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आंतों का कैंसर क्या है? कारण, पहचान और इलाज
जब किसी इंसान को लंबे समय से पेट से जुड़ी परेशानी रहने लगे और वह ठीक होने का नाम न ले, तो अक्सर लोग इसे गैस, कब्ज या खानपान की गड़बड़ी मानकर टाल देते हैं। लेकिन कुछ मामलों में यही लक्षण आंतों के कैंसर की ओर इशारा कर सकते हैं। आंतों का कैंसर धीरे-धीरे बढ़ने वाली बीमारी है और शुरुआत में इसके संकेत बहुत साफ नहीं होते। यही वजह है कि कई बार इसकी पहचान देर से होती है। ऐसे में लोगों के मन में सबसे बड़ा सवाल यही आता है कि आंतों का कैंसर क्या है, यह क्यों होता है, कैसे पहचाना जाए और इसका इलाज संभव है या नहीं।
इस लेख में हम समझेंगे कि आंतों का कैंसर क्या होता है, इसके कारण क्या हो सकते हैं, इसके लक्षण कैसे दिखते हैं, इसकी पहचान कैसे की जाती है और डॉक्टर इसके इलाज को लेकर क्या सलाह देते हैं।
आंतों का कैंसर क्या है
आंतों का कैंसर उस स्थिति को कहा जाता है जब आंतों की अंदरूनी परत की कोशिकाएं असामान्य तरीके से बढ़ने लगती हैं। हमारी आंतें भोजन को पचाने और शरीर को पोषण देने का काम करती हैं। जब इन्हीं आंतों में कोशिकाओं का संतुलन बिगड़ जाता है, तो कैंसर बनने की संभावना पैदा हो जाती है।
आमतौर पर आंतों का कैंसर बड़ी आंत में ज्यादा देखा जाता है, लेकिन यह छोटी आंत में भी हो सकता है। यह बीमारी धीरे-धीरे बढ़ती है और शुरुआती चरण में इसके लक्षण बहुत हल्के हो सकते हैं।
आंतों का कैंसर क्यों होता है
आंतों का कैंसर होने के पीछे कोई एक कारण जिम्मेदार नहीं होता। यह बीमारी आमतौर पर कई कारणों के लंबे समय तक असर से विकसित होती है। रोजमर्रा की आदतें, खानपान और जीवनशैली धीरे-धीरे आंतों की सेहत को प्रभावित करती हैं। शुरुआत में शरीर कोई साफ संकेत नहीं देता, इसलिए लोग इन कारणों को गंभीरता से नहीं लेते। समय के साथ यही छोटे कारण मिलकर आंतों के कैंसर का खतरा बढ़ा सकते हैं।
खानपान से जुड़ी आदतें
बहुत ज्यादा तला-भुना, मसालेदार और प्रोसेस्ड खाना अगर लंबे समय तक खाया जाए, तो इसका सीधा असर आंतों पर पड़ता है। फाइबर की कमी वाला भोजन आंतों की सफाई को धीमा कर देता है, जिससे हानिकारक तत्व ज्यादा समय तक आंतों में रहते हैं। इससे आंतों की अंदरूनी परत कमजोर होने लगती है और कोशिकाओं में गलत बदलाव होने की संभावना बढ़ जाती है।
लंबे समय तक कब्ज या पाचन की समस्या
अगर किसी व्यक्ति को लंबे समय से कब्ज, गैस, पेट भारी रहना या पाचन से जुड़ी परेशानी बनी रहती है और उसका सही इलाज नहीं होता, तो यह आंतों के लिए नुकसानदायक हो सकता है। लगातार पाचन गड़बड़ी से आंतों पर दबाव पड़ता है और अंदरूनी बदलाव हो सकते हैं, जो आगे चलकर कैंसर का रूप ले सकते हैं।
पारिवारिक इतिहास
अगर परिवार में पहले किसी को आंतों का कैंसर रहा हो, तो अन्य सदस्यों में इसका खतरा थोड़ा बढ़ जाता है। ऐसे लोगों को लक्षणों को लेकर ज्यादा सतर्क रहना चाहिए और समय-समय पर जांच कराते रहना चाहिए, ताकि किसी भी बदलाव को जल्दी पकड़ा जा सके।
उम्र और जीवनशैली
उम्र बढ़ने के साथ शरीर की कोशिकाओं में बदलाव का खतरा बढ़ता है। इसके साथ ही शारीरिक गतिविधि की कमी, ज्यादा देर तक बैठे रहना, मोटापा और असंतुलित जीवनशैली भी आंतों के कैंसर के जोखिम को बढ़ा सकती है। सक्रिय जीवन, संतुलित आहार और नियमित जांच से इस खतरे को काफी हद तक कम किया जा सकता है।
आंतों का कैंसर के शुरुआती लक्षण
आंतों का कैंसर शुरुआत में ऐसे संकेत देता है जो आम पेट की परेशानियों जैसे लगते हैं। इसी वजह से लोग इन्हें गैस, अपच या कब्ज समझकर नजरअंदाज कर देते हैं। लेकिन अगर ये समस्याएं लंबे समय तक बनी रहें और दवाइयों से भी ठीक न हों, तो इन्हें गंभीरता से लेना जरूरी हो जाता है। शुरुआती लक्षणों को समय पर पहचान लेने से बीमारी को शुरूआती चरण में पकड़ा जा सकता है और इलाज ज्यादा आसान हो सकता है।
पेट दर्द और ऐंठन
पेट में बार-बार दर्द होना या मरोड़ उठना आंतों के कैंसर का शुरुआती संकेत हो सकता है। यह दर्द कभी हल्का तो कभी तेज महसूस हो सकता है और कुछ समय बाद फिर लौट आता है। अगर पेट दर्द लगातार बना रहे या धीरे-धीरे बढ़ता जाए, तो इसे सामान्य समस्या मानकर टालना सही नहीं होता।
