नाक के कैंसर के बारे में जरूरी बातें

oncare team
Updated on Feb 2, 2026 16:11 IST

By Prashant Baghel

जब किसी व्यक्ति को नाक से जुड़ी लगातार परेशानी होने लगती है, जैसे बार-बार खून आना, नाक बंद रहना या चेहरे में अजीब सा दर्द, तो अक्सर लोग इसे सर्दी, एलर्जी या साइनस की समस्या समझकर नजरअंदाज कर देते हैं। लेकिन कुछ मामलों में ये लक्षण नाक का कैंसर जैसी गंभीर बीमारी की ओर भी इशारा कर सकते हैं। नाक का कैंसर बहुत आम नहीं है, लेकिन अगर इसकी पहचान देर से हो जाए, तो इलाज मुश्किल हो सकता है।

इस लेख में हम जानेंगे कि नाक का कैंसर क्या होता है, इसके लक्षण कैसे होते हैं, किन कारणों से यह बीमारी होती है, इसकी पहचान और इलाज कैसे किया जाता है और समय पर इलाज क्यों इतना जरूरी होता है।

नाक का कैंसर क्या होता है

नाक का कैंसर वह स्थिति होती है जब नाक या नाक के अंदर मौजूद कोशिकाएं असामान्य रूप से बढ़ने लगती हैं। यह कैंसर नाक के अंदरूनी हिस्से, नाक की हड्डी, आसपास के साइनस या नाक के पीछे वाले हिस्से में हो सकता है। शुरुआत में यह बीमारी बहुत हल्के लक्षण देती है, इसलिए अक्सर लोग इसे गंभीरता से नहीं लेते।

नाक का कैंसर धीरे-धीरे बढ़ सकता है और अगर समय रहते इलाज न हो, तो यह आंखों, चेहरे की हड्डियों और दिमाग के पास तक फैल सकता है।

नाक के कैंसर को गंभीर क्यों माना जाता है

नाक का कैंसर इसलिए गंभीर माना जाता है क्योंकि यह चेहरे और सांस लेने से जुड़े बहुत संवेदनशील हिस्से में होता है। नाक हमारे सांस लेने, सूंघने और बोलने की प्रक्रिया से जुड़ी होती है। इस हिस्से में कैंसर होने से रोजमर्रा की जिंदगी पर सीधा असर पड़ता है।

इसके अलावा नाक के कैंसर के शुरुआती लक्षण आम समस्याओं जैसे लगते हैं, जिस वजह से मरीज डॉक्टर के पास देर से पहुंचता है। यही देरी बीमारी को ज्यादा गंभीर बना देती है।

नाक के कैंसर के शुरुआती लक्षण

नाक के कैंसर के शुरुआती लक्षण अक्सर इतने सामान्य होते हैं कि लोग उन्हें हल्की एलर्जी या सर्दी-जुकाम समझकर नजरअंदाज कर देते हैं। यही वजह है कि बीमारी की पहचान कई बार देर से होती है। अगर ये संकेत लंबे समय तक बने रहें, तो इन्हें गंभीरता से लेना जरूरी होता है।

एक तरफ नाक का लगातार बंद रहना

कई मरीजों को एक ही तरफ नाक बंद रहने की शिकायत होती है, जो दवाइयों के बाद भी ठीक नहीं होती। यह सामान्य साइनस से अलग हो सकता है और जांच की जरूरत होती है।

नाक से बार-बार खून आना

नाक से हल्का या बार-बार खून आना शुरुआती संकेत हो सकता है। अक्सर लोग इसे मामूली समझ लेते हैं, लेकिन लंबे समय तक ऐसा होना जांच का विषय बन जाता है।

नाक के अंदर दर्द या भारीपन

नाक के अंदर जलन, दर्द या भारीपन महसूस होना भी शुरुआती लक्षणों में शामिल है। यह परेशानी धीरे-धीरे बढ़ सकती है।

नाक के कैंसर के बढ़ते हुए लक्षण

जैसे-जैसे नाक का कैंसर आगे बढ़ता है, इसके लक्षण और ज्यादा साफ दिखाई देने लगते हैं और रोजमर्रा की जिंदगी को प्रभावित करने लगते हैं। इस स्टेज पर बीमारी आसपास के हिस्सों तक फैलने लगती है।

चेहरे या आंखों के आसपास सूजन

चेहरे के एक हिस्से में सूजन आना या आंख के आसपास दबाव महसूस होना इस बात का संकेत हो सकता है कि कैंसर आसपास के टिश्यू को प्रभावित कर रहा है।

लगातार सिरदर्द

कुछ मरीजों को लगातार सिरदर्द रहने लगता है, जो आम दवाइयों से भी ठीक नहीं होता। यह बढ़ते कैंसर का संकेत हो सकता है।

