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एचपीवी वैक्सीन किसे और कब लगवानी चाहिए
एचपीवी वैक्सीन लड़कियों और लड़कों दोनों को दी जा सकती है। इसे 9 से 14 साल की उम्र में लगवाना अधिक फायदेमंद माना जाता है, क्योंकि कम उम्र में शरीर वैक्सीन के प्रति अच्छी सुरक्षा बना सकता है। अगर किसी को इस उम्र में वैक्सीन नहीं लगी है, तो बाद में भी डॉक्टर की सलाह से इसे लगवाया जा सकता है। कितनी खुराक की जरूरत होगी, यह उम्र, स्वास्थ्य और पहले लगी खुराक पर निर्भर करता है।
आज के इस ब्लॉग में हम आपको बताएंगे कि एचपीवी वैक्सीन किन लोगों के लिए उपयोगी हो सकती है और इसे लगवाने की सही उम्र क्या है। इसके साथ ही, हम वैक्सीन लगवाने से पहले ध्यान रखने वाली जरूरी बातों को आसान तरीके से समझेंगे।
एचपीवी क्या है?
एचपीवी का पूरा नाम ह्यूमन पैपिलोमावायरस है। यह कोई एक वायरस नहीं, बल्कि कई प्रकार के वायरस का एक समूह है। एचपीवी संक्रमण काफी आम है और कई लोगों को जीवन में कभी न कभी इसका संक्रमण हो सकता है। अधिकतर मामलों में शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता इस संक्रमण को कुछ समय बाद खुद ही खत्म कर देती है। व्यक्ति को कोई खास परेशानी भी महसूस नहीं होती। लेकिन एचपीवी के कुछ प्रकार लंबे समय तक शरीर में बने रह सकते हैं। इन्हें हाई-रिस्क एचपीवी कहा जाता है।
अगर हाई-रिस्क एचपीवी संक्रमण लंबे समय तक बना रहे, तो यह शरीर की कुछ कोशिकाओं में बदलाव कर सकता है। ऐसे बदलाव आगे चलकर कैंसर का कारण बन सकते हैं। सर्वाइकल कैंसर के अधिकतर मामले लंबे समय तक रहने वाले एचपीवी संक्रमण से जुड़े होते हैं। एचपीवी के कुछ प्रकार गले, मुंह, गुदा और जननांगों से जुड़े कैंसर का खतरा भी बढ़ा सकते हैं। एचपीवी वैक्सीन शरीर को वायरस के कुछ खतरनाक प्रकारों से बचाव के लिए तैयार करती है। यह पहले से मौजूद एचपीवी संक्रमण को खत्म नहीं करती। इसी वजह से वैक्सीन को वायरस के संपर्क में आने से पहले लगवाना बेहतर माना जाता है।
एचपीवी वैक्सीन किन लोगों को लगवानी चाहिए?
कई लोग एचपीवी वैक्सीन को केवल लड़कियों के लिए जरूरी मानते हैं। ऐसा नहीं है। एचपीवी संक्रमण लड़कों और पुरुषों को भी प्रभावित कर सकता है। इसलिए उम्र और स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए लड़कियों और लड़कों, दोनों को यह वैक्सीन दी जा सकती है।
9 से 14 साल की उम्र
एचपीवी वैक्सीन लगवाने के लिए 9 से 14 साल की उम्र को अच्छा समय माना जाता है। इस उम्र में शरीर वैक्सीन के प्रति बेहतर प्रतिक्रिया दे सकता है और मजबूत सुरक्षा तैयार कर सकता है।
कुछ माता-पिता के मन में यह सवाल आता है कि इतनी कम उम्र में इस वैक्सीन की जरूरत क्यों है। इसका कारण यह है कि एचपीवी वैक्सीन इलाज के लिए नहीं, बल्कि बचाव के लिए लगाई जाती है। वायरस के संपर्क में आने से पहले वैक्सीन लगने पर इसका लाभ अधिक हो सकता है।
बच्चे को कितनी खुराक दी जाएगी और अगली खुराक कब लगेगी, इसकी जानकारी डॉक्टर से लें। खुराक का समय लागू वैक्सीनेशन गाइडलाइन के अनुसार अलग हो सकता है।
15 से 26 साल की उम्र
अगर बचपन या किशोरावस्था में एचपीवी वैक्सीन नहीं लग पाई है, तो बाद में भी इसे लगवाने का विकल्प हो सकता है। 15 से 26 साल की उम्र के लोग डॉक्टर से बात करके वैक्सीनेशन शुरू या पूरा कर सकते हैं।
कई बार पहली खुराक लग जाती है, लेकिन अगली खुराक समय पर नहीं लग पाती। ऐसी स्थिति में यह मान लेना सही नहीं है कि पूरी प्रक्रिया दोबारा शुरू करनी होगी। डॉक्टर को बताएं कि पिछली खुराक कब लगी थी। उपलब्ध जानकारी के आधार पर डॉक्टर आगे का सही समय बता सकते हैं।
इस उम्र में लगने वाली खुराक की संख्या कम उम्र के बच्चों से अलग हो सकती है। इसलिए किसी दूसरे व्यक्ति के वैक्सीनेशन शेड्यूल को अपने लिए न अपनाएं।
27 से 45 साल की उम्र
27 से 45 साल की उम्र में एचपीवी वैक्सीन हर व्यक्ति के लिए जरूरी नहीं होती। इस उम्र के कुछ लोगों को वैक्सीन से लाभ मिल सकता है, लेकिन इसका फैसला व्यक्ति की स्थिति को देखकर किया जाता है।
अगर आपको पहले एचपीवी वैक्सीन नहीं लगी है और अब इसे लगवाने के बारे में सोच रहे हैं, तो डॉक्टर से बात करें। डॉक्टर आपकी उम्र, स्वास्थ्य, पहले लगी खुराक और अन्य जरूरी बातों को समझने के बाद उचित सलाह दे सकते हैं।
एचपीवी वैक्सीन कब लगवानी चाहिए?
