ब्लड कैंसर कितना खतरनाक है और क्यों समय पर इलाज ज़रूरी है?

oncare team
Updated on Feb 18, 2026 18:12 IST

By Prashant Baghel

ब्लड कैंसर एक गंभीर बीमारी है जो हमारे खून की कोशिकाओं पर असर डालती है। इस बीमारी में शरीर की स्वस्थ कोशिकाओं की जगह असामान्य कोशिकाएं बनने लगती हैं। यही कारण है कि यह बीमारी धीरे-धीरे शरीर की ताकत को खत्म कर देती है।

लोग अक्सर सोचते हैं कि "ब्लड कैंसर कितना खतरनाक है?" इसका जवाब है – बहुत ज़्यादा, खासकर जब समय पर इलाज न हो। यह रोग शुरुआत में साधारण लक्षण दिखाता है जैसे थकान, बुखार या वजन कम होना। कई लोग इन्हें नजरअंदाज कर देते हैं, जिससे बीमारी बढ़ जाती है।

अगर इसका इलाज समय पर शुरू हो जाए तो मरीज की जान बचाई जा सकती है। आज के समय में कीमोथेरेपी, बोन मैरो ट्रांसप्लांट और दूसरी आधुनिक तकनीकों से इलाज संभव है। जरूरी है कि लोग इसके लक्षणों को समझें और जल्दी जांच करवाएँ। समय पर इलाज न केवल जान बचाता है, बल्कि मरीज को एक नई ज़िंदगी देता है।

आज के आर्टिकल में हम आपको बतायेगे ब्लड कैंसर क्या होता है और यह कितना खतरनाक है साथ में यह भी बतायेगे क्यों ब्लड कैंसर का समय पर इलाज ज़रूरी है।

ब्लड कैंसर क्या होता है?

ब्लड कैंसर एक खतरनाक बीमारी है, जिसे हिंदी में "रक्त कैंसर" कहा जाता है। यह बीमारी हमारे खून में होती है। हमारे शरीर में खून की कोशिकाएं हड्डियों के अंदर बनने वाले भाग, जिसे बोन मैरो कहते हैं, से बनती हैं। जब कोई व्यक्ति ब्लड कैंसर से पीड़ित होता है, तब खून में खराब और असामान्य कोशिकाएं बनना शुरू हो जाती हैं।

ये खराब कोशिकाएं धीरे-धीरे शरीर में बढ़ती जाती हैं और अच्छी कोशिकाओं की जगह ले लेती हैं। इससे शरीर ठीक से काम नहीं कर पाता। ऐसे में थकान, बुखार, वजन घटना, शरीर में दर्द या बार-बार बीमार पड़ना जैसे लक्षण दिखाई देने लगते हैं।

ब्लड कैंसर के कई प्रकार होते हैं – जैसे ल्यूकेमिया, लिम्फोमा और मायलोमा। कुछ प्रकार जल्दी फैलते हैं और कुछ धीरे-धीरे। अगर इसका इलाज समय पर नहीं किया गया, तो यह जान के लिए खतरा बन सकता है।

लेकिन अगर शुरुआती समय में बीमारी का पता चल जाए, तो इलाज से मरीज ठीक भी हो सकता है। इसलिए जरूरी है कि शरीर में कोई अजीब लक्षण दिखे, तो डॉक्टर से जांच करवाएं और सावधानी बरतें।

ब्लड कैंसर कितना खतरनाक है?

ब्लड कैंसर हमारे शरीर की खून बनाने की प्रक्रिया को बिगाड़ देती है। जब किसी को ब्लड कैंसर होता है, तो खून की जगह खराब कोशिकाएं बनती हैं, जो शरीर के लिए हानिकारक होती हैं। अब सवाल यह है कि ब्लड कैंसर कितना खतरनाक है? चलिए इसे आसान भाषा में समझते हैं।

1. यह शरीर की जीवन-प्रणाली पर हमला करता है

ब्लड कैंसर सीधे हमारी प्रतिरक्षा प्रणाली (इम्यून सिस्टम) पर असर डालता है। प्रतिरक्षा प्रणाली ही वह ताकत है जो हमारे शरीर को बीमारियों से बचाती है। जब शरीर में खराब कैंसर कोशिकाएं ज़्यादा बनने लगती हैं, तो हमारी अच्छी कोशिकाएं मरने लगती हैं। इससे शरीर बीमारियों से लड़ नहीं पाता।

इसके अलावा, कैंसर खून के थक्के बनने की प्रक्रिया को भी बिगाड़ता है। अगर खून का थक्का न बने, तो छोटी चोट में भी ज्यादा खून बह सकता है। इससे शरीर में खून की कमी (एनीमिया), संक्रमण और बार-बार बुखार जैसी समस्याएं हो सकती हैं।

2. ब्लड कैंसर के प्रकार – कुछ तेज़, कुछ धीमे

ब्लड कैंसर के कई प्रकार होते हैं। इनमें से कुछ बहुत तेज़ी से शरीर में फैलते हैं, जबकि कुछ धीरे-धीरे बढ़ते हैं।

उदाहरण के लिए:

  • Acute Lymphoblastic Leukemia (ALL) एक ऐसा ब्लड कैंसर है जो बहुत तेज़ी से बढ़ता है। अगर इसका इलाज समय पर न किया जाए, तो कुछ ही हफ़्तों में हालत बहुत खराब हो सकती है।
  • दूसरी तरफ, कुछ प्रकार ऐसे होते हैं जो धीरे-धीरे बढ़ते हैं। लेकिन अगर इनका भी इलाज नहीं किया जाए, तो वे भी जान के लिए खतरा बन सकते हैं।

