ब्रैकीथेरेपी (आंतरिक रेडिएशन) क्या है और कब इस्तेमाल होती है

oncare team
Updated on Sep 17, 2026 16:50 IST

By Dr. Gajendra Kumar Himanshu

ब्रैकीथेरेपी (आंतरिक रेडिएशन) क्या है

ब्रैकीथेरेपी रेडिएशन थेरेपी का एक तरीका है, जिसमें radiation देने वाला छोटा source शरीर के अंदर या tumor के बहुत पास रखा जाता है। इसका मकसद कैंसर वाली जगह पर radiation की ज्यादा dose पहुंचाना और आसपास के सामान्य tissues पर असर को सीमित रखना होता है। इसे internal radiation therapy भी कहा जाता है। इसका इस्तेमाल कैंसर के प्रकार और उसकी जगह के अनुसार किया जाता है, जैसे cervical, prostate, breast, vaginal और कुछ अन्य cancers में।

आज के ब्लॉग में हम आपको बताएंगे कि ब्रैकीथेरेपी क्या होती है, यह शरीर के अंदर radiation कैसे देती है, किन कैंसर में इसका इस्तेमाल किया जा सकता है, इसके कितने सामान्य तरीके हैं और treatment के दौरान मरीज को किन बातों का ध्यान रखना चाहिए।

ब्रैकीथेरेपी क्या होती है?

नाम थोड़ा मुश्किल लग सकता है, लेकिन इसका तरीका समझना आसान है। सामान्य radiation therapy में radiation machine शरीर के बाहर से tumor की तरफ radiation भेजती है। इसे external beam radiation therapy कहा जाता है।

ब्रैकीथेरेपी में radiation source को tumor के पास या उसके अंदर रखा जाता है। इससे radiation का असर उस जगह पर ज्यादा केंद्रित किया जा सकता है।

Radiation source बहुत छोटा हो सकता है और इसे सीधे tumor में या उसके पास रखे गए applicator के जरिए position किया जाता है।

ब्रैकीथेरेपी कैसे दी जाती है?

Treatment का तरीका कैंसर की जगह पर निर्भर करता है। डॉक्टर पहले यह तय करते हैं कि radiation source को शरीर के किस हिस्से में और कितनी देर के लिए रखना है। आमतौर पर प्रक्रिया कुछ इस तरह आगे बढ़ सकती है:

पहले treatment planning

Radiation oncologist मरीज की reports और scans देखकर treatment plan तैयार करता है। जरूरत के अनुसार CT scan, MRI या दूसरी imaging से tumor की location और आसपास के organs को समझा जाता है। इसके बाद यह तय किया जाता है कि radiation source को कहां रखना है और radiation की कितनी dose देनी है।

Applicator या device लगाया जाता है

कैंसर के स्थान के अनुसार एक खास applicator या catheter इस्तेमाल किया जा सकता है। इसके जरिए radiation source को tumor के पास पहुंचाया जाता है।

यह तरीका cancer की location पर निर्भर करता है। Cervical cancer में applicator को cervix और आसपास के हिस्से तक पहुंचाया जा सकता है, जबकि prostate cancer में छोटे radioactive sources या temporary applicators का इस्तेमाल किया जा सकता है।

Radiation source रखा जाता है

इसके बाद radioactive source को तय जगह पर रखा जाता है। कुछ treatments में source कुछ समय के बाद निकाल लिया जाता है, जबकि कुछ treatments में छोटे radioactive seeds शरीर के अंदर लंबे समय के लिए छोड़े जा सकते हैं।

ब्रैकीथेरेपी के मुख्य प्रकार

ब्रैकीथेरेपी को radiation source कितनी देर तक शरीर में रहता है, इसके आधार पर अलग तरीके से दिया जा सकता है।

प्रकार

कैसे दी जाती है

Low-dose rate

Radiation source लंबे समय तक कम dose rate से radiation देता है

High-dose rate

कम समय में ज्यादा dose दी जाती है और source बाद में निकाल लिया जाता है

Permanent implant

छोटे radioactive seeds को शरीर में छोड़ दिया जाता है

Temporary implant

Source को treatment के बाद शरीर से निकाल लिया जाता है

कौन सा तरीका इस्तेमाल होगा, यह cancer के प्रकार, tumor की जगह और treatment plan पर निर्भर करता है।

किन कैंसर में ब्रैकीथेरेपी इस्तेमाल होती है?