कब्ज या दस्त में बदलाव
अगर अचानक कब्ज या दस्त की समस्या शुरू हो जाए, या मल त्याग की आदतों में बदलाव आने लगे, तो यह आंतों में किसी गड़बड़ी का संकेत हो सकता है। कई बार मरीज को लगता है कि कब्ज ठीक हो गया है, लेकिन कुछ दिनों बाद फिर वही परेशानी शुरू हो जाती है।
पेट पूरी तरह साफ न होने का एहसास
मल त्याग के बाद भी पेट पूरी तरह साफ न होने का एहसास बना रहना भी आंतों के कैंसर से जुड़ा हो सकता है। यह संकेत बताता है कि आंतों का काम सामान्य तरीके से नहीं हो पा रहा है और इसकी जांच कराना जरूरी हो जाता है।
आंतों का कैंसर की पहचान कैसे होती है
डॉक्टर सबसे पहले मरीज के लक्षण और मेडिकल इतिहास को ध्यान से समझते हैं। इसके बाद कुछ जरूरी जांच की जाती हैं।
जांच और स्कैन
खून की जांच, अल्ट्रासाउंड, CT स्कैन या अन्य स्कैन से आंतों की स्थिति को देखा जाता है।
कोलोनोस्कोपी और बायोप्सी
कोलोनोस्कोपी के जरिए आंतों के अंदर कैमरे से देखा जाता है। अगर कोई संदिग्ध हिस्सा दिखाई देता है, तो वहां से सैंपल लेकर बायोप्सी की जाती है। इससे यह साफ हो जाता है कि कैंसर है या नहीं।
आंतों का कैंसर का इलाज कैसे किया जाता है
आंतों का कैंसर का इलाज मरीज की स्थिति और बीमारी की स्टेज पर निर्भर करता है।
सर्जरी
अगर कैंसर शुरुआती स्टेज में हो, तो सर्जरी से प्रभावित हिस्से को हटाया जा सकता है। यह इलाज काफी असरदार माना जाता है।
दवाओं से इलाज
कुछ मामलों में दवाओं के जरिए कैंसर कोशिकाओं को कंट्रोल करने की कोशिश की जाती है, खासकर जब बीमारी थोड़ी आगे बढ़ चुकी हो।
रेडिएशन या अन्य इलाज
डॉक्टर मरीज की हालत देखकर रेडिएशन या अन्य इलाज की सलाह भी दे सकते हैं। कई बार इलाज का संयोजन भी किया जाता है।
इलाज के दौरान मरीज की देखभाल
आंतों का कैंसर का इलाज सिर्फ दवाइयों तक सीमित नहीं होता। सही खानपान, पर्याप्त आराम और मानसिक सहारा भी बहुत जरूरी होता है।
इलाज के दौरान मरीज को हल्का और पौष्टिक भोजन लेने की सलाह दी जाती है ताकि शरीर की ताकत बनी रहे। परिवार का सहयोग और डॉक्टर की सही जानकारी मरीज को मानसिक रूप से मजबूत बनाती है।
इलाज के बाद रिकवरी और फॉलो-अप
इलाज पूरा होने के बाद शरीर को ठीक होने में समय लगता है। डॉक्टर नियमित फॉलो-अप जांच की सलाह देते हैं ताकि यह देखा जा सके कि बीमारी कंट्रोल में है या नहीं।साथ ही मरीज को जीवनशैली में बदलाव, नियमित शारीरिक गतिविधि और सही खानपान अपनाने की सलाह दी जाती है।
सही समय पर इलाज क्यों जरूरी है
आंतों का कैंसर अगर शुरुआती चरण में पकड़ में आ जाए, तो इलाज के अच्छे परिणाम मिल सकते हैं। देर होने पर इलाज लंबा और मुश्किल हो सकता है।इसलिए लंबे समय तक पेट की परेशानी, मल में खून या वजन कम होने जैसे लक्षणों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।
आज ही परामर्श लें
आंतों का कैंसर एक गंभीर बीमारी है, लेकिन यह पूरी तरह लाइलाज नहीं है। सही समय पर पहचान, सही जांच और सही इलाज से इस बीमारी से लड़ना संभव है। अगर आपको या आपके किसी अपने को लंबे समय से पेट दर्द, कब्ज या दस्त में बदलाव, मल में खून या बिना वजह वजन कम होने जैसी परेशानी है, तो देर न करें।
Oncare Cancer Hospital आंतों के कैंसर की जांच और इलाज के लिए एक भरोसेमंद और आधुनिक अस्पताल है। यहां अनुभवी डॉक्टरों की देखरेख में जांच से लेकर इलाज और फॉलो-अप तक पूरी सुविधा उपलब्ध है। समय पर अपॉइंटमेंट लेकर इलाज शुरू करना बेहतर स्वास्थ्य की दिशा में पहला कदम हो सकता है।
FAQs (अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न)
यह आंतों की कोशिकाओं में होने वाला कैंसर है, जो धीरे-धीरे बढ़ता है।
अगर बीमारी समय पर पकड़ में आ जाए, तो इलाज के अच्छे परिणाम मिल सकते हैं।
नहीं, लेकिन यह एक गंभीर लक्षण है और जांच जरूरी होती है।
हां, यहां जांच, इलाज और फॉलो-अप सहित पूरी सुविधा उपलब्ध है।
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