कीमोथेरेपी के दौरान हाथों और पैरों के नाखूनों में बदलाव होना असामान्य नहीं है। कुछ लोगों के नाखूनों का रंग बदल जाता है, कुछ में वे पतले या कमजोर हो जाते हैं, जबकि कुछ मरीजों को नाखूनों के आसपास दर्द या संवेदनशीलता महसूस होती है। इनमें से कई बदलाव इलाज का सामान्य हिस्सा होते हैं। हालांकि, यदि सूजन, पस, तेज दर्द या बुखार जैसे लक्षण दिखाई दें, तो तुरंत डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए।
इस लेख में हम आपको बताएंगे कि Chemotherapy का नाखूनों पर असर क्यों पड़ता है, कौन-से बदलाव सामान्य माने जाते हैं, किन संकेतों को गंभीरता से लेना चाहिए और इलाज के दौरान नाखूनों की देखभाल कैसे करें।
हर मरीज के नाखूनों में बदलाव क्यों नहीं होता?
कई मरीजों को लगता है कि कीमो शुरू होते ही बालों के साथ नाखून भी खराब हो जाएंगे। वास्तव में ऐसा हर किसी के साथ नहीं होता। किसी मरीज में केवल हल्का रंग बदलता है, तो किसी को कोई बदलाव महसूस ही नहीं होता। वहीं कुछ लोगों के नाखून पहले से ज्यादा नाजुक हो सकते हैं।
यह अंतर इसलिए होता है क्योंकि हर व्यक्ति का शरीर दवाओं पर अलग तरह से प्रतिक्रिया देता है। कौन-सी Chemotherapy दी जा रही है, उसकी मात्रा कितनी है और इलाज कितने समय तक चलेगा, इन सभी बातों का असर नाखूनों पर पड़ सकता है।
Chemotherapy का नाखूनों पर असर कैसे पड़ता है?
नाखून लगातार नई कोशिकाओं से बनते रहते हैं। Chemotherapy तेजी से बढ़ने वाली कैंसर कोशिकाओं पर असर डालती है, लेकिन इसी दौरान शरीर की कुछ स्वस्थ कोशिकाएं भी अस्थायी रूप से प्रभावित हो सकती हैं। नाखून बनाने वाली कोशिकाएं भी उनमें शामिल हैं।
यही कारण है कि इलाज के कुछ सप्ताह बाद नाखून पहले जैसे नहीं दिखते। कई बार बदलाव धीरे-धीरे आते हैं, इसलिए मरीज को शुरुआत में उनका एहसास भी नहीं होता।
कौन से बदलाव सामान्य माने जाते हैं?
यदि नाखूनों में केवल हल्के बदलाव दिखाई दे रहे हैं और दर्द या संक्रमण नहीं है, तो अक्सर चिंता की जरूरत नहीं होती। सामान्य बदलावों में शामिल हैं:
- नाखूनों का हल्का काला, भूरा या गहरा पड़ना।
- नाखूनों पर सफेद या गहरी रेखाएं दिखाई देना।
- नाखूनों का धीरे-धीरे बढ़ना।
- नाखूनों का पहले की तुलना में पतला या कमजोर होना।
- किनारों से हल्का टूटना या चटकना।
- नाखूनों का थोड़ा खुरदुरा महसूस होना।
अधिकांश मामलों में ये बदलाव इलाज पूरा होने के बाद धीरे-धीरे कम होने लगते हैं।
कब समझें कि केवल इंतजार करना सही नहीं है?
हर बदलाव को सामान्य मान लेना भी ठीक नहीं है। यदि नाखूनों के आसपास संक्रमण हो जाए, तो Chemotherapy के दौरान यह जल्दी बढ़ सकता है क्योंकि इस समय शरीर की Immunity कमजोर हो सकती है। इन लक्षणों को नजरअंदाज न करें:
- नाखून के आसपास लालिमा बढ़ना।
- तेज दर्द या धड़कन जैसा दर्द महसूस होना।
- पस या बदबूदार स्राव निकलना।
- नाखून का त्वचा से अलग होने लगना।
- उंगली में सूजन बढ़ना।
- बुखार के साथ नाखून में संक्रमण के लक्षण दिखाई देना।
ऐसी स्थिति में घरेलू उपचार करने के बजाय डॉक्टर से संपर्क करना बेहतर होता है।
रोजमर्रा की देखभाल से काफी फर्क पड़ सकता है
नाखूनों को स्वस्थ रखने के लिए महंगे उत्पादों की जरूरत नहीं होती। कुछ साधारण आदतें भी काफी मदद करती हैं।
नाखूनों को छोटा रखें ताकि उनके टूटने की संभावना कम रहे। बर्तन धोते समय या सफाई करते समय दस्ताने पहनें। बहुत गर्म पानी में लंबे समय तक हाथ रखने से बचें। हाथ धोने के बाद मॉइस्चराइज़र लगाएं ताकि नाखूनों के आसपास की त्वचा सूखने न पाए।
यदि नाखून बहुत नाजुक हो गए हों, तो उन्हें दांतों से काटने या उखाड़ने की आदत बिल्कुल न रखें। इससे संक्रमण का खतरा बढ़ सकता है।
क्या नेल पॉलिश या Artificial Nails का इस्तेमाल करना चाहिए?
