मुंह के कैंसर का इलाज: मरीजों के लिए गाइड

oncare team
Updated on Jan 15, 2026 12:26 IST

By Prashant Baghel

जब किसी व्यक्ति को यह पता चलता है कि उसे मुंह का कैंसर है, तो उसका और उसके परिवार का मन घबरा जाता है। डर, असमंजस और कई सवाल एक साथ सामने आ जाते हैं। सबसे बड़ा सवाल यही होता है कि अब इलाज कैसे होगा, क्या यह बीमारी ठीक हो सकती है और किस अस्पताल में इलाज कराना सही रहेगा। मुंह का कैंसर सुनने में भले ही डरावना लगे, लेकिन सही समय पर सही इलाज मिलने से इस बीमारी से लड़ना पूरी तरह संभव है।

इस लेख में हम समझेंगे कि मुंह के कैंसर का इलाज कैसे किया जाता है, इलाज की प्रक्रिया क्या होती है, अलग-अलग स्टेज में इलाज कैसे बदलता है और मरीज व परिवार को किन बातों का ध्यान रखना चाहिए।

मुंह का कैंसर क्या होता है

मुंह का कैंसर मुंह के अंदर की कोशिकाओं में होने वाला कैंसर होता है। यह होंठ, जीभ, गाल की अंदरूनी सतह, मसूड़े, तालू या मुंह के निचले हिस्से में हो सकता है। शुरुआत में यह छोटे छाले, सफेद या लाल दाग के रूप में दिख सकता है, लेकिन समय के साथ यह घाव बड़ा और दर्दनाक हो सकता है।

मुंह का कैंसर धीरे-धीरे बढ़ता है, इसलिए अगर इसे शुरुआती चरण में पहचान लिया जाए, तो इलाज ज्यादा आसान और असरदार हो जाता है।

मुंह के कैंसर का इलाज समझना क्यों जरूरी है

इलाज की सही जानकारी होने से मरीज का डर कम होता है और वह मानसिक रूप से मजबूत महसूस करता है। कई बार लोग अधूरी या गलत जानकारी के कारण घबरा जाते हैं और इलाज में देरी कर देते हैं, जो नुकसानदायक हो सकता है।

मुंह के कैंसर का इलाज हर मरीज के लिए अलग हो सकता है। यह कैंसर की स्टेज, मरीज की उम्र, सेहत और कैंसर की जगह पर निर्भर करता है।

मुंह के कैंसर के इलाज की शुरुआत कैसे होती है

इलाज की शुरुआत हमेशा सही जांच से होती है। डॉक्टर सबसे पहले मरीज के लक्षण, मेडिकल इतिहास और आदतों को समझते हैं। इसके बाद बायोप्सी, स्कैन और अन्य जांच से यह तय किया जाता है कि कैंसर किस स्टेज में है।

इन जांचों के आधार पर डॉक्टर इलाज की पूरी योजना बनाते हैं, ताकि मरीज को सबसे सुरक्षित और असरदार इलाज मिल सके।

मुंह के कैंसर के इलाज के मुख्य तरीके

मुंह के कैंसर के इलाज में आमतौर पर तीन मुख्य तरीकों का इस्तेमाल किया जाता है। कई बार इन्हें अकेले या एक साथ अपनाया जाता है।

सर्जरी द्वारा इलाज

सर्जरी मुंह के कैंसर का सबसे आम इलाज माना जाता है, खासकर शुरुआती स्टेज में। इसमें कैंसर वाले हिस्से को ऑपरेशन के जरिए निकाल दिया जाता है।

अगर कैंसर छोटा हो, तो सिर्फ प्रभावित हिस्सा हटाया जाता है। लेकिन अगर कैंसर ज्यादा फैल चुका हो, तो आसपास के टिश्यू या लिम्फ नोड्स भी हटाने पड़ सकते हैं। सर्जरी के बाद मरीज को बोलने और खाने में थोड़ी परेशानी हो सकती है, लेकिन समय और सही देखभाल से स्थिति बेहतर हो जाती है।

रेडिएशन थेरेपी का उपयोग

रेडिएशन थेरेपी में हाई एनर्जी किरणों से कैंसर कोशिकाओं को नष्ट किया जाता है। यह इलाज सर्जरी के बाद बची हुई कैंसर कोशिकाओं को खत्म करने के लिए या उन मरीजों के लिए किया जाता है, जिनमें सर्जरी संभव नहीं होती।

