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कैंसर कितने प्रकार के होते हैं: मुख्य प्रकारों की जानकारी
कैंसर एक ही बीमारी नहीं है, बल्कि कई अलग-अलग बीमारियों का समूह है। कैंसर के 100 से अधिक प्रकार होते हैं, और इन्हें अक्सर उस अंग या टिश्यू के नाम से जाना जाता है जहां से कैंसर शुरू होता है। जैसे फेफड़ों में शुरू होने वाला कैंसर लंग कैंसर, स्तन में शुरू होने वाला ब्रेस्ट कैंसर और आंत में शुरू होने वाला कैंसर कोलन या कोलोरेक्टल कैंसर कहलाता है। कैंसर का वर्गीकरण उन कोशिकाओं के प्रकार के आधार पर भी किया जाता है जहां से वह शुरू होता है।
आज के ब्लॉग में हम आपको बताएंगे कि कैंसर कितने प्रकार के होते हैं, कैंसर को किन मुख्य समूहों में बांटा जाता है और शरीर के अलग-अलग हिस्सों में होने वाले प्रमुख कैंसर कौन से हैं। साथ ही, हम आसान भाषा में समझेंगे कि कार्सिनोमा, सारकोमा, ल्यूकेमिया, लिम्फोमा और मेलानोमा जैसे नामों का क्या मतलब होता है।
कैंसर के प्रकार कैसे तय किए जाते हैं?
कैंसर का नाम सुनकर सबसे पहले अक्सर उसके अंग का नाम याद आता है, लेकिन डॉक्टर कैंसर को केवल शरीर की जगह के आधार पर नहीं देखते। यह भी देखा जाता है कि कैंसर किस तरह की कोशिकाओं से शुरू हुआ है।
उदाहरण के लिए, ब्रेस्ट कैंसर में भी अलग-अलग प्रकार हो सकते हैं। इसी तरह लंग कैंसर में नॉन-स्मॉल सेल लंग कैंसर और स्मॉल सेल लंग कैंसर जैसे अलग प्रकार होते हैं। इनका व्यवहार और इलाज भी अलग हो सकते हैं।
इसलिए किसी मरीज की रिपोर्ट में केवल कैंसर लिखा होना पूरी जानकारी नहीं देता। कैंसर का सही प्रकार जानना इलाज की योजना बनाने के लिए बहुत जरूरी होता है।
कैंसर के मुख्य प्रकार क्या हैं?
कैंसर को उसकी शुरुआत वाली कोशिकाओं के आधार पर कुछ बड़े समूहों में समझा जा सकता है। इनमें सबसे प्रमुख हैं कार्सिनोमा, सारकोमा, ल्यूकेमिया, लिम्फोमा और मल्टीपल मायलोमा। इसके अलावा मेलानोमा और तंत्रिका तंत्र से जुड़े कैंसर भी महत्वपूर्ण श्रेणियां हैं।
1. कार्सिनोमा
कार्सिनोमा सबसे सामान्य प्रकार के कैंसर में शामिल है। यह उन कोशिकाओं से शुरू होता है जो शरीर की बाहरी सतह या अंदरूनी अंगों की परत बनाती हैं।
इस समूह में कई आम कैंसर आते हैं।
- ब्रेस्ट कैंसर
- लंग कैंसर
- कोलन कैंसर
- प्रोस्टेट कैंसर
- पेट का कैंसर
- पैंक्रियाटिक कैंसर
- ब्लैडर कैंसर
कार्सिनोमा के भी अलग-अलग प्रकार होते हैं। एडेनोकार्सिनोमा और स्क्वैमस सेल कार्सिनोमा इसके आम उदाहरण हैं।
2. सारकोमा
सारकोमा उन कैंसर को कहा जाता है जो हड्डी या शरीर के सॉफ्ट टिश्यू से शुरू होते हैं। सॉफ्ट टिश्यू में मांसपेशी, चर्बी, रक्त वाहिकाएं, रेशेदार ऊतक और दूसरे सहायक ऊतक शामिल होते हैं।
इसके उदाहरण हैं:
- ऑस्टियोसारकोमा
- इविंग सारकोमा
- लाइपोसारकोमा
- लियोमायोसारकोमा
