लिवर कैंसर के अंतिम चरण के लक्षण: जानें पहचान और संकेत

oncare team
Updated on Feb 25, 2026 12:19 IST

By Prashant Baghel

जब किसी को यह पता चलता है कि लिवर कैंसर अंतिम चरण में है, तो यह खबर बहुत डरावनी और भावनात्मक रूप से भारी हो सकती है। इस समय मरीज और परिवार के मन में कई सवाल आते हैं। आगे क्या होगा, शरीर में क्या बदलाव आएंगे, और कैसे पहचानें कि कैंसर गंभीर हो चुका है। लिवर कैंसर के अंतिम चरण के लक्षण आमतौर पर साफ और गंभीर होते हैं, क्योंकि इस समय लिवर ठीक से काम नहीं कर पाता और कैंसर शरीर के दूसरे हिस्सों को भी प्रभावित करने लगता है।

इस लेख में हम लिवर कैंसर के अंतिम चरण के लक्षणों को बहुत आसान भाषा में समझेंगे, ताकि मरीज और उनके परिवार स्थिति को बेहतर तरीके से समझ सकें और सही समय पर देखभाल ले सकें।

लिवर कैंसर का अंतिम चरण क्या होता है

लिवर कैंसर का अंतिम चरण तब माना जाता है जब कैंसर सिर्फ लिवर तक सीमित न रहकर शरीर के अन्य अंगों जैसे फेफड़े, हड्डियां या लिम्फ नोड्स तक फैल जाता है। इस अवस्था में लिवर की कार्यक्षमता काफी कम हो जाती है।

इस चरण में इलाज का उद्देश्य आमतौर पर कैंसर को पूरी तरह ठीक करना नहीं होता, बल्कि लक्षणों को कम करना, दर्द से राहत देना और मरीज की जीवन की गुणवत्ता को बेहतर बनाना होता है।

लिवर के काम न करने से होने वाले प्रमुख लक्षण

जब लिवर कैंसर अंतिम चरण में पहुंच जाता है, तो लिवर की सामान्य कार्यक्षमता धीरे-धीरे खत्म होने लगती है। लिवर हमारे शरीर का एक बहुत जरूरी अंग है, जो खून को साफ करने, पाचन में मदद करने और विषैले तत्वों को बाहर निकालने का काम करता है। जब लिवर ठीक से काम नहीं कर पाता, तो शरीर में कई गंभीर और साफ दिखाई देने वाले लक्षण सामने आने लगते हैं।

पीलिया और त्वचा का पीला पड़ना

अंतिम चरण में लिवर बिलीरुबिन को सही तरीके से साफ नहीं कर पाता। बिलीरुबिन खून में बढ़ने लगता है और इसका असर सबसे पहले आंखों और त्वचा पर दिखता है। आंखों की सफेदी और त्वचा पीली पड़ने लगती है।

शुरुआत में यह पीलापन हल्का हो सकता है, लेकिन समय के साथ यह बहुत साफ दिखाई देने लगता है। कई बार चेहरे के साथ-साथ पूरे शरीर पर पीलापन नजर आने लगता है, जो लिवर की गंभीर खराबी का संकेत होता है।

गहरा पेशाब और हल्का मल

लिवर के सही से काम न करने पर पेशाब का रंग बदल जाता है। पेशाब गहरा पीला या भूरा दिख सकता है, जो सामान्य से काफी अलग होता है।

इसके साथ ही मल का रंग हल्का, सफेद या मिट्टी जैसा हो सकता है। यह बदलाव इसलिए होता है क्योंकि पित्त सही तरीके से आंतों तक नहीं पहुंच पाता। यह लक्षण अक्सर पीलिया के साथ दिखाई देता है।

लगातार खुजली

खून में पित्त तत्व बढ़ने से त्वचा में तेज और लगातार खुजली होने लगती है। यह खुजली इतनी ज्यादा हो सकती है कि मरीज को चैन से बैठना या सोना मुश्किल हो जाए।

अक्सर सामान्य दवाओं से भी यह खुजली पूरी तरह ठीक नहीं होती। यह लिवर की गंभीर स्थिति का एक अहम संकेत माना जाता है।

पेट और पाचन से जुड़े गंभीर संकेत

लिवर की खराबी का सीधा असर पाचन तंत्र पर पड़ता है। अंतिम चरण में मरीज को पेट और खाने से जुड़ी कई गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ता है, जो उसकी कमजोरी को और बढ़ा देती हैं।

पेट में सूजन और पानी भरना

अंतिम चरण में पेट में तरल पदार्थ भरने लगता है, जिसे असाइटिस कहा जाता है। इससे पेट असामान्य रूप से फूला हुआ और भारी लगने लगता है।

कभी-कभी पेट इतना बढ़ जाता है कि बैठने, चलने और सांस लेने में भी परेशानी होने लगती है। यह स्थिति मरीज के लिए बहुत असहज होती है।

भूख खत्म होना और वजन तेजी से कम होना

मरीज को धीरे-धीरे खाने का मन नहीं करता। थोड़ा सा खाने पर ही पेट भरा हुआ लगता है।

इसके कारण शरीर को सही पोषण नहीं मिल पाता और वजन तेजी से कम होने लगता है। शरीर कमजोर और दुबला दिखने लगता है, जिससे मरीज की ताकत और सहनशक्ति कम हो जाती है।