रेडिएशन के दौरान मुंह में सूखापन, जलन या थकान हो सकती है, लेकिन ये साइड इफेक्ट्स समय के साथ कम हो जाते हैं।

कीमोथेरेपी से इलाज

कीमोथेरेपी में दवाइयों के जरिए कैंसर कोशिकाओं को खत्म किया जाता है। यह इलाज तब किया जाता है जब कैंसर ज्यादा फैल चुका हो या रेडिएशन के साथ मिलकर इलाज को और प्रभावी बनाना हो।

कीमोथेरेपी के दौरान थकान, मतली या भूख कम लगने जैसी परेशानी हो सकती है, लेकिन डॉक्टर की सलाह से इन्हें संभाला जा सकता है।

स्टेज के अनुसार मुंह के कैंसर का इलाज

मुंह के कैंसर का इलाज उसकी स्टेज पर बहुत निर्भर करता है। शुरुआती स्टेज में अक्सर सिर्फ सर्जरी या रेडिएशन से इलाज संभव हो जाता है। मध्यम स्टेज में सर्जरी के साथ रेडिएशन या कीमोथेरेपी की जरूरत पड़ सकती है। एडवांस स्टेज में इलाज का उद्देश्य कैंसर को कंट्रोल करना, दर्द कम करना और मरीज की जीवन गुणवत्ता बेहतर बनाना होता है।

इलाज के दौरान मरीज को किन बातों का ध्यान रखना चाहिए

इलाज के दौरान मरीज को अपने शरीर की बात सुनना बहुत जरूरी होता है। अगर कोई साइड इफेक्ट या परेशानी महसूस हो, तो तुरंत डॉक्टर को बताना चाहिए।

मुंह की सफाई का खास ध्यान रखना, नरम और पौष्टिक भोजन लेना और पर्याप्त आराम करना इलाज के असर को बेहतर बनाता है।

इलाज के बाद रिकवरी और फॉलो-अप

इलाज खत्म होने के बाद रिकवरी का समय शुरू होता है। इस दौरान मरीज को धीरे-धीरे सामान्य जीवन की ओर लौटने में मदद दी जाती है।

डॉक्टर नियमित फॉलो-अप जांच के जरिए यह देखते हैं कि कैंसर दोबारा तो नहीं आ रहा और मरीज ठीक से रिकवर कर रहा है या नहीं। फॉलो-अप इलाज का बहुत अहम हिस्सा होता है।

मुंह के कैंसर में मानसिक और भावनात्मक सहयोग

मुंह का कैंसर सिर्फ शरीर को ही नहीं, बल्कि मन को भी प्रभावित करता है। इलाज के दौरान मरीज को डर, तनाव और आत्मविश्वास की कमी महसूस हो सकती है।

इस समय परिवार का साथ, डॉक्टर की समझ और जरूरत पड़ने पर काउंसलिंग मरीज को मानसिक रूप से मजबूत बनाती है।

सही अस्पताल चुनना क्यों जरूरी है

मुंह के कैंसर का इलाज जटिल हो सकता है, इसलिए सही अस्पताल और अनुभवी डॉक्टरों की भूमिका बहुत अहम होती है। जहां जांच, इलाज और फॉलो-अप एक ही जगह पर मिल सके, वहां इलाज ज्यादा व्यवस्थित और सुरक्षित होता है।

आज ही परामर्श लें

मुंह के कैंसर का इलाज जितनी जल्दी शुरू हो जाए, उतना ही बेहतर परिणाम मिलने की संभावना होती है। अगर आपको या आपके किसी अपने को मुंह में लंबे समय से छाला, दर्द, सफेद या लाल दाग, या खाने-बोलने में परेशानी हो रही है, तो देर करना सही नहीं है।

अगर आप भरोसेमंद और विशेषज्ञ इलाज की तलाश में हैं, तो Oncare Cancer Hospital एक विश्वसनीय विकल्प है। यहां अनुभवी डॉक्टरों की देखरेख में आधुनिक तकनीक के साथ मुंह के कैंसर का इलाज किया जाता है, ताकि मरीज को सही इलाज के साथ भरोसा और सहारा मिल सके।

FAQs (अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न)

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