूस होते हैं, क्योंकि रेडिएशन के दौरान आसपास की सामान्य कोशिकाएँ भी हल्की-फुल्की प्रभावित हो सकती हैं। लेकिन अच्छी बात यह है कि सामान्य कोशिकाएँ समय के साथ खुद को ठीक कर लेती हैं।

रेडिएशन थेरेपी साइड इफेक्ट्स क्यों करती है?

Radiation therapy side effects in hindi समझने के लिए यह जानना ज़रूरी है कि कैंसर कोशिकाएँ और सामान्य कोशिकाएँ दोनों ही किरणों के संपर्क में आती हैं। कैंसर कोशिकाएँ जल्दी खराब हो जाती हैं और खुद को ठीक भी नहीं कर पातीं।

सामान्य कोशिकाएँ थोड़ी प्रभावित तो होती हैं, लेकिन समय के साथ ठीक हो जाती हैं। इसी कारण शरीर में कुछ अस्थायी बदलाव नज़र आते हैं, जिन्हें हम साइड इफेक्ट्स कहते हैं।

साइड इफेक्ट्स कैसे होंगे, यह कई बातों पर निर्भर करता है - बीमारी का प्रकार, रेडिएशन कितने दिनों तक दिया जा रहा है, शरीर किस हिस्से पर दिया जा रहा है, और मरीज का शरीर कितना संवेदनशील है।

शरीर पर होने वाले आम साइड इफेक्ट्स

रेडिएशन थेरेपी लेने वाले ज़्यादातर मरीज कुछ सामान्य बदलाव महसूस करते हैं। ये बदलाव हल्के से लेकर मध्यम स्तर के होते हैं और इलाज खत्म होने के बाद कम होने लगते हैं।

सबसे आम साइड इफेक्ट थकान है। मरीजों को अक्सर ऐसा महसूस होता है कि उनके पास ऊर्जा कम है। शरीर को इलाज के दौरान खुद को ठीक करने के लिए अधिक ऊर्जा की जरूरत पड़ती है, इसलिए थकान महसूस होना बिल्कुल सामान्य है।

कुछ लोगों को उस जगह पर त्वचा से जुड़ी समस्याएँ दिख सकती हैं जहाँ रेडिएशन दिया जाता है। त्वचा लाल हो सकती है, हल्की सूख सकती है, या थोड़ी काली पड़ सकती है। यह बिल्कुल वैसा ही होता है जैसा तेज़ धूप में रहने पर सनबर्न हो जाता है।

कई बार भूख कम लगना, वजन कम होना, या खाने का स्वाद बदल जाना भी शामिल होता है। यह असर तब ज़्यादा देखा जाता है जब रेडिएशन पेट या छाती के हिस्से पर दिया जाता है।

कभी-कभी मरीजों को नींद की समस्या भी हो सकती है। इलाज का तनाव, थकान और चिंता नींद को प्रभावित कर सकती है।

शरीर के अलग-अलग हिस्सों पर रेडिएशन के अनुसार साइड इफेक्ट्स

रेडिएशन थेरेपी किस हिस्से पर दी जा रही है, इससे यह तय होता है कि कौन से साइड इफेक्ट्स होंगे।अगर सिर के हिस्से पर रेडिएशन दिया जाता है, तो बाल झड़ सकते हैं। यह अक्सर अस्थायी होता है।अगर गले या छाती के हिस्से का उपचार हो रहा है, तो निगलने में परेशानी, गले में खराश या आवाज़ में बदलाव भी देखने को मिलता है।

अगर पेट के क्षेत्र में इलाज हो रहा है, तो कभी-कभी दस्त, गैस या उलटी जैसी समस्याएँ हो सकती हैं। ये सब शरीर के अंदर उपचार के कारण होने वाली सामान्य प्रक्रियाएँ हैं।

लंबे समय तक रहने वाले साइड इफेक्ट्स

कुछ मामलों में रेडिएशन थेरेपी के प्रभाव लंबे समय तक भी रह सकते हैं। हर मरीज में ऐसा नहीं होता, लेकिन कुछ लोगों में हल्की कमजोरी या त्वचा का रंग बदल जाना लंबे समय तक रह सकता है।

कभी-कभी शरीर के उस हिस्से का लचीलापन कम हो सकता है जहाँ इलाज किया गया हो, इसलिए डॉक्टर अक्सर हल्के व्यायाम या फिजियोथेरेपी की सलाह देते हैं।

