ब्लैडर कैंसर के लक्षण: कब डॉक्टर से संपर्क करें?

oncare team
Updated on Mar 3, 2026 16:16 IST

By Prashant Baghel

आजकल की व्यस्त जिंदगी में हम काम में उलझने के कारण अपनी हेल्थ पर ध्यान नहीं दे पाते है। हमारा शरीर हमे शारीरिक समस्या होने पर कुछ खास संकेत देता है, लेकिन हम उन्हें पहचान नहीं पाते है। यही से हमारे शरीर में गंभीर रोग लग जाते है, जिनमें से एक है ब्लैडर कैंसर।

आप अगर सही समय पर ब्लैडर कैंसर के लक्षण को जान लेते है तो आपकी जिंदगी बचने की संभावना बढ़ जाती है। यह लक्षण इतने आम होते है जो आजकल अधिकतर लोगों में देखने को मिलते ही है। अगर आप भी ब्लैडर कैंसर के लक्षणों के बारे में जानना चाहते है यह आर्टिकल आपको हर एक जानकारी देगा जैसे कौनसे लक्षणों को आपको गंभीरता से लेना है और कब डॉक्टर से संपर्क करना है।

ब्लैडर कैंसर क्या है?

ब्लैडर कैंसर एक गंभीर बीमारी है जो मूत्राशय के सेल्स से शुरू होते हुए शरीर के अन्य हिस्सों में फैल जाती है. यह ऐसा कैंसर होता है जो पेशाब (Urine) से संबंधित दिक्कतों के कारण बनता है। आपको ब्लैडर कैंसर के लक्षण को हल्के में नहीं लेना चाहिए, यह आगे जाकर आपकी जान तक ले सकता है।

ब्लैडर कैंसर के लक्षण

ब्लैडर कैंसर के लक्षण आपको कभी भी महसूस पर नजरअंदाज नहीं करने चाहिए. अगर आपको यह लक्षण बार बार महसूस होते है तो आपको अपने डॉक्टर से मिलना चाहिए।

1. पेशाब में बार-बार खून आना

पेशाब में खून आना यह एक गंभीर लक्षण है ब्लैडर कैंसर का. कभी अगर आपका पेशाब हल्का गुलाबी, लाल या भूरे रंग का आता है तो यह खतरे की घंटी हो सकती है।

2. बार-बार पेशाब आना

अगर आपको पूरे दिन में बार-बार पेशाब आता है, खासतौर पर रात के समय, तो इसे गंभीरता से ले। यह आपके मूत्राशय में सूजन, ब्लैडर कैंसर या इन्फेक्शन को दिखाता है। आने वाले समय में यह दिक्कत बढ़ सकती है, इसलिए समय रहते डॉक्टर से सलाह ले।

3. पेट के निचले हिस्से और कमर में दर्द

हमारा ब्लैडर पेट के निचले हिस्से में होता है. जब कैंसर ब्लैडर में पैदा होने लगता है तो इससे आसपास के हिस्से भी प्रभावित होते है. जिस कारण पेट के निचले हिस्से या कमर में दर्द उत्पन्न हो सकता है. खासतौर पर पेशाब करते समय, खाते समय या हस्ते समय तेज दर्द महसूस होता है।

4. पेशाब करते में जलन महसूस होना

अक्सर पेशाब करने में जलन या दर्द होने पर हम उसे नजरअंदाज कर देते है, और वहीं से समस्या बढ़ना शुरू होती है। अगर ज्यादा समय तक यह दिक्कत आपको देखने को मिल रही है तो यह आपके ब्लैडर की अंदर के सेल्स में कैंसर की शुरुआत हो सकती है। अगर लंबे समय से आप इसी समस्या से जूझ रहे है तो तुरंत अपने डॉक्टर से मिले।