ब्रैकीथेरेपी कई तरह के cancers में treatment का हिस्सा हो सकती है। इसका इस्तेमाल खास तौर पर उन cancers में उपयोगी हो सकता है जहां radiation source को tumor के पास सही जगह पर रखा जा सकता है।

इसका इस्तेमाल इनमें हो सकता है:

  • ग्रीवा कैंसर
  • प्रोस्टेट कैंसर
  • स्तन कैंसर
  • योनि का कैंसर
  • गर्भाशय कैंसर के कुछ मामले
  • त्वचा कैंसर के कुछ मामले
  • कुछ अन्य कैंसर, विशेषज्ञ की सलाह के अनुसार

हर मरीज को brachytherapy की जरूरत नहीं होती। Cancer की stage, tumor का आकार, location और पहले दिए गए treatment के आधार पर डॉक्टर फैसला करते हैं।

Cervical cancer में ब्रैकीथेरेपी

Cervical cancer में brachytherapy radiation treatment का एक महत्वपूर्ण हिस्सा हो सकती है। कई patients में इसे external beam radiation therapy और chemotherapy के साथ treatment plan में शामिल किया जाता है।

इसमें applicator को cervix और उसके आसपास के हिस्से में रखा जाता है और radiation source को उसी के जरिए tumor के पास पहुंचाया जाता है।

इसका फायदा यह है कि radiation को उस area में अधिक focused तरीके से दिया जा सकता है जहां cancer मौजूद है।

Prostate cancer में ब्रैकीथेरेपी

Prostate cancer में brachytherapy का तरीका cervical cancer से अलग होता है। कुछ patients में छोटे radioactive seeds prostate gland के अंदर रखे जाते हैं। इसे low-dose-rate brachytherapy कहा जाता है।

कुछ मरीजों में radiation source को थोड़े समय के लिए prostate के अंदर रखा जाता है और फिर निकाल लिया जाता है। यह high-dose-rate technique हो सकती है।

कौन सा तरीका सही है, यह prostate cancer की स्थिति और मरीज की health पर निर्भर करता है।

External radiation और brachytherapy में क्या अंतर है?

दोनों radiation therapy के तरीके हैं, लेकिन radiation source रखने का तरीका अलग है। External beam radiation therapy में machine शरीर के बाहर रहती है और radiation को tumor की तरफ भेजती है।

Brachytherapy में radiation source को tumor के अंदर या उसके बहुत पास रखा जाता है। इस वजह से brachytherapy कुछ खास situations में tumor तक radiation को ज्यादा localized तरीके से पहुंचाने का विकल्प दे सकती है।

ब्रैकीथेरेपी के बाद क्या side effects हो सकते हैं?

Side effects इस बात पर निर्भर करते हैं कि brachytherapy शरीर के किस हिस्से में दी गई है। कुछ मरीजों में ऐसी समस्याएं हो सकती हैं:

  • थकान
  • इलाज वाली जगह पर irritation
  • दर्द या discomfort
  • पेशाब से जुड़ी परेशानी
  • bowel movement में बदलाव
  • vaginal irritation या discharge

हर मरीज में side effects एक जैसे नहीं होते। Radiation oncologist treatment शुरू करने से पहले संभावित side effects के बारे में जानकारी देते हैं और जरूरत पड़ने पर उन्हें manage करने के तरीके भी बताते हैं।

क्या ब्रैकीथेरेपी हर मरीज के लिए सही है?

नहीं। यह फैसला केवल cancer के नाम के आधार पर नहीं किया जाता। डॉक्टर आमतौर पर देखते हैं:

  • Cancer का type
  • Tumor की जगह
  • Tumor का आकार
  • Cancer की stage
  • पहले दिया गया treatment
  • मरीज की overall health

इसके बाद radiation oncologist यह तय करता है कि brachytherapy treatment plan में शामिल करना है या नहीं।

अगर आप brachytherapy के बारे में और जानकारी पढ़ना चाहते हैं, तो National Cancer Institute की आधिकारिक वेबसाइट पर विश्वसनीय जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।

आज ही परामर्श लें

ब्रैकीथेरेपी radiation therapy का एक ऐसा तरीका है जिसमें radiation source को tumor के अंदर या उसके बहुत पास रखा जाता है। इससे कुछ cancers में tumor area को targeted radiation देने में मदद मिल सकती है। इसका इस्तेमाल cervical, prostate, breast और कुछ दूसरे cancers में किया जा सकता है, लेकिन इसका चुनाव हर मरीज में अलग होता है।

अगर आपके cancer treatment plan में brachytherapy की सलाह दी गई है या आप समझना चाहते हैं कि यह आपके लिए उपयोगी हो सकती है या नहीं, तो Oncare Cancer Hospital में radiation oncology specialist से अपनी reports के साथ सलाह लें। डॉक्टर cancer की location, stage और आपकी overall health देखकर treatment का सही तरीका समझा सकते हैं।

डिस्क्लेमर

यह लेख केवल सामान्य स्वास्थ्य जानकारी के लिए है। Brachytherapy की जरूरत और उसका तरीका cancer के प्रकार, stage, tumor की location और मरीज की medical condition पर निर्भर करते हैं। सही treatment plan radiation oncologist की सलाह के बाद ही तय किया जाना चाहिए।

Frequently Asked Questions

Written and Verified by:

Dr. Gajendra Kumar Himanshu

Dr. Gajendra Kumar Himanshu Exp: 10 Yr

Medical Officer

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