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ल्यूकेमिया कैंसर में दिखाई देने वाले लक्षणों की सूची
जब किसी इंसान को लंबे समय तक थकान, बार-बार बुखार या शरीर में कमजोरी महसूस होने लगे, तो वह अक्सर इसे मौसम, काम का दबाव या सामान्य बीमारी मानकर टाल देता है। लेकिन कुछ मामलों में यही लक्षण ल्यूकेमिया कैंसर में दिखाई देने वाले लक्षण हो सकते हैं। ल्यूकेमिया एक प्रकार का ब्लड कैंसर है, जो धीरे-धीरे शरीर के अंदर बढ़ता है और शुरुआत में बहुत साफ संकेत नहीं देता। इसी वजह से कई बार इसकी पहचान देर से हो पाती है।
इस लेख में हम समझेंगे कि ल्यूकेमिया कैंसर क्या होता है, ल्यूकेमिया कैंसर में दिखाई देने वाले लक्षण कौन-कौन से होते हैं, शुरुआती और गंभीर लक्षणों में क्या फर्क होता है।
ल्यूकेमिया कैंसर क्या होता है
ल्यूकेमिया कैंसर खून और बोन मैरो से जुड़ा कैंसर होता है। बोन मैरो वह जगह है जहां हमारे शरीर की खून की कोशिकाएं बनती हैं। जब यहां असामान्य कोशिकाएं बनने लगती हैं और स्वस्थ कोशिकाओं की जगह ले लेती हैं, तो इसे ल्यूकेमिया कहा जाता है।
इस बीमारी में शरीर में सही मात्रा में लाल रक्त कोशिकाएं, सफेद रक्त कोशिकाएं और प्लेटलेट्स नहीं बन पाते। इसका सीधा असर शरीर की ताकत, इम्यून सिस्टम और खून जमने की क्षमता पर पड़ता है।
ल्यूकेमिया कैंसर में लक्षण समझना क्यों जरूरी है
ल्यूकेमिया कैंसर के लक्षण कई बार आम बीमारियों जैसे लगते हैं। इसलिए लोग इन्हें गंभीरता से नहीं लेते। अगर इन संकेतों को समय पर पहचान लिया जाए, तो बीमारी को शुरुआती चरण में पकड़ा जा सकता है और इलाज ज्यादा असरदार हो सकता है।
ल्यूकेमिया के लक्षण हर मरीज में एक जैसे नहीं होते। कुछ लोगों में शुरुआत में हल्के संकेत दिखते हैं, जबकि कुछ में सीधे गंभीर लक्षण सामने आते हैं।
ल्यूकेमिया कैंसर के शुरुआती लक्षण
शुरुआत में ल्यूकेमिया कैंसर बहुत हल्के संकेत देता है, जिन्हें लोग अक्सर सामान्य कमजोरी, थकान या वायरल संक्रमण समझ लेते हैं। यही वजह है कि कई बार मरीज समय पर डॉक्टर तक नहीं पहुंच पाते। लेकिन अगर ये लक्षण बिना किसी साफ वजह के लंबे समय तक बने रहें, तो इन्हें नजरअंदाज करना सही नहीं होता। शुरुआती संकेतों को समय रहते पहचान लेने से बीमारी को शुरुआती चरण में पकड़ा जा सकता है और इलाज के बेहतर नतीजे मिल सकते हैं।
लगातार थकान और कमजोरी
बिना ज्यादा शारीरिक मेहनत के भी अगर शरीर हर समय थका हुआ महसूस हो और आराम करने के बाद भी ऊर्जा वापस न आए, तो यह ल्यूकेमिया का शुरुआती संकेत हो सकता है। इस स्थिति में शरीर में लाल रक्त कोशिकाओं की कमी होने लगती है, जिससे ऑक्सीजन सही मात्रा में नहीं पहुंच पाती और कमजोरी बनी रहती है।
बार-बार बुखार या ठंड लगना
अगर बिना किसी स्पष्ट कारण के बार-बार बुखार आए या बार-बार ठंड लगने लगे, तो यह इम्यून सिस्टम के कमजोर होने का संकेत हो सकता है। ल्यूकेमिया में सफेद रक्त कोशिकाएं सही तरह से काम नहीं कर पातीं, जिससे शरीर संक्रमण से ठीक से लड़ नहीं पाता।
भूख कम लगना और वजन गिरना
ल्यूकेमिया कैंसर में कई मरीजों को धीरे-धीरे भूख कम लगने लगती है। खाना खाने की इच्छा कम हो जाती है और बिना किसी डाइट या एक्सरसाइज के वजन गिरने लगता है। यह बदलाव शरीर के अंदर चल रही गंभीर बीमारी की ओर इशारा कर सकता है, इसलिए समय पर जांच कराना जरूरी हो जाता है।
ल्यूकेमिया कैंसर में दिखने वाले सामान्य लक्षण
जैसे-जैसे ल्यूकेमिया कैंसर आगे बढ़ता है, इसके लक्षण धीरे-धीरे ज्यादा साफ और महसूस होने लगते हैं। इस चरण में बीमारी शरीर के खून बनाने वाले सिस्टम को प्रभावित करने लगती है, जिससे कई तरह की परेशानियां सामने आती हैं। आमतौर पर ये लक्षण इतने गंभीर नहीं लगते कि व्यक्ति तुरंत डॉक्टर के पास जाए, लेकिन लगातार बने रहने पर ये शरीर की बड़ी समस्या की ओर इशारा करते हैं।
त्वचा का पीला पड़ना
ल्यूकेमिया कैंसर में खून की कमी होना एक आम समस्या है। जब शरीर में लाल रक्त कोशिकाएं कम हो जाती हैं, तो त्वचा का रंग पीला या फीका दिखाई देने लगता है। चेहरे, होंठों और हाथों की चमक कम हो जाती है। कई बार लोग इसे कमजोरी या थकान का असर समझ लेते हैं, लेकिन यह एनीमिया का संकेत हो सकता है, जो ल्यूकेमिया में अक्सर देखा जाता है।