कई मरीज यह सवाल पूछते हैं। इसका जवाब सभी के लिए एक जैसा नहीं है।
यदि आपके नाखून स्वस्थ हैं और डॉक्टर ने मना नहीं किया है, तो कुछ मामलों में हल्की नेल पॉलिश का उपयोग किया जा सकता है। लेकिन यदि नाखून टूट रहे हों, संक्रमण हो या नाखून त्वचा से अलग हो रहे हों, तो Artificial Nails या तेज केमिकल वाले नेल प्रोडक्ट से बचना बेहतर है।
कोई भी नया Cosmetic Product इस्तेमाल करने से पहले अपने Oncologist या Oncology Nurse से सलाह लेना सुरक्षित रहता है।
इलाज खत्म होने के बाद क्या होगा?
अधिकांश मरीजों में Chemotherapy पूरी होने के बाद नए नाखून सामान्य रूप से बढ़ने लगते हैं। हालांकि यह प्रक्रिया धीरे-धीरे होती है। हाथों के नाखून सामान्य होने में कई महीने लग सकते हैं, जबकि पैरों के नाखूनों को पूरी तरह ठीक होने में इससे अधिक समय भी लग सकता है।
यदि लंबे समय तक कोई सुधार न दिखे, तो डॉक्टर से दोबारा जांच कराना उचित रहेगा।
नाखूनों से जुड़े कुछ आम भ्रम
भ्रम | सही जानकारी |
|---|---|
नाखून काले पड़ गए हैं, यानी इलाज नुकसान कर रहा है। | रंग बदलना कई Chemotherapy दवाओं का सामान्य दुष्प्रभाव हो सकता है। |
नाखून टूटने पर दवा बंद कर देनी चाहिए। | बिना डॉक्टर की सलाह के उपचार बंद नहीं करना चाहिए। |
दर्द नहीं है, इसलिए चिंता की बात नहीं है। | कुछ संक्रमण शुरुआती चरण में बिना ज्यादा दर्द के भी हो सकते हैं। |
इलाज खत्म होते ही नाखून तुरंत सामान्य हो जाते हैं। | नए स्वस्थ नाखून आने में कुछ महीने लग सकते हैं। |
डॉक्टर से कब मिलना चाहिए?
यदि नाखूनों में बदलाव के साथ तेज दर्द, सूजन, पस, बुखार, नाखून का अलग होना या हाथ-पैर का सामान्य उपयोग करने में कठिनाई महसूस हो, तो अपने Oncologist से तुरंत संपर्क करें। समय पर इलाज से संक्रमण को बढ़ने से रोका जा सकता है और कैंसर का उपचार बिना अनावश्यक रुकावट के जारी रखा जा सकता है।
Chemotherapy के बारे में और अधिक जानकारी के लिए National Cancer Institute की आधिकारिक वेबसाइट देख सकते हैं।
आज ही परामर्श लें
यदि Chemotherapy के दौरान आपके नाखूनों में असामान्य बदलाव दिखाई दे रहे हैं या आपको संक्रमण की आशंका है, तो स्वयं दवा लेने के बजाय विशेषज्ञ से सलाह लें। Oncare Cancer Hospital की विशेषज्ञ टीम आपकी स्थिति का मूल्यांकन कर सुरक्षित और व्यक्तिगत देखभाल की सलाह दे सकती है।
डिस्क्लेमर
यह लेख केवल सामान्य स्वास्थ्य जानकारी के उद्देश्य से तैयार किया गया है। यह डॉक्टर की सलाह या उपचार का विकल्प नहीं है। किसी भी गंभीर लक्षण या संक्रमण की स्थिति में योग्य विशेषज्ञ से व्यक्तिगत परामर्श अवश्य लें।
Frequently Asked Questions
1. क्या कीमो के दौरान नाखूनों का रंग बदलना सामान्य है?
हाँ। कई मरीजों में यह उपचार का अस्थायी दुष्प्रभाव होता है।
2. क्या सभी मरीजों में नाखूनों की समस्या होती है?
नहीं। यह दवा, उपचार की अवधि और शरीर की प्रतिक्रिया पर निर्भर करता है।
3. क्या नाखूनों में बदलाव इलाज खत्म होने के बाद ठीक हो जाते हैं?
अधिकांश मामलों में नए नाखून धीरे-धीरे सामान्य रूप से बढ़ने लगते हैं।
4. नाखूनों में संक्रमण होने पर क्या करना चाहिए?
यदि दर्द, सूजन, पस या बुखार हो, तो तुरंत अपने Oncologist से संपर्क करें।



