PET स्कैन के साइड इफेक्ट्स: जांच के बाद क्या होता है?

oncare team
Updated on Mar 31, 2026 11:51 IST

By Prashant Baghel

जब डॉक्टर PET स्कैन कराने को कहते हैं, तो मरीज और उसके परिवार के मन में कई सवाल आने लगते हैं। सबसे आम सवाल यही होता है कि PET स्कैन सुरक्षित है या नहीं और इसके बाद शरीर पर कोई असर तो नहीं पड़ेगा। कुछ लोग रेडिएशन के नाम से डर जाते हैं, तो कुछ को लगता है कि जांच के बाद कमजोरी या दर्द होगा।

सच यह है कि PET स्कैन एक आधुनिक और काफी सुरक्षित जांच है, लेकिन किसी भी मेडिकल टेस्ट की तरह इसके भी कुछ हल्के साइड इफेक्ट्स हो सकते हैं। इस लेख में हम बहुत आसान शब्दों में समझेंगे कि PET स्कैन के साइड इफेक्ट्स क्या हो सकते हैं, जांच के बाद क्या महसूस होता है और किन बातों का ध्यान रखना जरूरी है।

PET स्कैन क्या होता है और क्यों किया जाता है

PET स्कैन का पूरा नाम पॉजिट्रॉन एमिशन टोमोग्राफी स्कैन है। यह एक खास तरह की जांच होती है, जिससे डॉक्टर शरीर के अंदर चल रही गतिविधियों को देख पाते हैं। यह सिर्फ अंगों की तस्वीर नहीं दिखाता, बल्कि यह भी बताता है कि कोशिकाएं कैसे काम कर रही हैं।

PET स्कैन का सबसे ज्यादा इस्तेमाल कैंसर की जांच, कैंसर के फैलाव को देखने, इलाज का असर समझने और कुछ मामलों में दिमाग या दिल से जुड़ी बीमारियों के लिए किया जाता है।

PET स्कैन के दौरान शरीर में क्या डाला जाता है

PET स्कैन से पहले मरीज को एक खास रेडियोधर्मी दवा दी जाती है। यह दवा बहुत ही कम मात्रा में होती है और इसे शरीर में नस के जरिए डाला जाता है। यह दवा शरीर की उन कोशिकाओं तक पहुंचती है जो ज्यादा सक्रिय होती हैं, जैसे कैंसर कोशिकाएं।यही वजह है कि PET स्कैन से डॉक्टर को बीमारी को सही तरीके से पहचानने में मदद मिलती है।

PET स्कैन के साइड इफेक्ट्स कितने गंभीर होते हैं

अधिकतर लोगों में PET स्कैन के बाद कोई गंभीर साइड इफेक्ट नहीं होता। यह जांच आमतौर पर सुरक्षित मानी जाती है। जो भी साइड इफेक्ट्स होते हैं, वे ज्यादातर हल्के और कुछ समय के लिए होते हैं।फिर भी हर व्यक्ति का शरीर अलग होता है, इसलिए कुछ लोगों को जांच के बाद थोड़ी असहजता महसूस हो सकती है।

PET स्कैन के बाद शरीर में क्या बदलाव महसूस हो सकते हैं

PET स्कैन के बाद कुछ लोग बिल्कुल सामान्य महसूस करते हैं, जबकि कुछ को हल्की-फुल्की परेशानियां हो सकती हैं। इनमें घबराने वाली कोई बात नहीं होती और ये असर अपने आप ठीक हो जाते हैं।

PET स्कैन के साइड इफेक्ट्स को विस्तार से समझें

PET स्कैन एक आधुनिक और सुरक्षित जांच मानी जाती है, लेकिन इसके बारे में सही जानकारी होना बहुत जरूरी है। अक्सर जांच के बाद मरीज के मन में डर या भ्रम बना रहता है कि कहीं शरीर पर इसका बुरा असर तो नहीं पड़ेगा। सच यह है कि PET स्कैन के साइड इफेक्ट्स ज्यादातर बहुत हल्के और अस्थायी होते हैं। इन्हें समझ लेने से मरीज मानसिक रूप से ज्यादा सहज महसूस करता है और जांच के बाद बेवजह की चिंता नहीं रहती।

