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कैंसर के इलाज के दौरान स्तनपान: क्या सुरक्षित है और क्या नहीं?
कैंसर के इलाज के दौरान स्तनपान करना हर स्थिति में सुरक्षित नहीं माना जाता, खासकर जब मरीज कीमोथेरेपी, कुछ हार्मोन थेरेपी या लक्षित दवाएं ले रही हों। कई कैंसर की दवाएं मां के दूध में पहुंच सकती हैं और बच्चे पर असर डाल सकती हैं। इसलिए इलाज के दौरान स्तनपान जारी रखना है या रोकना है, इसका फैसला दवा और मरीज की स्थिति के आधार पर कैंसर विशेषज्ञ से सलाह लेकर ही करना चाहिए।
इस लेख में हम आसान भाषा में समझेंगे कि कैंसर के इलाज के दौरान स्तनपान कब सुरक्षित नहीं होता, कीमोथेरेपी (Chemotherapy) और दूसरी दवाओं का मां के दूध पर क्या असर पड़ सकता है और इलाज के बाद दोबारा स्तनपान शुरू करने से पहले किन बातों का ध्यान रखना चाहिए। साथ ही, हम यह भी जानेंगे कि ऐसे समय में मां और बच्चे दोनों की सुरक्षा के लिए डॉक्टर की सलाह क्यों जरूरी है।
कैंसर के इलाज के दौरान स्तनपान क्यों चिंता का विषय है?
स्तनपान के दौरान मां द्वारा ली गई कुछ दवाएं दूध के माध्यम से बच्चे तक पहुंच सकती हैं। कैंसर के इलाज में इस्तेमाल होने वाली कुछ दवाएं शरीर पर मजबूत प्रभाव डालती हैं, इसलिए उनका दूध में जाना बच्चे के लिए नुकसानदायक हो सकता है। इसी कारण उपचार के दौरान डॉक्टर कई मरीजों को स्तनपान रोकने की सलाह देते हैं।
हालांकि, हर कैंसर और हर उपचार एक जैसा नहीं होता। इसलिए केवल कैंसर का नाम जानकर यह तय नहीं किया जा सकता कि स्तनपान जारी रखा जा सकता है या नहीं। इस्तेमाल होने वाली दवा, उसकी मात्रा और उपचार की अवधि को ध्यान में रखना जरूरी है।
कीमोथेरेपी के दौरान स्तनपान क्यों नहीं करना चाहिए?
कीमोथेरेपी की दवाएं कैंसर कोशिकाओं को नष्ट करने या उनकी बढ़त रोकने के लिए पूरे शरीर में काम करती हैं। इन दवाओं में से कुछ मां के दूध में काफी मात्रा में पहुंच सकती हैं। इससे दूध पीने वाले बच्चे पर दवा का असर पड़ने का खतरा रहता है। इसलिए कीमोथेरेपी लेते समय आमतौर पर स्तनपान की सलाह नहीं दी जाती।
कुछ कीमोथेरेपी दवाएं इलाज खत्म होने के बाद भी कुछ समय तक शरीर में रह सकती हैं। इसलिए केवल कीमो का एक सत्र पूरा होने के बाद तुरंत स्तनपान शुरू करना सुरक्षित हो, यह जरूरी नहीं है। दोबारा स्तनपान कब शुरू किया जा सकता है, यह इस्तेमाल की गई दवा और डॉक्टर की सलाह पर निर्भर करता है।
कीमोथेरेपी से जुड़े अन्य सवालों के लिए कीमोथेरेपी के सामान्य साइड इफेक्ट्स के बारे में भी पढ़ सकते हैं।
क्या हार्मोन और लक्षित उपचार के दौरान स्तनपान सुरक्षित है?