5. हर समय थकान महसूस होना

अगर आपका शरीर हमेशा थका हुआ और कमजोर महसूस होता है तो यह किसी बीमारी की ओर संकेत करता है। ब्लैडर कैंसर शरीर से एनर्जी को खत्म कर देता है जिससे खून की कमी हो जाती है. इसी वजह से शरीर में कमजोरी महसूस होती है।

6. भूख में कमी आना

अगर हमारे शरीर में कोई बीमारी बनती है तो इसका प्रभाव हमारे मेटापोलिजम और भूख पर पड़ता है। क्या आपका वजन अचानक से कम हो रहा है या आपको भूख कम लगती है। यदि हा तो आपको एक बार अपने डॉक्टर से जरूर संपर्क करना चाहिए।

डॉक्टर से कब मिलना चाहिए?

हमने आपको जो भी लक्षण बताए है:

●   अगर सभी लक्षण 1 हफ्ते से ज्यादा देखने को मिले।

●   लक्षण बार बार आपको देखने को मिल रहे है।

●   इन गंभीर लक्षणों के साथ साथ खून या दर्द जैसी समस्या हो।

अगर आपको यह सभी चीजें महसूस होती है तो आपको डॉक्टर से जल्द से जल्द मिलना चाहिए. जितना जल्दी आप डॉक्टर से मिलेंगे उतना जल्दी बीमारी को रोका जा सकता है.

ब्लैडर कैंसर के कारण

1: स्मोकिंग

ब्लैडर और अन्य कैंसरों का सबसे बड़ा कारण है Smoking (धूम्रपान) करना हैं । अगर आप हुक्का, बीड़ी या सिगरेट पीते है तो इससे आपके शरीर में निकोटीन और अन्य टैक्सी केमिकल जाते है जो शरीर में कैंसर बनाते है. यह जहरीले केमिकल खून के जरिए किडनी से मूत्राशय तक जाते है और पूरी कोशिकाओं को नुकसान पहुंचाते है।

2: यूरिन इन्फेक्शन

अगर आपको लंबे समय से यूरिन इन्फेक्शन है या ब्लैडर स्टोन की समस्या है तो यह आपके ब्लैडर की कोशिकाओं को नुकसान पहुंचाता है। लगातार नुकसान होने से कोशिकाओं में यह ब्लैडर कैंसर बनने लगता है और फैलने लगता है।

3: बार-बार पेशाब रोकना

काफी सारे लोगों को पेशाब रोकने की आदत होती है, वह घंटों तक पेशाब होल्ड करते है. ऐसा करने से आपके ब्लैडर पर बहुत प्रेशर बनता है और मूत्र में होने वाले जहरीले तत्व देर तक ब्लैडर में रहने से Cells को डैमेज करती है. ।

4: साफ पानी न पीना

अगर आप ऐसी जगह रहते है जहां पीने योग्य पानी नहीं आता तो यह आपके शरीर में गंभीर समस्याएं पैदा करता है. शरीर में गंदा पानी जमा होने से ब्लैडर कैंसर के साथ साथ पाचन तंत्र की समस्या भी हो सकती है।

5. आनुवंशिक और उम्र का कारण

अगर आपके परिवार में पहले से किसी को मूत्राशय में दिक्कत या ब्लैडर कैंसर है, तो इससे जींस में फैलने की संभावना अधिक होती है।

एक रिपोर्ट से यह सामने आया है कि 50 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों को ब्लैडर कैंसर का खतरा ज्यादा होता है. ऐसा इसलिए क्योंकि बढ़ती उम्र के कारण कोशिकाएं कमजोर पड़ने लगती है।

ब्लैडर कैंसर की जांच कैसे की जाती है?