अगर छाती पर रेडिएशन दिया गया हो, तो फेफड़ों में कुछ दुर्लभ लेकिन लंबे समय के बदलाव हो सकते हैं।अगर पेट पर दिया गया हो, तो पाचन से जुड़ी कुछ समस्याएँ समय-समय पर हो सकती हैं।

इनमें से अधिकांश समस्याएँ धीरे-धीरे ठीक हो जाती हैं, और डॉक्टर हर मरीज की स्थिति के अनुसार इन्हें संभालने की सलाह देते हैं।

रेडिएशन थेरेपी के दौरान मानसिक और भावनात्मक प्रभाव

शारीरिक साइड इफेक्ट्स के साथ-साथ मरीज मानसिक रूप से भी परेशान महसूस कर सकते हैं।इलाज का तनाव, डर, चिंता और भविष्य को लेकर उलझन आम बात है।

कई लोग थकान और कमजोरी के कारण खुद को अकेला या परेशान महसूस करते हैं।परिवार का सहयोग, डॉक्टर से बातचीत, और मानसिक स्वास्थ्य पर ध्यान देना इस समय बहुत मदद करता है।

रेडिएशन थेरेपी साइड इफेक्ट्स को कैसे संभाला जा सकता है?

Radiation therapy side effects in hindi को जानने के बाद मरीज का अगला सवाल यही होता है कि इन्हें कैसे संभाला जाए।सबसे जरूरी बात यह है कि शरीर को आराम दें और स्वस्थ भोजन लें।

पानी और तरल पदार्थ ज्यादा पीना, हल्का व्यायाम, और डॉक्टर की बताई दवाइयाँ लेने से ज्यादातर साइड इफेक्ट्स आसानी से नियंत्रित हो जाते हैं।

अगर त्वचा पर असर है, तो डॉक्टर द्वारा सुझाए गए लोशन का उपयोग करना चाहिए और धूप से बचना चाहिए।अगर भूख कम लगती है, तो दिन में कई बार थोड़ी-थोड़ी मात्रा में भोजन करना मददगार होता है।

डॉक्टर हर मरीज के लिए विशेष सुझाव देते हैं, इसलिए किसी भी परेशानी को छिपाना नहीं चाहिए। जितनी जल्दी समस्या बताई जाए, उतनी जल्दी समाधान मिलता है।

इलाज खत्म होने के बाद क्या होता है?

अधिकतर साइड इफेक्ट्स इलाज खत्म होने के कुछ हफ्तों बाद कम होने लगते हैं।शरीर धीरे-धीरे अपनी प्राकृतिक ऊर्जा वापस पाने लगता है।

भोजन का स्वाद वापस आता है, त्वचा ठीक होती है, और मरीज खुद को सामान्य महसूस करने लगता है।कुछ मामलों में डॉक्टर मरीज को कुछ समय तक फॉलो-अप चेकअप करने के लिए बुलाते हैं ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि सब कुछ ठीक तरह से चल रहा है।

अगर आप रेडिएशन थेरेपी के साइड इफेक्ट्स से संबंधित और ज्यादा जानकारी पढ़ना चाहते हैं तो आप National Cancer Institute की आधिकारिक वेबसाइट पर देख सकते हैं।

आज ही परामर्श लें

रेडिएशन थेरेपी कैंसर के इलाज का एक बेहद प्रभावी और आधुनिक तरीका है। इसके कुछ साइड इफेक्ट्स जरूर होते हैं, लेकिन इनका इलाज भी मौजूद है और ये ज्यादातर अस्थायी होते हैं। मरीजों के लिए सबसे महत्वपूर्ण है कि वे अपने शरीर के बदलावों को समझें, डॉक्टर की सलाह मानें, और अपना ध्यान रखें।

अगर आपको या आपके किसी अपने को रेडिएशन थेरेपी की सलाह दी गई है, तो सही अस्पताल चुनना बहुत जरूरी है। Oncare Cancer Hospital में अनुभवी डॉक्टर, आधुनिक तकनीक और व्यक्तिगत देखभाल के साथ कैंसर का सबसे बेहतरीन इलाज उपलब्ध है। यहाँ मरीजों को न सिर्फ इलाज दिया जाता है, बल्कि पूरे सफर में भावनात्मक और मेडिकल सपोर्ट भी दिया जाता है।

FAQs (अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न)

Written and Verified by:

Dr. Gajendra Kumar Himanshu

Dr. Gajendra Kumar Himanshu Exp: 10 Yr

Medical Officer

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