नाक से बदबूदार स्राव और अन्य बदलाव

नाक से बदबूदार स्राव आना, सुनने में कमी महसूस होना या आंखों से पानी आना भी नाक के कैंसर के बढ़ते हुए लक्षण हो सकते हैं। ऐसे संकेत दिखने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना जरूरी होता है।

चेहरे और आंखों पर असर

नाक का कैंसर बढ़ने पर आंखों के आसपास सूजन, आंख बाहर की ओर निकलती हुई लगना या देखने में परेशानी हो सकती है। कुछ मामलों में आंखों में दर्द या धुंधला दिखना भी हो सकता है।

चेहरे की हड्डियों पर दबाव पड़ने से चेहरे का आकार भी थोड़ा बदल सकता है, जो मरीज के लिए मानसिक रूप से परेशान करने वाला हो सकता है।

नाक के कैंसर के संभावित कारण

नाक के कैंसर का कोई एक कारण नहीं होता, लेकिन कुछ चीजें इसके खतरे को बढ़ा सकती हैं। लंबे समय तक धूल, केमिकल या धुएं के संपर्क में रहना एक बड़ा कारण माना जाता है।

कुछ खास इंडस्ट्री में काम करने वाले लोगों में इसका जोखिम ज्यादा देखा गया है। इसके अलावा धूम्रपान और कमजोर इम्यून सिस्टम भी नाक के कैंसर के खतरे को बढ़ा सकते हैं।

नाक के कैंसर की पहचान कैसे होती है

नाक के कैंसर की पहचान के लिए डॉक्टर सबसे पहले मरीज के लक्षणों और मेडिकल इतिहास को समझते हैं। इसके बाद नाक के अंदर की जांच की जाती है, ताकि किसी गांठ या असामान्य बदलाव को देखा जा सके।

CT स्कैन, MRI या एंडोस्कोपी जैसी जांचों से नाक और आसपास के हिस्सों की साफ तस्वीर मिलती है। बीमारी की पुष्टि के लिए बायोप्सी की जाती है, जिसमें टिश्यू का छोटा सैंपल जांच के लिए भेजा जाता है।

नाक के कैंसर का इलाज

नाक के कैंसर का इलाज उसकी स्टेज, जगह और मरीज की सेहत पर निर्भर करता है। शुरुआती स्टेज में सर्जरी से कैंसर वाले हिस्से को निकाल दिया जाता है।

कुछ मामलों में रेडिएशन थेरेपी की जरूरत पड़ती है, ताकि बची हुई कैंसर कोशिकाओं को खत्म किया जा सके। अगर कैंसर ज्यादा फैल चुका हो, तो कीमोथेरेपी को भी इलाज में शामिल किया जाता है।

इलाज के दौरान मरीज को क्या ध्यान रखना चाहिए

इलाज के दौरान मरीज को डॉक्टर की सलाह का पूरी तरह पालन करना चाहिए। नाक और मुंह की साफ-सफाई का खास ध्यान रखना बहुत जरूरी होता है।

अगर इलाज के दौरान कोई भी परेशानी, दर्द या साइड इफेक्ट महसूस हो, तो उसे तुरंत डॉक्टर को बताना चाहिए, ताकि समय रहते उसे संभाला जा सके।

इलाज के बाद रिकवरी और फॉलो-अप

इलाज खत्म होने के बाद भी मरीज की नियमित जांच बहुत जरूरी होती है। इससे यह देखा जाता है कि कैंसर दोबारा तो नहीं आ रहा और शरीर ठीक से रिकवर कर रहा है या नहीं।

डॉक्टर मरीज को जीवनशैली, खानपान और सावधानियों के बारे में भी सलाह देते हैं, जिससे भविष्य में जोखिम कम किया जा सके।

मानसिक और भावनात्मक असर

नाक का कैंसर चेहरे से जुड़ा होने की वजह से मरीज को मानसिक तनाव भी दे सकता है। इलाज के दौरान और बाद में आत्मविश्वास में कमी महसूस होना आम बात है।

इस समय परिवार का साथ, डॉक्टर की समझ और सकारात्मक माहौल मरीज को मानसिक रूप से मजबूत बनाने में मदद करता है।

आज ही परामर्श लें

नाक का कैंसर डराने वाली बीमारी जरूर है, लेकिन अगर इसे समय पर पहचान लिया जाए, तो इसका इलाज संभव है। अगर आपको लंबे समय से नाक बंद रहने, बार-बार खून आने, चेहरे में सूजन या दर्द जैसी समस्या हो रही है, तो देर न करें।

अगर आप भरोसेमंद और विशेषज्ञ इलाज की तलाश में हैं, तो Oncare Cancer Hospital एक अच्छा विकल्प है। यहां अनुभवी डॉक्टरों की देखरेख में नाक के कैंसर की जांच, इलाज और फॉलो-अप की पूरी सुविधा उपलब्ध है, ताकि मरीज को सही इलाज के साथ भरोसा और सहारा मिल सके।

FAQs (अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न)

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