ब्लैडर कैंसर के लक्षण पहचानने के बाद जब आप डॉक्टर के पास जाते है. डॉक्टर कई तरह के टेस्ट और जांच करते है जिसकी प्रक्रिया अलग होती है। इससे वह बीमारी की स्थिति और स्टेज की जांच करते है, के यह ठीक होगा के नहीं। समय रहते डॉक्टर से सलाह लेने पर बीमारी से जितना आसान हो जाता है।

1: यूरिन टेस्ट

इस जांच में आपसे पेशाब का सैंपल लिया जाता है, जिसे डॉक्टर जांचते हैं कि कहीं उसमें कैंसर से जुड़ा कोई संकेत तो नहीं है। इससे पेशाब से जुड़ी दूसरी समस्याओं का भी पता लगाया जा सकता है।

2: अल्ट्रासाउंड

अल्ट्रासाउंड के जरिए डॉक्टर पेट के नीचे वाले हिस्से की तस्वीर देखकर यह पता लगाते है कि कही ब्लैडर में कोई सूजन या गांठ तो नहीं है।

3: सिस्टोस्कोपी

सिस्टोस्कोपी ब्लैडर कैंसर की जांच के लिए सबसे भरोसेमंद तरीका है. इसमें एक पतली पाइप ने एक कैमरा लगा कर उसे मूत्रमार्ग के मदद से ब्लैडर में भेजा जाता है। इससे डॉक्टर ब्लैडर के अंदर की सतह को पूरा देख पाते है, की कोई समस्या उत्पन्न हो रही है या नहीं।

4: बायोप्सी

सिस्टोस्कोपी टेस्ट के दौरान अगर डॉक्टर को ब्लैडर में कोई गांठ दिखती है, तो उस गांठ का छोटा सा हिस्सा निकाल कर डॉक्टर उसे lab में टेस्ट करते है. गांठ से पता लगाया जाता है कि वह कैंसर की गांठ है या नहीं।

ब्लैडर कैंसर से बचाव कैसे करें?

ब्लैडर कैंसर से बचाव के लिए आप कुछ अच्छी आदतों को अपना सकते है. यह आदतें ब्लैडर कैंसर के खतरे को काफी हद तक कम करती है.

1: नशा न करे

अगर आप सिगरेट, या तंबाकू का सेवन करते है तो यह आपके अंदर कैंसर का सबसे मुख्य कारण बन सकता है. ।स्मोकिंग और तम्बाकू छोड़ कर आप ब्लैडर कैंसर के खतरे को 50% तक कम कर सकते है।

2: खूब पानी पिएं

शरीर के लिए प्रयाप्त पानी पीने से न सिर्फ ब्लैडर कैंसर का खतरा कम होता है बल्कि अन्य बीमारी भी दूर रहती है. पानी हमारे शरीर से मूत्र के रास्ते टॉक्सिक पदार्थों को बाहर निकाल देता है।

3: हेल्थी डाइट ले

हमारा आहार हमारे शरीर पर पूरी तरह से प्रभाव डालता है. हरि सब्जियां और फल हमारे शरीर से बीमारियों को दूर रखने में मदद करते है. इन सभी में ऐसे तत्व पाए जाते है जो कैंसर से लड़ते है।

4: पेशाब न रोकें

लंबे समय तक पेशाब रोकने से बचे, यह ब्लैडर पर दबाव डालता है. साफ सफाई का भी ख्याल रखें इससे इन्फेक्शन पैदा नहीं होता।

आज ही परामर्श लें

ब्लैडर कैंसर एक गंभीर बीमारी है और ब्लैडर कैंसर के लक्षण को समय रहते समझ लेना चाहिए. अगर आपको बताए गए इन लक्षणों में से कोई भी समस्या होती है तो तुरंत डॉक्टर से मिले.

आप इस गंभीर बीमारी की जांच या ट्रीटमेंट के लिए Oncare Cancer Hospital पर भरोसा कर सकते है. Oncare Cancer Hospital में ब्लैडर कैंसर का बढ़िया से बढ़िया इलाज मिलता है वो भी अनुभवी डॉक्टर और स्टाफ सपोर्ट के साथ।

FAQs (अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न)

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