- रैब्डोमायोसारकोमा
सारकोमा अपेक्षाकृत कम पाए जाते हैं, लेकिन इनके भी कई अलग प्रकार होते हैं।
3. ल्यूकेमिया
ल्यूकेमिया रक्त बनाने वाले ऊतकों, खासकर बोन मैरो से शुरू होने वाला कैंसर है। इसमें असामान्य रक्त कोशिकाएं बनने लगती हैं और वे सामान्य रक्त कोशिकाओं के काम में रुकावट डाल सकती हैं।
ल्यूकेमिया की एक खास बात यह है कि इसमें आमतौर पर ठोस गांठ नहीं बनती। इसके प्रमुख प्रकारों में Acute Lymphoblastic Leukemia (ALL), Acute Myeloid Leukemia (AML), Chronic Lymphocytic Leukemia (CLL) और Chronic Myeloid Leukemia (CML) शामिल हैं।
4. लिम्फोमा
लिम्फोमा प्रतिरक्षा प्रणाली की लिम्फोसाइट्स नामक कोशिकाओं से शुरू होने वाला कैंसर है। ये कोशिकाएं लिम्फ नोड्स और लसीका तंत्र के दूसरे हिस्सों में पाई जाती हैं।
लिम्फोमा के दो मुख्य समूह हैं:
- हॉजकिन लिम्फोमा
- नॉन-हॉजकिन लिम्फोमा
नॉन-हॉजकिन लिम्फोमा के अंदर भी कई अलग प्रकार होते हैं। कुछ धीरे बढ़ते हैं, जबकि कुछ तेजी से बढ़ सकते हैं।
5. मल्टीपल मायलोमा
मल्टीपल मायलोमा एक ऐसा कैंसर है जो प्लाज्मा कोशिकाओं से शुरू होता है। प्लाज्मा कोशिकाएं एक प्रकार की प्रतिरक्षा कोशिकाएं हैं और बोन मैरो में पाई जाती हैं।
इस बीमारी में असामान्य प्लाज्मा कोशिकाएं बोन मैरो में जमा होने लगती हैं। इससे सामान्य रक्त कोशिकाओं का बनना प्रभावित हो सकता है। मल्टीपल मायलोमा को प्लाज्मा सेल मायलोमा भी कहा जाता है।
6. मेलानोमा
मेलानोमा उन कोशिकाओं से शुरू होने वाला कैंसर है जो शरीर में मेलानिन नाम का रंगद्रव्य बनाती हैं। यह अक्सर त्वचा में शुरू होता है, लेकिन आंख जैसे दूसरे रंगयुक्त ऊतकों में भी हो सकता है।
त्वचा पर किसी तिल या धब्बे के आकार, रंग या रूप में बदलाव मेलानोमा का एक संभावित संकेत हो सकता है। हालांकि, हर बदलता हुआ तिल मेलानोमा नहीं होता और सही जांच जरूरी होती है।
शरीर के अलग-अलग हिस्सों में होने वाले प्रमुख कैंसर
कैंसर को शरीर के उस हिस्से के आधार पर भी समझा जाता है जहां से वह शुरू हुआ है। National Cancer Institute की सूची में ब्रेस्ट, लंग, कोलोरेक्टल, प्रोस्टेट, किडनी, लिवर, पैंक्रियाटिक, पेट, गर्भाशय ग्रीवा, ओवेरियन और कई अन्य कैंसर शामिल हैं।
शरीर का हिस्सा | प्रमुख कैंसर के उदाहरण |
|---|---|
स्तन | ब्रेस्ट कैंसर |
फेफड़े | लंग कैंसर |
आंत | कोलोरेक्टल कैंसर |
पेट | स्टमक कैंसर |
लिवर | लिवर कैंसर |
अग्न्याशय | पैंक्रियाटिक कैंसर |
प्रोस्टेट | प्रोस्टेट कैंसर |
गर्भाशय ग्रीवा | सर्वाइकल कैंसर |
त्वचा | स्किन कैंसर, मेलानोमा |
रक्त और लसीका तंत्र | ल्यूकेमिया, लिम्फोमा, मल्टीपल मायलोमा |
ये केवल प्रमुख उदाहरण हैं। कैंसर शरीर के लगभग किसी भी हिस्से में शुरू हो सकता है।
क्या एक कैंसर दूसरे अंग तक फैल सकता है?
