दिल का कैंसर: कितनी दुर्लभ है यह बीमारी?

oncare team
Updated on Jan 12, 2026 11:39 IST

By Prashant Baghel

जब किसी इंसान को कैंसर का नाम सुनाई देता है, तो वह आमतौर पर फेफड़े, लिवर, ब्रेस्ट या पेट से जुड़े कैंसर के बारे में सोचता है। लेकिन बहुत कम लोग जानते हैं कि दिल से जुड़ा कैंसर भी हो सकता है। दिल का कैंसर सुनने में जितना चौंकाने वाला लगता है, उतना ही दुर्लभ भी है। यही वजह है कि इस बीमारी के बारे में लोगों में जानकारी बहुत कम है और अक्सर इसे समय पर पहचानना मुश्किल हो जाता है।

इस लेख में हम समझेंगे कि दिल का कैंसर क्या होता है, यह कितनी दुर्लभ बीमारी है, इसके लक्षण कैसे होते हैं, इसकी पहचान क्यों मुश्किल होती है, डॉक्टर इसका इलाज कैसे देखते हैं और सही समय पर सही अस्पताल तक पहुंचना क्यों जरूरी होता है।

दिल का कैंसर क्या होता है

दिल का कैंसर उस स्थिति को कहा जाता है जब दिल की मांसपेशियों या दिल के आसपास की परतों में असामान्य कोशिकाएं बढ़ने लगती हैं। मेडिकल भाषा में इसे हार्ट कैंसर कहा जाता है। यह कैंसर सीधे दिल में शुरू हो सकता है या शरीर के किसी और हिस्से से फैलकर दिल तक पहुंच सकता है।

ज्यादातर मामलों में दिल में पाए जाने वाले कैंसर प्राथमिक नहीं होते, बल्कि शरीर के दूसरे कैंसर से फैलकर आते हैं। सीधे दिल से शुरू होने वाला कैंसर बहुत ही दुर्लभ माना जाता है।

दिल का कैंसर कितनी दुर्लभ बीमारी है

दिल का जो कैंसर होता है वो दुनिया की सबसे दुर्लभ कैंसर बीमारियों में से एक है। आंकड़ों के अनुसार, सभी कैंसर मामलों में दिल का कैंसर बहुत ही कम प्रतिशत में पाया जाता है। यही वजह है कि आम लोग ही नहीं, कई बार शुरुआती स्तर पर डॉक्टर भी इसे पहचानने में समय लगा देते हैं।

इसकी दुर्लभता का एक कारण यह भी है कि दिल की कोशिकाएं आमतौर पर तेजी से नहीं बढ़तीं, जबकि कैंसर कोशिकाओं की खासियत तेज़ी से बढ़ना होती है। इसलिए दिल में कैंसर होना बहुत कम देखा जाता है।

दिल का कैंसर क्यों पकड़ में देर से आता है

दिल का कैंसर अक्सर देर से इसलिए पकड़ में आता है क्योंकि इसके लक्षण आम दिल की बीमारियों जैसे लगते हैं। मरीज को लगता है कि उसे हार्ट प्रॉब्लम, ब्लड प्रेशर या कमजोरी की समस्या है।

इसके अलावा दिल शरीर का बहुत संवेदनशील अंग है। इसमें होने वाले छोटे बदलाव भी कई अलग-अलग बीमारियों से जुड़े हो सकते हैं, जिससे सही कारण तक पहुंचना मुश्किल हो जाता है।

दिल का कैंसर होने के संभावित कारण

दिल का कैंसर होने का कोई एक साफ कारण नहीं बताया जा सकता। कुछ मामलों में यह आनुवंशिक कारणों से जुड़ा हो सकता है। वहीं कई बार यह शरीर के किसी और कैंसर के फैलने की वजह से होता है।

जो कैंसर शरीर में लंबे समय से मौजूद होते हैं और समय पर कंट्रोल में नहीं आते, वे खून के रास्ते दिल तक पहुंच सकते हैं। इसके अलावा कमजोर इम्यून सिस्टम भी एक जोखिम माना जाता है।

दिल का कैंसर के शुरुआती लक्षण

दिल का कैंसर शुरुआत में बहुत हल्के संकेत देता है, जिन्हें लोग सामान्य परेशानी समझ लेते हैं।

लगातार थकान और कमजोरी

मरीज को बिना ज्यादा काम किए भी थकान महसूस होने लगती है। शरीर में पहले जैसी ताकत नहीं रहती।

सांस फूलना

थोड़ा चलने या सीढ़ियां चढ़ने पर सांस फूलने लगती है। कई बार यह आराम की स्थिति में भी महसूस हो सकता है।

सीने में भारीपन

कुछ मरीजों को सीने में दबाव या भारीपन महसूस होता है, जिसे वे हार्ट प्रॉब्लम समझ लेते हैं।

दिल का कैंसर के बढ़ते हुए लक्षण

जैसे-जैसे बीमारी आगे बढ़ती है, लक्षण भी साफ होने लगते हैं।

दिल की धड़कन का अनियमित होना

दिल की धड़कन कभी बहुत तेज और कभी बहुत धीमी हो सकती है। यह स्थिति चिंताजनक मानी जाती है।

पैरों या पेट में सूजन

दिल ठीक से काम न कर पाए, तो शरीर में पानी जमा होने लगता है, जिससे पैरों या पेट में सूजन आ सकती है।