इसलिए चाहे कैंसर तेज़ हो या धीमा, इलाज समय पर और सही तरीके से होना बहुत ज़रूरी है।

3. उम्र और इलाज

ब्लड कैंसर की गंभीरता उम्र पर भी निर्भर करती है। बच्चों और बड़ों के मामलों में फर्क होता है।

  • एक रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिका में ल्यूकेमिया (एक प्रकार का ब्लड कैंसर) से पीड़ित लोगों में से लगभग 67% मरीज 5 साल या उससे ज़्यादा समय तक जीवित रहते हैं।
  • बच्चों में यही आंकड़ा और भी अच्छा है - करीब 60% से 90% बच्चों को समय पर इलाज मिलने पर अच्छी रिकवरी होती है।

लेकिन बड़े लोगो में स्थिति थोड़ी कठिन होती है। ALL (एक प्रकार का कैंसर) अगर बड़ों को होता है, तो उसमें इलाज की सफलता की दर सिर्फ 35% के आस-पास होती है।इससे साफ़ पता चलता है कि उम्र के साथ-साथ इलाज का समय और तरीका भी बहुत मायने रखता है।

4. भारत में स्थिति कितनी गंभीर है?

भारत में ब्लड कैंसर के मामले तेज़ी से बढ़ रहे हैं। Global Cancer Observatory 2022 की रिपोर्ट के मुताबिक हर साल भारत में करीब 1,20,000 नए ब्लड कैंसर के मरीज सामने आते हैं और इनमें से लगभग 70,000 लोगों की मौत हो जाती है। इन आंकड़ों को देखकर साफ़ समझ आता है कि ब्लड कैंसर भारत में एक बड़ी स्वास्थ्य चुनौती बन चुका है।

Acute Myeloid Leukemia (AML) एक और प्रकार का ब्लड कैंसर है, जो बहुत तेजी से शरीर को प्रभावित करता है। यह अधिकतर वयस्कों में होता है। AML के मामलों में देखा गया है कि इलाज में देरी होने पर पहले कुछ ही महीनों में 15% से 20% मरीजों की जान चली जाती है। इस तरह के मामलों में समय पर इलाज न मिलने का असर सीधा मृत्यु दर पर होता है।

समय पर इलाज क्यों ज़रूरी है?

ब्लड कैंसर एक गंभीर बीमारी है, लेकिन अगर समय पर इसका पता चल जाए और इलाज शुरू हो जाए, तो मरीज की जान बचाई जा सकती है। इसीलिए समय पर इलाज बेहद ज़रूरी है। आइए इसे आसान शब्दों में समझते हैं।

1. जल्दी पहचानना है जरूरी

कई बार लोग यह सोचते हैं कि "ब्लड कैंसर कितना खतरनाक है?" इसका सही जवाब तभी मिल सकता है जब बीमारी को समय पर पहचाना जाए। शुरुआत में इसके लक्षण जैसे थकान, बुखार, वजन कम होना या कमजोरी साधारण लग सकते हैं। लेकिन अगर इन्हें नजरअंदाज किया गया, तो बीमारी बढ़ जाती है। इसलिए जरूरी है कि लक्षणों को पहचानकर जल्द से जल्द जांच करवाई जाए।

2. इलाज की प्रक्रिया आसान और असरदार

शुरुआत में जब बीमारी ज्यादा नहीं बढ़ी होती, तो इलाज करना आसान होता है। दवाएं बेहतर काम करती हैं, और शरीर भी इलाज को जल्दी स्वीकार करता है। इस समय इलाज की लागत भी कम आती है और मरीज को ज़्यादा परेशानी नहीं होती।

3. जीवन बचता है

समय पर इलाज से सर्वाइवल रेट (जीवित रहने की संभावना) बढ़ जाती है। कई मरीज तो पूरी तरह से ठीक भी हो जाते हैं, खासकर बच्चे और युवा। इलाज में देरी होने पर यही बीमारी जानलेवा बन जाती है।

4. खर्च और मनोबल दोनों बचते हैं

अगर बीमारी जल्दी पकड़ में आ जाए, तो इलाज का खर्च कम होता है। साथ ही, मरीज और उसके परिवार का हौसला भी बना रहता है। लंबा और मुश्किल इलाज ना केवल आर्थिक बोझ बढ़ाता है, बल्कि मानसिक तनाव भी देता है।

आज ही परामर्श लें

ब्लड कैंसर एक गंभीर बीमारी है, जो खून की कोशिकाओं को नुकसान पहुँचाकर शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली को कमजोर कर देती है। लोग अक्सर सोचते हैं – "ब्लड कैंसर कितना खतरनाक है?" इसका सीधा जवाब है: बहुत ज़्यादा, खासकर जब इसे समय पर पहचाना और इलाज नहीं किया जाए। इसकी शुरुआत थकान, बुखार, वजन घटना जैसे सामान्य लक्षणों से होती है, जिन्हें लोग अक्सर नज़रअंदाज़ कर देते हैं।

समय पर इलाज न केवल मरीज की जान बचा सकता है, बल्कि उसका इलाज भी आसान और सस्ता होता है। इलाज की शुरुआत जल्दी होने से कीमोथेरेपी और अन्य तकनीकें बेहतर असर करती हैं। मरीज और उसके परिवार का मनोबल भी बना रहता है।

अगर आप ब्लड कैंसर के इलाज के लिए किसी भरोसेमंद अस्पताल की तलाश में हैं, तो Oncare Cancer Hospital एक बेहतरीन ऑप्शन है। यहां एक्सपर्ट डॉक्टर, आधुनिक मशीनें और व्यक्तिगत देखभाल की सुविधा मिलती है।

Expert Insights by Dr. Sukriti Gupta

FAQs (अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न)

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