हां। कैंसर की कोशिकाएं अपने शुरुआती स्थान से निकलकर शरीर के दूसरे हिस्सों तक पहुंच सकती हैं। इसे मेटास्टेसिस कहा जाता है।
उदाहरण के लिए, ब्रेस्ट कैंसर की कोशिकाएं हड्डी, फेफड़े, लिवर या मस्तिष्क तक फैल सकती हैं। लेकिन अगर ऐसा होता है, तो वह हड्डी का कैंसर नहीं बन जाता। उसे मेटास्टेटिक ब्रेस्ट कैंसर ही कहा जाता है।
किस कैंसर के फैलने की संभावना कहां अधिक है, यह उसके प्रकार पर निर्भर करता है।
क्या हर कैंसर का इलाज एक जैसा होता है?
नहीं। कैंसर का इलाज उसके प्रकार, स्टेज, शरीर में स्थिति और कैंसर कोशिकाओं की कुछ विशेषताओं पर निर्भर करता है।
जरूरत के अनुसार इलाज में सर्जरी, कीमोथेरेपी, रेडिएशन थेरेपी, टार्गेटेड थेरेपी, इम्यूनोथेरेपी या हार्मोन थेरेपी जैसे विकल्प शामिल हो सकते हैं। कुछ मरीजों में एक से अधिक उपचारों को मिलाकर इस्तेमाल किया जाता है।
इसीलिए कैंसर का सही प्रकार पता करना इलाज की शुरुआत में बहुत महत्वपूर्ण होता है।
अगर आप कैंसर के बारे में और जानकारी पढ़ना चाहते हैं, तो National Cancer Institute की आधिकारिक वेबसाइट पर विश्वसनीय जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।
आज ही परामर्श लें
कैंसर कई प्रकार का होता है और हर कैंसर एक जैसा नहीं होता। कुछ कैंसर शरीर के किसी अंग से शुरू होते हैं, जबकि कुछ रक्त, लसीका तंत्र, हड्डी या सॉफ्ट टिश्यू से शुरू हो सकते हैं। कार्सिनोमा, सारकोमा, ल्यूकेमिया, लिम्फोमा, मल्टीपल मायलोमा और मेलानोमा कैंसर के प्रमुख प्रकारों में शामिल हैं। इनके अलावा शरीर के अलग-अलग अंगों में कई विशिष्ट प्रकार के कैंसर पाए जाते हैं।
अगर आपकी रिपोर्ट में किसी खास प्रकार के कैंसर का नाम लिखा है और आपको उसका मतलब या आगे के इलाज को लेकर जानकारी चाहिए, तो Oncare Cancer Hospital में कैंसर विशेषज्ञ से परामर्श लेना उचित रहेगा। सही प्रकार और स्टेज को समझने के बाद ही इलाज की दिशा तय की जाती है।
डिस्क्लेमर
यह लेख केवल सामान्य स्वास्थ्य जानकारी के लिए है। कैंसर का प्रकार, स्टेज और इलाज व्यक्ति की मेडिकल रिपोर्ट और डॉक्टर की जांच के आधार पर तय होते हैं। यह जानकारी किसी व्यक्तिगत निदान या उपचार का विकल्प नहीं है।
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Frequently Asked Questions
कैंसर के 100 से अधिक प्रकार हैं। इन्हें शरीर के अंगों और कैंसर शुरू होने वाली कोशिकाओं के आधार पर अलग-अलग नाम दिए जाते हैं।
कार्सिनोमा कैंसर का सबसे सामान्य रूप है। इसमें कई आम कैंसर शामिल होते हैं।
आमतौर पर ल्यूकेमिया में ठोस गांठ नहीं बनती। यह रक्त बनाने वाले ऊतकों से शुरू होने वाला कैंसर है।
हां। कैंसर दूसरे अंगों तक फैल सकता है, जिसे मेटास्टेसिस कहा जाता है। फैलने पर भी कैंसर का नाम उसके मूल स्थान के आधार पर रखा जाता है।
Written and Verified by:
Dr. Gajendra Kumar Himanshu Exp: 10 Yr
Medical Officer
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