स्तन कैंसर के मुख्य कारण और इससे जुड़े जोखिम कारक

oncare team
Updated on Sep 10, 2025 18:59 IST

By Prashant Baghel

महिलाओं का जीवन हमेशा जिम्मेदारियों से घिरा रहता है। इन जिम्मेदारियों के कारण वह अपने स्वास्थ्य पर ध्यान नहीं देती, जिससे उन्हें कई शारीरिक समस्याएं होती हैं जिन्हें वह नजरअंदाज कर देती है। लेकिन यही छोटी - छोटी शारीरिक समस्याएं आगे जाकर बड़ी घातक बीमारियों की जगह ले सकती है, जिसमें से स्तन कैंसर (Breast Cancer) भी एक है। स्तन कैंसर एक ऐसी घातक बीमारी है जो आपकी जान जाने का मुख्य कारण बन सकता है।

लेकिन स्तन कैंसर से आपको घबराने की कोई जरूरत नहीं है। सही डाइट, इलाज और सावधानियां अपना कर आप स्तन कैंसर को बढ़ने से रोक सकते है। आज के इस आर्टिकल में हम सरल भाषा में जानेंगे कि स्तन कैंसर क्या है, इसके कारण, इससे बचाव और अन्य सावधानियां।

स्तन कैंसर क्या है?

स्तन कैंसर (Breast Cancer) एक गंभीर बीमारी है ,जो अब तक कई महिलाओं की जान ले चुका है। स्तन कैंसर में स्तन की कोशिकाएं अपने आप बढ़ने लगती हैं, और गांठ का रूप ले लेती है। यह गांठ दो प्रकार की हो सकती है एक सौम्य (Benign) जो कि सामान्य होती है। दूसरा है Malignant जो कि स्तन कैंसर को बढ़ाती है।

स्तन कैंसर महिलाओं में धीरे - धीरे बढ़ता है और कई बार इन गांठों में कोई दर्द भी महसूस नहीं होता। सही समय पर इसका इलाज न कराने से यह बाकी हिस्सों (हड्डियों, और फेफड़ों) में भी फैल सकता है। लेकिन सही समय पर अगर आप इसके लक्षणों को समझ लेते हैं, तो इस खतरनाक बीमारी से आप जीत सकते है।

स्तन कैंसर होने के मुख्य कारण

स्तन कैंसर एक ऐसी गंभीर बीमारी है जो बिना किसी असामान्य लक्षण के शुरू होती है। यानी स्तन कैंसर के लक्षण ऐसे होते है जो देखने में बिल्कुल सामान्य लगते है। शुरुआत में महिलाएं इन लक्षणों को पहचान ही नहीं पाती। लेकिन स्तन कैंसर में कुछ लक्षण होते है जिससे आप कैंसर को तुरंत पकड़ सकते है, और उसका इलाज शुरू करा सकते है।

1: आनुवांशिकी (Genetic Factors)

काफी बार स्तन कैंसर का मुख्य कारण पारिवारिक इतिहास भी होता है। अगर किसी की माता, बहन, दादी या नानी को स्तन कैंसर हुआ था तो इससे उनके आने वाली पीढ़ी जिसमें महिलाएं होंगी उसको स्तन कैंसर का खतरा हो सकता है। इसका मुख्य कारण है BRCA1 और BRCA2 नाम के जींस। यह जींस हमारे शरीर में कोशिकाओं और DNA को सुरक्षित रखने का काम करते हैं। अगर इसमें कोई भी कोशिका अनियंत्रित रूप से बढ़ने लगती है, तो यही कैंसर का खतरा बन जाता है। इसलिए महिलाओं में उनके पारिवारिक इतिहास के कारण भी स्तन कैंसर देखने को मिलता है।

2: हार्मोन बदलना (Hormonal Changes)

महिलाओं में हार्मोंस का संतुलन बहुत ज्यादा जरूरी है। हमारे शरीर में Estrogen नाम का एक हार्मोन होता है, जो कोशिकाओं पर प्रभाव डालता है। अगर किसी महिला को मासिक धर्म जल्दी आ गए तो ऐसे में स्तनों की कोशिकाएं लंबे समय तक हार्मोंस के संपर्क में रहती है। यह कोशिका किसी भी असामान्य हार्मोंस बदलाव से अपने आप बढ़ सकती है। इतना ही नहीं अगर आप लंबे समय से हार्मोनल दवाइयां या हार्मोनल थेरपी ले रहे है तो इससे भी कैंसर का खतरा बढ़ सकता है।

3: उम्र और जीवनशैली (Age and Lifestyle)

उम्र और हमारी लाइफस्टाइल हमारे शरीर पर सबसे ज्यादा प्रभाव डालती है। जैसे - जैस उम्र बढ़ती है, कोशिकाओं को खुद को हील करने की क्षमता कम हो जाती है। यही कारण है कि 40 या उससे अधिक उम्र की महिलाओं के स्तन कैंसर ज्यादा देखने को मिलता है। साथ ही मोटापे, ज्यादा जंक फूड का सेवन, या फिजिकल एक्टिविटी न करना, शराब या स्मोक करना आदि, यह सभी चीजें कोशिकाओं को कमजोर करती है। जब कोशिकाएं कमजोर होती है तो इससे कैंसर का खतरा बढ़ने लगता है।

4: पर्यावरण (Environmental Factors)