बार-बार इंफेक्शन होना
ल्यूकेमिया में सफेद रक्त कोशिकाएं ठीक से काम नहीं कर पातीं। ये कोशिकाएं शरीर को संक्रमण से बचाने का काम करती हैं। जब इनकी संख्या या कार्यक्षमता घट जाती है, तो व्यक्ति को बार-बार सर्दी, खांसी, बुखार या अन्य इंफेक्शन होने लगते हैं। सामान्य इंफेक्शन भी ठीक होने में ज्यादा समय लेते हैं और बार-बार लौट आते हैं।
पसीना आना, खासकर रात में
कुछ मरीजों को रात के समय बहुत ज्यादा पसीना आता है। कई बार कपड़े या बिस्तर तक गीले हो जाते हैं, जिससे नींद टूट जाती है। यह पसीना मौसम या गर्मी से जुड़ा नहीं होता, बल्कि शरीर के अंदर चल रही बीमारी का संकेत हो सकता है।
ल्यूकेमिया कैंसर के बढ़ते हुए लक्षण
जब बीमारी और आगे बढ़ती है, तब लक्षण सिर्फ महसूस ही नहीं होते, बल्कि साफ तौर पर दिखाई देने लगते हैं। इस स्तर पर शरीर की सामान्य कार्यप्रणाली बुरी तरह प्रभावित होने लगती है।
नाक या मसूड़ों से खून आना
ल्यूकेमिया में प्लेटलेट्स की कमी हो जाती है। प्लेटलेट्स खून को जमाने में मदद करते हैं। जब इनकी संख्या कम हो जाती है, तो नाक, मसूड़ों या छोटे से कट से भी खून बहने लगता है। कई बार ब्रश करते समय मसूड़ों से खून आना शुरू हो जाता है, जिसे लोग दांतों की समस्या समझ लेते हैं।
शरीर पर नीले या लाल निशान
बिना किसी चोट के शरीर पर नीले या लाल धब्बे दिखाई देना ल्यूकेमिया का एक अहम संकेत हो सकता है। ये निशान हाथ, पैर या शरीर के अन्य हिस्सों पर अपने आप बन जाते हैं। यह खून जमने की प्रक्रिया में गड़बड़ी का संकेत होता है और इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।
हड्डियों और जोड़ों में दर्द
कुछ मरीजों को हड्डियों या जोड़ों में लगातार दर्द महसूस होता है। यह दर्द खासकर बच्चों और बुजुर्गों में ज्यादा देखा जाता है। कई बार यह दर्द इतना बढ़ जाता है कि चलने-फिरने या सामान्य काम करने में भी परेशानी होने लगती है।
ल्यूकेमिया कैंसर के गंभीर लक्षण
जब ल्यूकेमिया कैंसर काफी आगे बढ़ जाता है, तब इसके लक्षण गंभीर हो जाते हैं और मरीज की रोजमर्रा की जिंदगी पर गहरा असर डालते हैं। इस अवस्था में तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना बहुत जरूरी हो जाता है।
सांस फूलना
खून की कमी और शरीर में ऑक्सीजन की कमी के कारण थोड़ा सा चलने या हल्का काम करने पर भी सांस फूलने लगती है। कई बार मरीज को आराम की स्थिति में भी सांस लेने में दिक्कत महसूस होती है।
पेट या गर्दन में सूजन
लिवर, तिल्ली या लिम्फ नोड्स बढ़ने के कारण पेट या गर्दन के आसपास सूजन महसूस हो सकती है। यह सूजन धीरे-धीरे बढ़ती जाती है और दबाने पर दर्द भी हो सकता है।
तेज कमजोरी और चक्कर आना
शरीर बहुत कमजोर लगने लगता है। खड़े होने पर चक्कर आना, आंखों के सामने अंधेरा छाना या बार-बार बैठने की जरूरत महसूस होना गंभीर संकेत माने जाते हैं। यह स्थिति बताती है कि शरीर अब बीमारी से ठीक तरह से लड़ नहीं पा रहा है।
आज ही परामर्श लें
ल्यूकेमिया कैंसर में दिखाई देने वाले लक्षण शुरुआत में सामान्य लग सकते हैं, लेकिन इन्हें नजरअंदाज करना खतरनाक हो सकता है। अगर आपको या आपके किसी अपने को लंबे समय से थकान, बार-बार बुखार, खून आना या बिना वजह वजन कम होने जैसी परेशानी हो रही है, तो देर न करें।
Oncare Cancer Hospital में ल्यूकेमिया समेत सभी प्रकार के ब्लड कैंसर की जांच और इलाज अनुभवी विशेषज्ञों की देखरेख में किया जाता है। यहां आधुनिक जांच सुविधाएं और मरीज-केंद्रित देखभाल उपलब्ध है, जिससे सही समय पर सही इलाज संभव हो पाता है।
FAQs (अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न)
लगातार थकान, बार-बार बुखार और भूख कम लगना इसके शुरुआती लक्षण हो सकते हैं।
अगर समय पर पहचान हो जाए, तो इलाज के अच्छे परिणाम मिल सकते हैं।
हां, ल्यूकेमिया बच्चों में भी पाया जा सकता है।
हां, यहां जांच, इलाज और फॉलो-अप सहित पूरी सुविधा उपलब्ध है।
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