इंजेक्शन वाली जगह पर हल्का दर्द या सूजन

PET स्कैन से पहले मरीज को एक खास दवा नस में इंजेक्शन के जरिए दी जाती है। इसी वजह से कभी-कभी इंजेक्शन वाली जगह पर हल्का दर्द, सूजन या लालपन दिखाई दे सकता है। यह शरीर की सामान्य प्रतिक्रिया होती है और इसमें घबराने की कोई बात नहीं होती।

अधिकतर मामलों में यह परेशानी कुछ घंटों में या एक-दो दिन के अंदर अपने आप ठीक हो जाती है। अगर दर्द सामान्य से ज्यादा हो जाए या सूजन बढ़ती जाए, तो डॉक्टर को बताना जरूरी होता है ताकि सही सलाह दी जा सके।

हल्की थकान या कमजोरी महसूस होना

कुछ लोगों को PET स्कैन के बाद हल्की थकान या कमजोरी महसूस हो सकती है। जांच के दौरान लंबे समय तक एक ही स्थिति में लेटना, मानसिक तनाव या शरीर की सामान्य प्रतिक्रिया इसकी वजह हो सकती है।

यह थकान अस्थायी होती है और आमतौर पर ज्यादा देर तक नहीं रहती। जांच के बाद थोड़ा आराम करना, पर्याप्त पानी पीना और हल्का भोजन करना शरीर को जल्दी सामान्य स्थिति में लाने में मदद करता है।

मतली या चक्कर जैसा महसूस होना

बहुत कम मामलों में PET स्कैन के बाद मरीज को हल्की मतली या चक्कर जैसा महसूस हो सकता है। यह असर कुछ समय के लिए होता है और आमतौर पर अपने आप ठीक हो जाता है।

अगर जांच के बाद ऐसा महसूस हो, तो तुरंत बैठ जाना या लेट जाना चाहिए और वहां मौजूद मेडिकल स्टाफ को इसकी जानकारी देनी चाहिए। वे मरीज की स्थिति देखकर जरूरी सहायता प्रदान करते हैं।

रेडिएशन को लेकर चिंता

PET स्कैन में रेडिएशन का इस्तेमाल जरूर होता है, लेकिन इसकी मात्रा बहुत कम और पूरी तरह सुरक्षित सीमा में होती है। यह रेडिएशन शरीर में लंबे समय तक नहीं रहता और कुछ घंटों या एक दिन के भीतर पेशाब के जरिए बाहर निकल जाता है।

डॉक्टर की सलाह पर कराई गई PET स्कैन से शरीर को कोई स्थायी नुकसान नहीं होता। सही जानकारी होने से रेडिएशन को लेकर होने वाला डर अपने आप कम हो जाता है।

PET स्कैन के बाद क्या सावधानियां जरूरी हैं

PET स्कैन के बाद कुछ साधारण बातों का ध्यान रखने से शरीर जल्दी सामान्य हो जाता है। ज्यादा से ज्यादा पानी पीना चाहिए ताकि दवा जल्दी शरीर से बाहर निकल जाए।जांच के बाद कुछ घंटों तक छोटे बच्चों और गर्भवती महिलाओं के बहुत ज्यादा पास जाने से बचने की सलाह दी जाती है, ताकि रेडिएशन का असर उन पर न पड़े।

क्या PET स्कैन सभी के लिए सुरक्षित है

PET स्कैन ज्यादातर लोगों के लिए सुरक्षित है, लेकिन कुछ खास परिस्थितियों में डॉक्टर अतिरिक्त सावधानी बरतते हैं। गर्भवती महिलाओं को यह जांच तभी कराई जाती है जब बहुत जरूरी हो।डायबिटीज के मरीजों में PET स्कैन से पहले ब्लड शुगर को कंट्रोल में रखना जरूरी होता है, ताकि जांच सही तरीके से हो सके।

आज ही परामर्श लें

PET स्कैन एक सुरक्षित और भरोसेमंद जांच है। इसके साइड इफेक्ट्स बहुत हल्के और अस्थायी होते हैं, जो कुछ ही समय में अपने आप ठीक हो जाते हैं। सही जानकारी होने से डर कम होता है और मरीज मानसिक रूप से मजबूत महसूस करता है।

अगर आपको PET स्कैन या कैंसर से जुड़ी किसी भी जांच और इलाज की जरूरत है, तो Oncare Cancer Hospital में अनुभवी डॉक्टरों, आधुनिक मशीनों और मरीज-केंद्रित देखभाल के साथ बेहतर इलाज उपलब्ध है। सही जगह पर सही जांच जीवन को नई दिशा दे सकती है।

FAQs (अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न)

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