चक्कर आना या बेहोशी

कुछ मामलों में मरीज को अचानक चक्कर आ सकता है या वह बेहोश भी हो सकता है।

दिल का कैंसर और हार्ट डिजीज में फर्क

दिल का कैंसर और आम हार्ट डिजीज के लक्षण काफी हद तक मिलते-जुलते हैं। फर्क यह है कि हार्ट डिजीज में दवाओं से आराम मिल सकता है, जबकि कैंसर में परेशानी धीरे-धीरे बढ़ती जाती है।अगर इलाज के बावजूद लक्षण ठीक न हों, तो डॉक्टर आगे की गहराई से जांच की सलाह देते हैं।

दिल का कैंसर की पहचान कैसे होती है

डॉक्टर सबसे पहले मरीज के लक्षणों और मेडिकल हिस्ट्री को समझते हैं। इसके बाद ईकोकार्डियोग्राफी, CT स्कैन या MRI जैसी जांच की जाती है।

अगर दिल में कोई असामान्य गांठ या ट्यूमर दिखाई देता है, तो आगे की जांच से यह पता लगाया जाता है कि वह कैंसर है या नहीं। कई मामलों में बायोप्सी की जरूरत पड़ सकती है, हालांकि यह प्रक्रिया बहुत सावधानी से की जाती है।

डॉक्टर दिल का कैंसर का इलाज कैसे देखते हैं

दिल का कैंसर ट्रीटमेंट मरीज की स्थिति, कैंसर के प्रकार और उसके फैलाव पर निर्भर करता है। हर मरीज के लिए इलाज का तरीका अलग हो सकता है।

बीमारी की स्थिति समझना

डॉक्टर पहले यह तय करते हैं कि कैंसर दिल में ही सीमित है या शरीर के दूसरे हिस्सों से फैलकर आया है।

मरीज की सेहत को प्राथमिकता

दिल एक बहुत संवेदनशील अंग है, इसलिए इलाज करते समय मरीज की पूरी सेहत को ध्यान में रखा जाता है।

इलाज का संतुलन

डॉक्टर इलाज ऐसा चुनते हैं जिससे कैंसर पर असर पड़े, लेकिन दिल को ज्यादा नुकसान न हो।

दिल का कैंसर का इलाज संभव है या नहीं

दिल का कैंसर दुर्लभ जरूर है, लेकिन पूरी तरह असंभव नहीं है। कुछ मामलों में सर्जरी से ट्यूमर को हटाया जा सकता है। कुछ मामलों में दवाओं या रेडिएशन की मदद ली जाती है।

अगर कैंसर शरीर के किसी और हिस्से से फैलकर आया हो, तो इलाज का उद्देश्य बीमारी को कंट्रोल में रखना और मरीज की जीवन गुणवत्ता बेहतर बनाना होता है।

इलाज के दौरान मरीज की देखभाल

दिल का कैंसर का इलाज सिर्फ मेडिकल नहीं होता, इसमें मानसिक और भावनात्मक देखभाल भी जरूरी होती है। मरीज को डर, चिंता और असमंजस हो सकता है।

परिवार का सहयोग और डॉक्टर की साफ बातचीत मरीज को मानसिक रूप से मजबूत बनाती है। सही खानपान, आराम और नियमित जांच इस दौरान बहुत जरूरी होती है।

इलाज के बाद जीवन और फॉलो-अप

इलाज के बाद मरीज को नियमित फॉलो-अप की जरूरत होती है। दिल की जांच, स्कैन और सामान्य स्वास्थ्य पर लगातार नजर रखी जाती है।

डॉक्टर मरीज को जीवनशैली में बदलाव, हल्का व्यायाम और तनाव से दूर रहने की सलाह देते हैं ताकि दिल पर अतिरिक्त दबाव न पड़े।

सही समय पर डॉक्टर से मिलना क्यों जरूरी है

दिल से जुड़ी कोई भी परेशानी हल्के में नहीं लेनी चाहिए। अगर लंबे समय तक सांस फूलना, सीने में दबाव, थकान या सूजन बनी रहे, तो डॉक्टर से सलाह लेना बहुत जरूरी है।समय पर जांच से बीमारी को शुरुआती स्तर पर पकड़ा जा सकता है, जिससे इलाज के विकल्प बेहतर होते हैं।

आज ही परामर्श लें

दिल का कैंसर बेहद दुर्लभ बीमारी है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि इसे नजरअंदाज किया जाए। सही जानकारी, समय पर जांच और अनुभवी डॉक्टरों की देखरेख से इस बीमारी को समझना और संभालना संभव है।

अगर आपको या आपके किसी अपने को दिल से जुड़ी ऐसी परेशानियां हैं जो लंबे समय से ठीक नहीं हो रहीं, तो देरी न करें। Oncare Cancer Hospital दिल से जुड़े दुर्लभ कैंसर समेत सभी प्रकार के कैंसर के इलाज के लिए एक भरोसेमंद अस्पताल है। यहां अनुभवी विशेषज्ञ, आधुनिक जांच सुविधाएं और मरीज-केंद्रित देखभाल के साथ इलाज किया जाता है। सही समय पर अपॉइंटमेंट लेकर इलाज शुरू करना बेहतर भविष्य की दिशा में अहम कदम हो सकता है।

FAQs (अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न)

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