हमारे शरीर पर हमारे आस पास के पर्यावरण का भी बहुत प्रभाव पड़ता है। प्रदूषण, रेडिएशन, हानिकारक केमिकल्स और रसायन स्तनों की कोशिकाओं को नुकसान पहुंचाते हैं। यह हमारी कोशिकाओं में बदलाव करते हैं और उनकी बढ़ोतरी का कारण बनते है। जो महिलाएं किसी कारखाने, या उद्योग में काम करती है उनको यह खतरा अधिक हो सकता है।

5: तनाव (Stress)

हमेशा सिर्फ शरीर या जेनेटिक्स ही कारण नहीं बनता कैंसर का, बल्कि मानसिक तनाव भी हमारे शरीर पर गहरा प्रभाव डालते है। तनाव में रहने से हार्मोंस का संतुलन बिगड़ जाता है, इतना ही नहीं तनाव से इम्यूनिटी भी कमजोर होती है। लगातार चिंता, काम का दबाव या पूरी नींद न लेना यह सभी शरीर के लिए बहुत बड़ा खतरा है। तनाव सिर्फ स्तन कैंसर ही नहीं बल्कि कई अन्य खतरनाक बीमारियों का रूप भी ले सकता है।

स्तन कैंसर से जुड़े जोखिम कारक

स्तन कैंसर के जोखिम कारक वह होते है जो किसी महिला में इस कैंसर को शुरू करने की संभावना को बढ़ाते हैं। हमेशा ऐसा नहीं होता है कि जोखिम कारक होने पर स्तन कैंसर जरूर होगा ही, लेकिन हमें सावधानियां जरूर बरतनी चाहिए।

1: परिवार और जीन (Genetic Factors)

स्तन कैंसर का सबसे बड़ा जोखिम कारक आपके परिवार का इतिहास है। अगर आपके परिवार की किसी महिला को अंडाशय का कैंसर हुआ था। अगर आपका उस महिला से खून का रिश्ता है तो आपको भी कैंसर होने की संभावना बढ़ जाती है। इसका मुख्य कारण दो जीन होते है BRCA1 और BRCA2। इन जींस का काम है शरीर की कोशिकाओं को सुरक्षित रखना। जब यह जींस सही काम नहीं करते तो कोशिकाओं में बदलाव आता है। लेकिन हमेशा ऐसा नहीं है कि आपके परिवार में किसी को कैंसर है तो आपको भी हो, पर है इसकी संभावना अधिक होती है।  

2: उम्र और लिंग (Age and Gender)

महिलाओं को पुरुषों की तुलना में अधिक स्तन कैंसर होता है, और जैसे - जैसे उम्र बढ़ती है इसका खतरा और बढ़ने लगता है। खास तौर पर 40 या उससे अधिक उम्र की महिलाओं को स्तन कैंसर का खतरा ज्यादा होता है। ऐसा इसलिए क्योंकि बढ़ती उम्र के साथ महिलाओं में कोशिकाएं कमजोर होने लगती है, जिससे स्तन कैंसर का खतरा बढ़ता है।

3: हार्मोन और प्रजनन इतिहास (Hormonal and Reproductive History)

स्तन कैंसर में हार्मोन मुख्य किरदार निभाते हैं। अगर किसी को 12 साल की उम्र में मासिक धर्म शुरू हो जाए, तो इससे भी कोशिकाओं पर प्रभाव पड़ता है। इसके अलावा बच्चे न होना या बच्चे होने में देरी होना भी कैंसर का खतरा बढ़ाता है। अगर किसी ने लंबे समय तक हार्मोनल दवाइयां खाई है या कोई हार्मोनल थेरपी (HRT) ली है, यह भी स्तन कैंसर को बढ़ावा देता है।

4: जीवनशैली (Lifestyle)

आपकी लाइफस्टाइल और डेली रूटीन भी स्तन कैंसर के खतरे को बढ़ाती है। अगर आपका वजन ज्यादा है, या खान - पान सही नहीं है, और आप फिजिकल एक्टिविटी नहीं करते तो यह कैंसर के खतरे को बढ़ाते है। इसके अलावा आप अगर शराब या सिगरेट आदि का सेवन करते है तो इससे आपकी कोशिकाओं को नुकसान पहुंचता है।

आज ही परामर्श ले

स्तन कैंसर एक गंभीर बीमारी है, लेकिन आप इससे जीत सकते है। अगर महिलाएं सही समय पर शरीर में बदलाव आने पर ध्यान दें, अपने शरीर की जांच समय पर कराए। साथ ही एक अच्छी जीवन शैली अपनाए तो इस गंभीर बीमारी से बचाव संभव है।

किसी भी बीमारी से जीत तभी संभव है जब आप बीमारी के लक्षणों पर सही समय पर पहचानते हैं, और डॉक्टर से सलाह लेते है। आप अगर एक ऐसे हॉस्पिटल की तलाश कर रहे है जहा पर स्तन कैंसर का बढ़िया तरीके से इलाज हो सकता है तो आप Oncare Hospital में जा सकते है। यह इंडिया का सबसे बेस्ट हॉस्पिटल जहाँ आपको हर सुविधा मिलती है। आपको घर की जिम्मेदारियों को संभालने के साथ साथ अपने स्वास्थ्य को सबसे पहले रखना चाहिए। आपका स्वास्थ्य ही आपकी सबसे बड़ी ताकत है, इसको ठीक रखना आपका कर्तव्य है।

FAQs (अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न)

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