मतली और उल्टी

पाचन तंत्र पर असर पड़ने से बार-बार मतली और उल्टी की शिकायत हो सकती है।यह समस्या दवाओं, लिवर की खराबी और शरीर में जमा विषैले तत्वों की वजह से बढ़ सकती है। लगातार उल्टी से शरीर में पानी और पोषक तत्वों की कमी हो जाती है।

दर्द और शारीरिक कमजोरी के लक्षण

अंतिम चरण में लिवर कैंसर का दर्द और शारीरिक कमजोरी मरीज की रोजमर्रा की जिंदगी को बहुत प्रभावित करने लगती है। इस समय आराम और दर्द नियंत्रण बहुत जरूरी हो जाता है।

लिवर के आसपास तेज दर्द

दाईं ओर ऊपरी पेट में लगातार और तेज दर्द महसूस हो सकता है। यह दर्द धीरे-धीरे बढ़ता है और कई बार पीठ या कंधे तक फैल जाता है।कुछ मरीजों को यह दर्द हर समय रहता है, जिससे सोना और बैठना भी मुश्किल हो जाता है।

अत्यधिक थकान और कमजोरी

मरीज को दिनभर बहुत ज्यादा थकान महसूस होती है। बिस्तर से उठना, नहाना या बात करना भी भारी लग सकता है।यह थकान सिर्फ आराम करने से ठीक नहीं होती, क्योंकि शरीर अंदर से कमजोर हो चुका होता है।

मांसपेशियों का कमजोर होना

शरीर की मांसपेशियां धीरे-धीरे पतली और कमजोर होने लगती हैं।चलते समय संतुलन बिगड़ सकता है और गिरने का खतरा बढ़ जाता है। मरीज को सहारे की जरूरत पड़ने लगती है।

मानसिक और न्यूरोलॉजिकल बदलाव

जब लिवर विषैले तत्वों को साफ नहीं कर पाता, तो इसका असर सीधे दिमाग पर पड़ता है। इससे मरीज के व्यवहार और सोचने-समझने की क्षमता में बदलाव आने लगते हैं।

भ्रम और याददाश्त की समस्या

मरीज को बात समझने में दिक्कत हो सकती है। कभी-कभी वह जगह, समय या लोगों को पहचानने में भ्रम महसूस करता है।चक्कर आना और ध्यान केंद्रित न कर पाना भी आम लक्षण हैं।

नींद में बदलाव

कुछ मरीज दिनभर सोते रहते हैं, जबकि कुछ को रात में नींद नहीं आती।दिन और रात का फर्क समझना मुश्किल हो सकता है, जिससे दिनचर्या पूरी तरह बिगड़ जाती है।

व्यवहार में बदलाव

चिड़चिड़ापन, उदासी, गुस्सा या अचानक मूड बदलना भी देखने को मिल सकता है।यह बदलाव मरीज और परिवार दोनों के लिए मानसिक रूप से कठिन हो सकता है।

जब कैंसर शरीर के अन्य अंगों तक फैल जाता है

अंतिम चरण में लिवर कैंसर शरीर के दूसरे हिस्सों तक फैल सकता है, जिससे नए और गंभीर लक्षण सामने आते हैं।

सांस लेने में परेशानी

अगर कैंसर फेफड़ों तक फैल जाए, तो सांस फूलने लगती है। हल्की गतिविधि में भी सांस लेने में दिक्कत हो सकती है।

हड्डियों में दर्द

हड्डियों तक फैलने पर तेज और लगातार दर्द होने लगता है।यह दर्द चलने-फिरने और बैठने में बड़ी बाधा बन सकता है।

लिम्फ नोड्स में सूजन

गर्दन, बगल या शरीर के अन्य हिस्सों में गांठ या सूजन दिख सकती है।यह संकेत बताता है कि कैंसर शरीर में और फैल चुका है।

अंतिम चरण में देखभाल और राहत का महत्व

लिवर कैंसर के अंतिम चरण में सबसे जरूरी होता है मरीज को आराम देना। दर्द नियंत्रण, पेलिएटिव केयर, पोषण और भावनात्मक सहारा इस समय बहुत अहम भूमिका निभाते हैं।

इलाज का लक्ष्य यह होता है कि मरीज को जितना हो सके उतना आराम मिले और वह अपने परिवार के साथ सम्मान और शांति के साथ समय बिता सके।

आज ही परामर्श लें

लिवर कैंसर के अंतिम चरण के लक्षण गंभीर और स्पष्ट होते हैं, जैसे पीलिया, पेट में सूजन, तेज दर्द, कमजोरी और मानसिक बदलाव। इन संकेतों को समझना मरीज और परिवार के लिए जरूरी है, ताकि सही समय पर देखभाल और राहत मिल सके।

Oncare Cancer Hospital में अनुभवी डॉक्टर, आधुनिक उपचार और पेलिएटिव केयर की सुविधाएं उपलब्ध हैं, जो लिवर कैंसर के अंतिम चरण में मरीज की तकलीफ कम करने और जीवन की गुणवत्ता बेहतर बनाने पर ध्यान देती हैं।

FAQs (अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न)

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