कुछ हार्मोन थेरेपी और लक्षित दवाएं भी मां के दूध में पहुंच सकती हैं। इनका बच्चों पर असर पड़ सकता है, इसलिए ऐसी दवाएं लेते समय स्तनपान की अनुमति हर मरीज को नहीं दी जाती। कुछ मामलों में इलाज पूरा होने के बाद भी कुछ समय तक इंतजार करना पड़ सकता है।
इसलिए मरीज को अपनी दवा का नाम डॉक्टर को बताकर स्पष्ट रूप से पूछना चाहिए कि स्तनपान कब तक रोकना जरूरी है। डॉक्टर की सलाह के बिना दवा बंद करना या स्तनपान शुरू करना सही नहीं है।
क्या कैंसर की सर्जरी के बाद स्तनपान किया जा सकता है?
सर्जरी के बाद स्तनपान की संभावना इस बात पर निर्भर करती है कि किस प्रकार की सर्जरी हुई है और स्तन का कितना हिस्सा प्रभावित हुआ है। कुछ मरीज सर्जरी के बाद स्तनपान कर सकती हैं, जबकि कुछ में प्रभावित स्तन से दूध बनने की क्षमता कम हो सकती है।
अगर स्तन कैंसर का इलाज हुआ है, तो सर्जरी और उसके बाद होने वाली रेडिएशन थेरेपी से प्रभावित स्तन में दूध बनने की क्षमता कम हो सकती है। ऐसे मामलों में दूसरा स्तन सामान्य रूप से दूध बना सकता है, लेकिन यह हर व्यक्ति में अलग हो सकता है।
स्तन कैंसर की सर्जरी के बारे में अधिक जानकारी के लिए स्तन कैंसर की सर्जरी (Breast Cancer Surgery) भी पढ़ सकते हैं।
रेडिएशन थेरेपी के दौरान क्या सावधानी रखें?
रेडिएशन थेरेपी शरीर के एक खास हिस्से पर दी जाती है और इसका प्रभाव उपचार किए जा रहे क्षेत्र पर निर्भर करता है। यदि स्तन या उसके आसपास रेडिएशन दिया जा रहा है, तो प्रभावित स्तन में दूध बनने और स्तनपान कराने की क्षमता पर असर पड़ सकता है।
वहीं, रेडिएशन के दौरान स्तनपान की सुरक्षा उपचार के प्रकार पर भी निर्भर करती है। इसलिए मरीज को अपने रेडिएशन विशेषज्ञ से पूछना चाहिए कि क्या उपचार के दौरान या बाद में स्तनपान किया जा सकता है।
कौन सा कैंसर उपचार और स्तनपान?
अलग-अलग कैंसर उपचारों में स्तनपान को लेकर सावधानी भी अलग-अलग होती है। नीचे दी गई तालिका में आम उपचारों और उनसे जुड़ी सामान्य सावधानियों को सरल भाषा में समझाया गया है।
कैंसर उपचार | स्तनपान के बारे में सामान्य सावधानी |
|---|---|
कीमोथेरेपी | आमतौर पर स्तनपान की सलाह नहीं दी जाती |
हार्मोन थेरेपी | कई दवाओं के दौरान स्तनपान सुरक्षित नहीं हो सकता |
लक्षित उपचार | दवा के अनुसार स्तनपान रोकना पड़ सकता है |
इम्यूनोथेरेपी | डॉक्टर से विशेष सलाह जरूरी है |
स्तन की सर्जरी | सर्जरी के प्रकार के अनुसार दूध बनने पर असर हो सकता है |
रेडिएशन थेरेपी | उपचार किए गए हिस्से और रेडिएशन के प्रकार पर निर्भर करता है |
यह तालिका सामान्य जानकारी के लिए है। किसी मरीज के लिए स्तनपान की अनुमति या रोकने का समय उसकी दवा और उपचार योजना देखकर ही तय किया जाना चाहिए।
इलाज के बाद दोबारा स्तनपान कब शुरू कर सकते हैं?