वैक्सीन लगवाने का सही समय हर व्यक्ति के लिए एक जैसा नहीं हो सकता। उम्र के साथ खुराक और वैक्सीनेशन का समय बदल सकते हैं।
उम्र या स्थिति | जरूरी जानकारी |
|---|---|
9 से 14 साल | इस उम्र में वैक्सीन लगवाना अधिक फायदेमंद माना जाता है। डॉक्टर द्वारा बताया गया वैक्सीनेशन शेड्यूल पूरा करें। |
15 से 26 साल | अगर वैक्सीन पहले नहीं लगी या खुराक अधूरी रह गई है, तो डॉक्टर से सलाह लेकर इसे शुरू या पूरा किया जा सकता है। |
27 से 45 साल | वैक्सीन आपके लिए उपयोगी होगी या नहीं, यह जानने के लिए डॉक्टर से व्यक्तिगत सलाह लें। |
कमजोर इम्यून सिस्टम | खुराक की संख्या या समय अलग हो सकता है। डॉक्टर को अपनी स्वास्थ्य स्थिति और चल रहे इलाज के बारे में बताएं। |
गर्भावस्था | अगर कोई खुराक बाकी है, तो उसे कब लगवाना है, इस बारे में डॉक्टर से सलाह लें। |
वैक्सीन की खुराक और उनके बीच का समय उम्र, स्वास्थ्य और लागू गाइडलाइन के अनुसार तय किए जाते हैं। इसलिए अपने लिए वैक्सीनेशन शेड्यूल डॉक्टर से ही समझें।
वैक्सीन लगवाने से पहले किन बातों की जानकारी डॉक्टर को दें?
वैक्सीन लगवाने से पहले डॉक्टर को अपनी सेहत और चल रहे इलाज के बारे में बताना जरूरी है। खासकर इन स्थितियों की जानकारी जरूर दें:
- पहले किसी वैक्सीन या उसकी खुराक से गंभीर एलर्जी हुई हो
- इस समय तेज बुखार या कोई गंभीर बीमारी हो
- इम्यून सिस्टम कमजोर हो
- कैंसर या किसी अन्य गंभीर बीमारी का इलाज चल रहा हो
- ऐसी दवाएं ली जा रही हों, जो इम्यून सिस्टम को प्रभावित करती हों
- गर्भावस्था हो या इसकी संभावना हो
इनमें से कोई स्थिति होने का मतलब यह नहीं है कि एचपीवी वैक्सीन नहीं लग सकती। डॉक्टर आपकी स्थिति देखकर बता सकते हैं कि वैक्सीन अभी लगाई जा सकती है या कुछ समय इंतजार करना बेहतर होगा।
अगर आप एचपीवी वैक्सीन के बारे में और ज्यादा जानकारी पढ़ना चाहते हैं तो आप National Cancer Institute की वेबसाइट को देख सकते हैं।
आज ही परामर्श लें
एचपीवी वैक्सीन लगवाने के लिए 9 से 14 साल की उम्र को बेहतर समय माना जाता है। अगर इस उम्र में वैक्सीन नहीं लग पाई है, तो बाद में भी डॉक्टर से बात करके इसे शुरू या पूरा किया जा सकता है। यह वैक्सीन लड़कियों के साथ-साथ लड़कों के लिए भी उपयोगी हो सकती है।
अगर आप अपने बच्चे या अपने लिए एचपीवी वैक्सीन लगवाने पर विचार कर रहे हैं, तो सही उम्र, खुराक और वैक्सीनेशन शेड्यूल जानने के लिए Oncare Cancer Hospital के विशेषज्ञ डॉक्टरों से सलाह ले सकते हैं। डॉक्टर उम्र, स्वास्थ्य और पहले लगी खुराक की जानकारी के आधार पर सही मार्गदर्शन दे सकते हैं। समय पर वैक्सीनेशन एचपीवी से जुड़ी कुछ बीमारियों और कैंसर के खतरे को कम करने में मदद कर सकता है।
डिस्क्लेमर
इस लेख में दी गई जानकारी केवल सामान्य जानकारी और जागरूकता के लिए है। एचपीवी वैक्सीन की खुराक और समय व्यक्ति की उम्र, स्वास्थ्य और लागू वैक्सीनेशन गाइडलाइन के अनुसार अलग हो सकते हैं। वैक्सीन लगवाने से पहले डॉक्टर से सलाह जरूर लें।
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Frequently Asked Questions
आमतौर पर 9 से 14 साल की उम्र में एचपीवी वैक्सीन लगवाना अधिक फायदेमंद माना जाता है। सही खुराक और समय जानने के लिए डॉक्टर से सलाह लें।
हाँ। एचपीवी लड़कों और पुरुषों को भी प्रभावित कर सकता है। इसलिए उम्र और स्वास्थ्य के अनुसार लड़कों को भी यह वैक्सीन दी जा सकती है।
हाँ। अगर पहले वैक्सीन नहीं लगी है या उसकी खुराक पूरी नहीं हुई है, तो डॉक्टर की सलाह से वैक्सीनेशन शुरू या पूरा किया जा सकता है।
नहीं। एचपीवी वैक्सीन पहले से मौजूद संक्रमण का इलाज नहीं करती। इसका उद्देश्य भविष्य में होने वाले कुछ प्रकार के एचपीवी संक्रमणों से बचाव में मदद करना है।
Written and Verified by:
Dr. Gajendra Kumar Himanshu Exp: 10 Yr
Medical Officer
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