कैंसर का उपचार (Cancer treatment) पूरा होने के बाद कुछ महिलाएं दोबारा स्तनपान शुरू कर सकती हैं। लेकिन यह इस बात पर निर्भर करता है कि कौन-सी दवाएं दी गई थीं, उपचार कब पूरा हुआ और क्या अभी भी कोई ऐसी दवा चल रही है जो दूध के माध्यम से बच्चे तक पहुंच सकती है। कुछ मामलों में उपचार खत्म होने के बाद भी कई महीनों तक इंतजार करने की जरूरत हो सकती है।
अगर आप इलाज के बाद स्तनपान शुरू करना चाहती हैं, तो पहले अपने कैंसर विशेषज्ञ से बात करें। जरूरत पड़ने पर स्तनपान विशेषज्ञ की मदद भी ली जा सकती है।
इलाज के दौरान दूध पिलाने को लेकर क्या करें?
कैंसर का इलाज शुरू होने से पहले ही डॉक्टर से स्तनपान के बारे में बात करना बेहतर होता है। इससे मां को आगे की योजना बनाने में मदद मिल सकती है। अगर स्तनपान रोकना जरूरी हो, तो बच्चे के लिए दूसरे सुरक्षित पोषण विकल्पों के बारे में बाल रोग विशेषज्ञ से सलाह ली जा सकती है।
कुछ जरूरी बातें:
- अपनी सभी कैंसर की दवाओं के नाम डॉक्टर को बताएं।
- बिना सलाह के स्तनपान शुरू या बंद न करें।
- दवा की खुराक खुद से कम या बंद न करें।
- इलाज शुरू होने से पहले स्तनपान से जुड़ी अपनी चिंता डॉक्टर से साझा करें।
सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि बच्चे की सुरक्षा के लिए कैंसर का इलाज अधूरा नहीं छोड़ना चाहिए। उपचार और स्तनपान दोनों के बारे में निर्णय कैंसर विशेषज्ञ और जरूरत के अनुसार बाल रोग या स्तनपान विशेषज्ञ के साथ मिलकर लिया जाना चाहिए।
अगर आप कैंसर के इलाज के बारे में और ज्यादा जानकारी पढ़ना चाहते हैं तो आप National Cancer Institute की ऑफिशियल वेबसाइट को देख सकते हैं।
आज ही परामर्श लें
कैंसर के इलाज के दौरान स्तनपान का निर्णय दवा और उपचार के प्रकार के आधार पर लिया जाता है। Oncare Cancer Hospital के कैंसर विशेषज्ञ आपकी उपचार योजना को देखते हुए बता सकते हैं कि स्तनपान के दौरान किन सावधानियों की जरूरत है और इलाज के बाद इसे दोबारा कब शुरू करने पर विचार किया जा सकता है। सही सलाह के लिए Oncare Cancer Hospital के विशेषज्ञों से परामर्श लें।
डिस्क्लेमर
यह ब्लॉग केवल सामान्य जानकारी के उद्देश्य से लिखा गया है। इसमें दी गई जानकारी डॉक्टर की सलाह का विकल्प नहीं है। किसी भी प्रकार के कैंसर, जांच रिपोर्ट या इलाज से संबंधित निर्णय लेने से पहले योग्य कैंसर विशेषज्ञ से सलाह अवश्य लें।
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Frequently Asked Questions
आमतौर पर नहीं। कई कीमोथेरेपी दवाएं मां के दूध में पहुंच सकती हैं और बच्चे को नुकसान पहुंचा सकती हैं।
हां, कुछ कीमोथेरेपी, हार्मोन और लक्षित दवाएं मां के दूध में पहुंच सकती हैं।
कुछ महिलाएं उपचार के बाद दोबारा स्तनपान कर सकती हैं, लेकिन यह दवा और उपचार के अनुसार अलग-अलग होता है।
नहीं। कैंसर की दवा खुद से बंद नहीं करनी चाहिए। स्तनपान और उपचार के बारे में फैसला अपने कैंसर विशेषज्ञ की सलाह से लें।
Written and Verified by:
Dr. Gajendra Kumar Himanshu Exp: 10 Yr
Medical Officer
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